Triangle love - Chapter 2
“अरे इसमें थैंक्स की क्या बात है, ये तो मेरा फ़र्ज़ था। आपके अलावा कोई और भी लड़की होती तो मैं यही करता।”
वैसे मेरा नाम विक्रम है और आपका?
“जी, मेरा नाम रिधिमा है।”
रिधिमा आपके घर पर कौन-कौन है?
विक्रम ने मन ही मन में कुछ सोचते हुए पूछा।
“मैं हूँ और मेरी माँ है।”
“और आपके पापा जी?”
“वो एक्सीडेंट में उनकी डेथ हो गई है।”
“और आपको कोई भाई नहीं है?”
“जी नहीं।”
“अच्छा, मैं चलती हूँ। मुझे देर हो रही है।”
इतना कह के रिधिमा चली जाती है।
उसके जाने के बाद वो गुंडे वापस आ जाते हैं। उनमें से एक ने कहा—
“विक्रम भाई, ये आखीर चक्कर क्या है? पहले आपने हमें पैसे देकर उसे लड़की को छेड़ने के लिए कहा और फिर खुद ही आकर उससे बचाया।”
तू नहीं समझेगा, यह सब मैंने उस लड़की की नज़र में हीरो बनने के लिए किया है। समझा?
“समझ गया भाई, तो अब निकल ले।”
उन लोगों के जाने के बाद विक्रम भी अपने घर चला गया।
रिधिमा अपने घर पहुँच चुकी थी। उसने सोचा, अगर आज विक्रम वक़्त पर नहीं आता तो पता नहीं मेरा क्या होता। आज के समय पर भी अच्छे इंसान होते हैं।
सब कुछ सोचते हुए वह मन ही मन मुस्कुरा रही थी।
अगले दिन रिधिमा बाज़ार से कुछ सामान लेने गई, तो विक्रम भी वहीं मिल गया।
“अरे रिधिमा जी, आप यहाँ?”
“जी, मुझे कुछ सामान लेना था। पर आप यहाँ कैसे? क्या आपको भी कुछ खरीदना था?” रिधिमा ने पूछा।
जी नहीं, मुझे कुछ नहीं खरीदना था। मैं तो बस घूमने के लिए निकला था। और बताइए, कैसी हैं आप?”
“जी, मैं बिल्कुल ठीक हूँ।” रिधिमा ने मुस्कुराते हुए कहा।
“अगर आप फ्री हैं, तो कॉफी पीने चलते हैं।” विक्रम ने कहा।
“जी नहीं, मैं थोड़ा जल्दी में हूँ। अभी मुझे यहाँ से जाने के बाद कॉलेज भी जाना है। तो फिर कभी चलते हैं।”
मैडम, कॉलेज सिर्फ आपको ही नहीं, मुझे भी जाना है। अगर आपको जाना है तो आप मेरे साथ चल सकती हैं।
“मुझे नहीं लगता कि आपको इसमें कोई परेशानी होगी,” विक्रम ने मुस्कुराते हुए कहा।
“नहीं, मुझे थोड़ा और काम भी है। मैं आपके साथ फिलहाल नहीं चल सकती, सॉरी फॉर दैट।”
रिद्धिमा को थोड़ा अजीब महसूस हुआ।
"ओक देन फोन नंबर तो मिल ही सकता है आपका "" नेक्स्ट टाइम मिलने के लिए" विक्रम ने स्माइल करते हुए कहा..हम्म्म ओक्क लिखिए... रिधिमा हंसते हुए अपना फोन नंबर बताने लगी...ओक देन. मिलते हैं बाद में बाय ..बाय कहते हुए रिधिमा वहां से चली जाती है
"कब तक बचती रहोगी एक ना एक दिन तो तुम्हें फंसना ही है", विक्रम ने मन ही मन सोचा और हंसने लगा...
कॉलेज कैंपस:-
जिया और रिद्धिमा बैठे बातें कर रहे थे कि रौनक वहां आ जाता है "क्या बातें हो रही हैं मुझे भी पता चले"
देख ना रौनक मैं कितनी देर से रिद्धिमा से इंसिस्ट कर रही हूँ कि आइसक्रीम खाने चलते हैं पर चलने को मान ही नहीं रही...
