Thriller Crime Thriller
क्या प्यार करोगे मुझसे?
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"कोई तो होता जिससे मैं भी अपने दिल की बात कहती
पर ये तो मुमकिन ही नहीं!"
"कभी कोई मुझे भी अपनी बाहों में भरकर इकरार करता
पर ये सब तो मेरे ख्वाब हैं हसीं!"
"नहीं चाहिए साथ किसी का अब इस ज़िन्दगी में
क्योंकि कोई साथ निभाये मेरा, ये तो कभी होगा ही नहीं!"
...
पर ये तो मुमकिन ही नहीं!"
"कभी कोई मुझे भी अपनी बाहों में भरकर इकरार करता
पर ये सब तो मेरे ख्वाब हैं हसीं!"
"नहीं चाहिए साथ किसी का अब इस ज़िन्दगी में
क्योंकि कोई साथ निभाये मेरा, ये तो कभी होगा ही नहीं!"
...
"कोई तो होता जिससे मैं भी अपने दिल की बात कहती
पर ये तो मुमकिन ही नहीं!"
"कभी कोई मुझे भी अपनी बाहों में भरकर इकरार करता
पर ये सब तो मेरे ख्वाब हैं हसीं!"
"नहीं चाहिए साथ किसी का अब इस ज़िन्दगी में
क्योंकि कोई साथ निभाये मेरा, ये तो कभी होगा ही नहीं!"
"पहले परिवार ने मुँह मोड़ लिया मुझसे रिश्ता भी तोड़ लिया
जब साथ नहीं कोई अपना तो अब गैरों की भी कोई गुंजाइश बाकी रही नहीं!"
कहानी एक लड़की की जिसकी ख्वाहिशें अब बाकी नहीं सब खत्म सा हो गया है उसके लिए क्या अंत भी यही होगा या होगा कुछ नया सा।
पर ये तो मुमकिन ही नहीं!"
"कभी कोई मुझे भी अपनी बाहों में भरकर इकरार करता
पर ये सब तो मेरे ख्वाब हैं हसीं!"
"नहीं चाहिए साथ किसी का अब इस ज़िन्दगी में
क्योंकि कोई साथ निभाये मेरा, ये तो कभी होगा ही नहीं!"
"पहले परिवार ने मुँह मोड़ लिया मुझसे रिश्ता भी तोड़ लिया
जब साथ नहीं कोई अपना तो अब गैरों की भी कोई गुंजाइश बाकी रही नहीं!"
कहानी एक लड़की की जिसकी ख्वाहिशें अब बाकी नहीं सब खत्म सा हो गया है उसके लिए क्या अंत भी यही होगा या होगा कुछ नया सा।
Chapter
3
Words
3.2K
Updated
2 months ago
Published
Oct 11, 2025
"कोई तो होता जिससे मैं भी अपने दिल की बात कहती
पर ये तो मुमकिन ही नहीं!"
"कभी कोई मुझे भी अपनी बाहों में भरकर इकरार करता
पर ये सब तो मेरे ख्वाब हैं हसीं!"
"नहीं चाहिए साथ किसी का अब इस ज़िन्दगी में
क्योंकि कोई साथ निभाये मेरा, ये तो कभी होगा ही नहीं!"
"पहले परिवार ने मुँह मोड़ लिया मुझसे रिश्ता भी तोड़ लिया
जब साथ नहीं कोई अपना तो अब गैरों की भी कोई गुंजाइश बाकी रही नहीं!"
कहानी एक लड़की की जिसकी ख्वाहिशें अब बाकी नहीं सब खत्म सा हो गया है उसके लिए क्या अंत भी यही होगा या होगा कुछ नया सा।
पर ये तो मुमकिन ही नहीं!"
"कभी कोई मुझे भी अपनी बाहों में भरकर इकरार करता
पर ये सब तो मेरे ख्वाब हैं हसीं!"
"नहीं चाहिए साथ किसी का अब इस ज़िन्दगी में
क्योंकि कोई साथ निभाये मेरा, ये तो कभी होगा ही नहीं!"
"पहले परिवार ने मुँह मोड़ लिया मुझसे रिश्ता भी तोड़ लिया
जब साथ नहीं कोई अपना तो अब गैरों की भी कोई गुंजाइश बाकी रही नहीं!"
कहानी एक लड़की की जिसकी ख्वाहिशें अब बाकी नहीं सब खत्म सा हो गया है उसके लिए क्या अंत भी यही होगा या होगा कुछ नया सा।
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