love After Marriage
सुहागरात ए लव स्टोरी
66.6K
Views
0
Likes
505
Bookmarks
5K
Ratings
क्यों बना दिया उसे एक बुढ़े कि दुल्हन , जिससे करती थी प्यार और बन गई उसकी ही मां ,
**शामली सिर्फ़ 19 साल की थी।** कॉलेज में पढ़ती थी। ज़िंदगी में पहली बार किसी को दिल दिया था — और वो था **आर्यन**। उसके जैसा लड़का पहले कभी नहीं म...
**शामली सिर्फ़ 19 साल की थी।** कॉलेज में पढ़ती थी। ज़िंदगी में पहली बार किसी को दिल दिया था — और वो था **आर्यन**। उसके जैसा लड़का पहले कभी नहीं म...
क्यों बना दिया उसे एक बुढ़े कि दुल्हन , जिससे करती थी प्यार और बन गई उसकी ही मां ,
**शामली सिर्फ़ 19 साल की थी।** कॉलेज में पढ़ती थी। ज़िंदगी में पहली बार किसी को दिल दिया था — और वो था **आर्यन**। उसके जैसा लड़का पहले कभी नहीं मिला था — बेबाक, प्यारा, और सबसे ज़्यादा — उसकी आँखों में इज़्ज़त थी।
आर्यन ने कभी इज़हार नहीं किया, लेकिन शामली को हर बार उसकी नज़रों में कुछ महसूस होता था। और वो भी चुपचाप मुस्कुरा देती थी — जैसे किसी अनकहे रिश्ते को हर दिन जी रही हो।
लेकिन किस्मत को शायद कुछ और मंज़ूर था…
एक दिन अचानक शामली के घर पर एक रिश्ता आया — बड़े खानदान से, जमींदार परिवार से… रिश्ता लाया था **विश्वनाथ प्रताप सिंह**, एक रौबदार आदमी, जिसकी उम्र उसके पापा से भी ज़्यादा थी… और जिसने साफ कहा — “मुझे यही लड़की चाहिए।”
शामली को लगा ये मज़ाक है।
लेकिन नहीं था।
माँ के इलाज़ का खर्चा, पिता की दुकान पर कर्ज़, और छोटे भाई की पढ़ाई… सब कुछ दाँव पर था। और दूसरी तरफ था एक ताक़तवर आदमी — जिसके एक इशारे पर पूरा मोहल्ला झुकता था।
शामली के पास कोई चारा नहीं था।
आर्यन को बताना चाहा — लेकिन उसकी खुद्दारी आड़े आ गई। उसने सोचा, “मैं कौन होता हूँ रोकने वाला? जब उसके बाप ने माँगा है, तो शायद यही उसकी मर्ज़ी है।”
और फिर…
**शादी हो गई।**
सुहागरात आई… और तभी दरवाज़ा खटखटाया **आर्यन ने — बधाई देने।**
दरवाज़ा खुला… और जो देखा — उससे उसकी रूह काँप गई।
जिस लड़की को वो एक साल से चाहता था… आज वो उसके बाप की बीवी बन चुकी थी।
और शामली?
उसने घूँघट के पीछे से वही नज़रें उठाईं — **जो कभी सिर्फ़ आर्यन के लिए मुस्कराया करती थीं।**
अब वो किसी की बहू थी, किसी की पत्नी — लेकिन दिल में अब भी एक अधूरा इश्क़ था… जो ना जी सका, ना मर सका।
ये कहानी सिर्फ़ एक सुहागरात की नहीं,
**एक ऐसी मोहब्बत की है, जिसे अपनी ही आग में जलना पड़ा — रिश्तों की रस्सियों में बँधकर।**
**क्या कोई लड़की खुद से 21 साल बड़े उस मर्द से शादी कर सकती है, जिसे उसने कभी देखा तक नहीं था…?**
**क्यों? कैसे? और फिर क्या हुआ जब पुराने इश्क़ की परछाईं उसी घर में आकर खड़ी हो गई…?**
ये कहानी आपको मोहब्बत, कड़वाहट और बेबसी के उस मोड़ पर ले जाएगी — जहाँ दिल भी हारा हुआ होता है… और रिश्ता भी।
**शामली सिर्फ़ 19 साल की थी।** कॉलेज में पढ़ती थी। ज़िंदगी में पहली बार किसी को दिल दिया था — और वो था **आर्यन**। उसके जैसा लड़का पहले कभी नहीं मिला था — बेबाक, प्यारा, और सबसे ज़्यादा — उसकी आँखों में इज़्ज़त थी।
आर्यन ने कभी इज़हार नहीं किया, लेकिन शामली को हर बार उसकी नज़रों में कुछ महसूस होता था। और वो भी चुपचाप मुस्कुरा देती थी — जैसे किसी अनकहे रिश्ते को हर दिन जी रही हो।
लेकिन किस्मत को शायद कुछ और मंज़ूर था…
एक दिन अचानक शामली के घर पर एक रिश्ता आया — बड़े खानदान से, जमींदार परिवार से… रिश्ता लाया था **विश्वनाथ प्रताप सिंह**, एक रौबदार आदमी, जिसकी उम्र उसके पापा से भी ज़्यादा थी… और जिसने साफ कहा — “मुझे यही लड़की चाहिए।”
शामली को लगा ये मज़ाक है।
लेकिन नहीं था।
माँ के इलाज़ का खर्चा, पिता की दुकान पर कर्ज़, और छोटे भाई की पढ़ाई… सब कुछ दाँव पर था। और दूसरी तरफ था एक ताक़तवर आदमी — जिसके एक इशारे पर पूरा मोहल्ला झुकता था।
शामली के पास कोई चारा नहीं था।
आर्यन को बताना चाहा — लेकिन उसकी खुद्दारी आड़े आ गई। उसने सोचा, “मैं कौन होता हूँ रोकने वाला? जब उसके बाप ने माँगा है, तो शायद यही उसकी मर्ज़ी है।”
और फिर…
**शादी हो गई।**
सुहागरात आई… और तभी दरवाज़ा खटखटाया **आर्यन ने — बधाई देने।**
दरवाज़ा खुला… और जो देखा — उससे उसकी रूह काँप गई।
जिस लड़की को वो एक साल से चाहता था… आज वो उसके बाप की बीवी बन चुकी थी।
और शामली?