कोई नहीं अगर ऐसा है तो आइसक्रीम यहीं मंगा लेते हैं क्यूँ रिद्धिमा?
रौनक ने रिद्धिमा की तरफ देखते हुए पूछा...
नहीं रौनक मेरा मन नहीं है आइसक्रीम का रिद्धिमा ने पप्पी सा फेस बनाते हुए कहा..."
ओह. तो ये बात है तो पिज्जा कैसा रहेगा एक्सीलेंट रिधिमा ने चहकते हुए कहा ओके मैं यूं गया यूं आया रौनक ये कहते हुए निकल गया.."
"क्या बात है रिधिमा रौनक कितने अच्छे से जानता है तुझे कि तू क्या चाहती है तुम दोनों कपल क्यों नहीं बन जाते यार क्या हिट जोड़ी रहेगी... जिया ने रिधिमा को छेड़ते हुए कहा..बस कर यार हम फ्रेंड्स ही सही हैं एक ही तो दोस्त है मेरा.. चल ना अब क्लास में चलते हैं तब तक ...ओके चलते हैं फिर वो दोनों वहां से चली जाती हैं पर कोई था जो उन्हें फॉलो कर रहा था.."
रात का वक्त _
मम्मी मुझे नींद आ रही अब मैं सोने जा रही आपको कोई काम तो नहीं है रिधिमा ने उबासी लेते हुए अपनी मॉम से कहानहीं तुम जाओ सोने कोई काम नहीं है...वो अभी बेड पर आकर लेटी ही थी कि उसका फोन रिंग होने लगा इस वक्त कौन हो सकता है"अज्ञात नंबर स्क्रीन पर फ़्लैश होता देख उसने मन ही मन सोचा"
हेलो कौन....नमस्ते, कौन....
मैं आपका आशिक।
"यह क्या बकवास है, कौन हो तुम?" रिद्धिमा ने गुस्से में कहा।
अरे अरे मैडम, शांत हो जाओ, मैं विक्रम।"
ओह विक्रम तुम!"कैसे हो रिद्धिमा ने हंसते हुए कहा, "
आई'म फाइन कैसी हो तुम और क्या गजब का गुस्सा है तुम्हारा मुझे तो लगा फोन पर ही कच्चा चबा जाओगी"विक्रम की बात पर रिद्धिमा हंस दी
ऐसा भी नहीं है अब
विक्रम:- "ओह तो क्या कर रही हो तुम"
रिधिमा:- "कुछ नहीं बस सोने जा रही थी"
विक्रम:- "इतनी जल्दी"
रिधिमा:- "हां मैं तो इतने ही टाइम सोती हूं"
विक्रम:- तो अब देर से सोने की आदत डाल लो विक्रम ने बुदबुदाते हुए कहा।
ऋधिमा: क्या कहा आपने
विक्रम: नही कुछ नही, बताओ कुछ अपने बारे मे
ऋधिमा: क्या बताऊं बस कॉलेज और पढ़ाई इतनी ही लाइफ है मेरी
विक्रम: अच्छा ये कॉलेज मे एक लड़का जो होता है तुम्हारे साथ वो कौन है?
ऋद्धिमा:- वो तो रौनक है मेरा बेस्टफ्रेंड, आप क्यों पूछ रहे हैं उसे?
विक्रम:- नहीं बस यूंही उसे तुम्हारे साथ कई बार देखा है इसलिए पूछा
ऋद्धिमा:- ओह तो मुझे फॉलो किया जा रहा है क्या बात है ऋद्धिमा ने हंसते हुए कहा।
विक्रम:- हाँ अगर आपको कोई प्रॉब्लम ना हो तो किया जा सकता है
रिद्धिमा:- नही मुझे कोई प्रॉब्लम नही आप करते रहें हँसते हुए रिद्धिमा ने कहा
ओके अब मैं सोने जा रही हूँ कल मिलते है कॉलेज में।गुड नाईट, बाय
कहते हुए रिद्धिमा ने कॉल कट कर दी।
कब तक दूर भागती रहोगी कभी ना कभी तो फसोगी जाल में। विक्रम ने पोइज़नस स्माइल करते हुए कहा।"
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