उसने घूँघट के पीछे से वही नज़रें उठाईं — **जो कभी सिर्फ़ आर्यन के लिए मुस्कराया करती थीं।**
अब वो किसी की बहू थी, किसी की पत्नी — लेकिन दिल में अब भी एक अधूरा इश्क़ था… जो ना जी सका, ना मर सका।
ये कहानी सिर्फ़ एक सुहागरात की नहीं,
**एक ऐसी मोहब्बत की है, जिसे अपनी ही आग में जलना पड़ा — रिश्तों की रस्सियों में बँधकर।**
**क्या कोई लड़की खुद से 21 साल बड़े उस मर्द से शादी कर सकती है, जिसे उसने कभी देखा तक नहीं था…?**
**क्यों? कैसे? और फिर क्या हुआ जब पुराने इश्क़ की परछाईं उसी घर में आकर खड़ी हो गई…?**
ये कहानी आपको मोहब्बत, कड़वाहट और बेबसी के उस मोड़ पर ले जाएगी — जहाँ दिल भी हारा हुआ होता है… और रिश्ता भी।
Chapter
632
Words
711.5K
Updated
7 hrs ago
Published
Jul 20, 2025
Published Chapters
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 1
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 2
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 3
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 4
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 5
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 6
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 7
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 8
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 9
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 10
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 11
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 12
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 13
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 14
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 15
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 16
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 17
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 18
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 19
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 20
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 21
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 22
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 23
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 24
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 25
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 26
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 27
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 28
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 29
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 30
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 31
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 32
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 33
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 34
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 35
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 36
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 37
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 38
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 39
Free
सुहागरात <br> <br>ए लव स्टोरी - Chapter 40
Free
क्यों बना दिया उसे एक बुढ़े कि दुल्हन , जिससे करती थी प्यार और बन गई उसकी ही मां ,
**शामली सिर्फ़ 19 साल की थी।** कॉलेज में पढ़ती थी। ज़िंदगी में पहली बार किसी को दिल दिया था — और वो था **आर्यन**। उसके जैसा लड़का पहले कभी नहीं मिला था — बेबाक, प्यारा, और सबसे ज़्यादा — उसकी आँखों में इज़्ज़त थी।
आर्यन ने कभी इज़हार नहीं किया, लेकिन शामली को हर बार उसकी नज़रों में कुछ महसूस होता था। और वो भी चुपचाप मुस्कुरा देती थी — जैसे किसी अनकहे रिश्ते को हर दिन जी रही हो।
लेकिन किस्मत को शायद कुछ और मंज़ूर था…
एक दिन अचानक शामली के घर पर एक रिश्ता आया — बड़े खानदान से, जमींदार परिवार से… रिश्ता लाया था **विश्वनाथ प्रताप सिंह**, एक रौबदार आदमी, जिसकी उम्र उसके पापा से भी ज़्यादा थी… और जिसने साफ कहा — “मुझे यही लड़की चाहिए।”
शामली को लगा ये मज़ाक है।
लेकिन नहीं था।
माँ के इलाज़ का खर्चा, पिता की दुकान पर कर्ज़, और छोटे भाई की पढ़ाई… सब कुछ दाँव पर था। और दूसरी तरफ था एक ताक़तवर आदमी — जिसके एक इशारे पर पूरा मोहल्ला झुकता था।
शामली के पास कोई चारा नहीं था।
आर्यन को बताना चाहा — लेकिन उसकी खुद्दारी आड़े आ गई। उसने सोचा, “मैं कौन होता हूँ रोकने वाला? जब उसके बाप ने माँगा है, तो शायद यही उसकी मर्ज़ी है।”
और फिर…
**शादी हो गई।**
सुहागरात आई… और तभी दरवाज़ा खटखटाया **आर्यन ने — बधाई देने।**
दरवाज़ा खुला… और जो देखा — उससे उसकी रूह काँप गई।
जिस लड़की को वो एक साल से चाहता था… आज वो उसके बाप की बीवी बन चुकी थी।
और शामली?
उसने घूँघट के पीछे से वही नज़रें उठाईं — **जो कभी सिर्फ़ आर्यन के लिए मुस्कराया करती थीं।**
अब वो किसी की बहू थी, किसी की पत्नी — लेकिन दिल में अब भी एक अधूरा इश्क़ था… जो ना जी सका, ना मर सका।
ये कहानी सिर्फ़ एक सुहागरात की नहीं,
**एक ऐसी मोहब्बत की है, जिसे अपनी ही आग में जलना पड़ा — रिश्तों की रस्सियों में बँधकर।**
**क्या कोई लड़की खुद से 21 साल बड़े उस मर्द से शादी कर सकती है, जिसे उसने कभी देखा तक नहीं था…?**
**क्यों? कैसे? और फिर क्या हुआ जब पुराने इश्क़ की परछाईं उसी घर में आकर खड़ी हो गई…?**
ये कहानी आपको मोहब्बत, कड़वाहट और बेबसी के उस मोड़ पर ले जाएगी — जहाँ दिल भी हारा हुआ होता है… और रिश्ता भी।
**शामली सिर्फ़ 19 साल की थी।** कॉलेज में पढ़ती थी। ज़िंदगी में पहली बार किसी को दिल दिया था — और वो था **आर्यन**। उसके जैसा लड़का पहले कभी नहीं मिला था — बेबाक, प्यारा, और सबसे ज़्यादा — उसकी आँखों में इज़्ज़त थी।
आर्यन ने कभी इज़हार नहीं किया, लेकिन शामली को हर बार उसकी नज़रों में कुछ महसूस होता था। और वो भी चुपचाप मुस्कुरा देती थी — जैसे किसी अनकहे रिश्ते को हर दिन जी रही हो।
लेकिन किस्मत को शायद कुछ और मंज़ूर था…
एक दिन अचानक शामली के घर पर एक रिश्ता आया — बड़े खानदान से, जमींदार परिवार से… रिश्ता लाया था **विश्वनाथ प्रताप सिंह**, एक रौबदार आदमी, जिसकी उम्र उसके पापा से भी ज़्यादा थी… और जिसने साफ कहा — “मुझे यही लड़की चाहिए।”
शामली को लगा ये मज़ाक है।
लेकिन नहीं था।
माँ के इलाज़ का खर्चा, पिता की दुकान पर कर्ज़, और छोटे भाई की पढ़ाई… सब कुछ दाँव पर था। और दूसरी तरफ था एक ताक़तवर आदमी — जिसके एक इशारे पर पूरा मोहल्ला झुकता था।
शामली के पास कोई चारा नहीं था।
आर्यन को बताना चाहा — लेकिन उसकी खुद्दारी आड़े आ गई। उसने सोचा, “मैं कौन होता हूँ रोकने वाला? जब उसके बाप ने माँगा है, तो शायद यही उसकी मर्ज़ी है।”
और फिर…
**शादी हो गई।**
सुहागरात आई… और तभी दरवाज़ा खटखटाया **आर्यन ने — बधाई देने।**
दरवाज़ा खुला… और जो देखा — उससे उसकी रूह काँप गई।
जिस लड़की को वो एक साल से चाहता था… आज वो उसके बाप की बीवी बन चुकी थी।
और शामली?
उसने घूँघट के पीछे से वही नज़रें उठाईं — **जो कभी सिर्फ़ आर्यन के लिए मुस्कराया करती थीं।**
अब वो किसी की बहू थी, किसी की पत्नी — लेकिन दिल में अब भी एक अधूरा इश्क़ था… जो ना जी सका, ना मर सका।
ये कहानी सिर्फ़ एक सुहागरात की नहीं,
**एक ऐसी मोहब्बत की है, जिसे अपनी ही आग में जलना पड़ा — रिश्तों की रस्सियों में बँधकर।**
**क्या कोई लड़की खुद से 21 साल बड़े उस मर्द से शादी कर सकती है, जिसे उसने कभी देखा तक नहीं था…?**
**क्यों? कैसे? और फिर क्या हुआ जब पुराने इश्क़ की परछाईं उसी घर में आकर खड़ी हो गई…?**
ये कहानी आपको मोहब्बत, कड़वाहट और बेबसी के उस मोड़ पर ले जाएगी — जहाँ दिल भी हारा हुआ होता है… और रिश्ता भी।
Preety Bhatia
सुहागरात
ए लव स्टोरी - Chapter 632 • 2 hours ago
Kiran Jaiswal
सुहागरात
ए लव स्टोरी - Chapter 639 • 3 hours ago
Kiran Jaiswal
सुहागरात
ए लव स्टोरी - Chapter 638 • 1 day ago
Kiran Jaiswal
3 hours ago
nice chapter
0 likes • सुहागरात ए लव स्टोरी - Chapter 639
Kiran Jaiswal
1 day ago
nice chapter👍
0 likes • सुहागरात ए लव स्टोरी - Chapter 638No fan art available for this story yet.
plz next chapter
0 likes • सुहागरात ए लव स्टोरी - Chapter 632