Triangle love - Chapter 3
“जिया, तूने कल के नोट्स तैयार किए या नहीं?”
“मेरा और रौनक का, दोनों का ही कम्प्लीट हो गया है। रिद्धिमा, बस तू रह गई है। यार, कर क्या रही थी जो कम्प्लीट नहीं कर सकी?” जिया ने सरप्राइज्ड होते हुए रिद्धिमा से पूछा।
“हाँ, वो मैंने सोचा था रात में सारे नोट्स बना लूँगी।” पर ये कहते हुए रिद्धिमा सोच में पड़ गई।
“पर क्या पहली बार हुआ है ऐसा कि तेरे नोट्स रेडी नहीं हैं?” जिया ने हैरानी से कहा।
“हेलो एवरीवन।”
वो दोनों बातें ही कर रही थीं कि पीछे से किसी ने उन्हें आवाज़ दी।
“हेलो।” रिद्धिमा ने रिप्लाई करते हुए कहा।
पर जिया बस सरप्राइज होकर देखे जा रही थी।
“आपके नोट्स अगर रेडी नहीं हैं तो आप मुझे दे दें, मैं कम्प्लीट कर देता हूँ।” विक्रम ने स्माइल करते हुए कहा।
“नो, थैंक्स। मैं बस करने ही जा रही हूँ।” कहते हुए रिद्धिमा बुक्स निकालने लगी।
“फिर भी अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारी कुछ मदद तो कर ही सकता हूँ।” विक्रम ने कहा।
“नहीं, उसकी कोई जरूरत नहीं है।” रिद्धिमा ने फॉर्मल होते हुए कहा।
लगता है तुम मुझे अपना दोस्त नहीं समझती विक्रम ने उन दोनों के पास बैठते हुए कहा
"जिया उन दोनों को हैरानी से एक के बाद एक देखी जा रही थी और सोचे जा रही थी कि इन दोनों में इतनी दोस्ती कब हो गई मुझे तो कुछ पता ही नहीं चला क्योंकि जिया रौनक और रिद्धिमा यह तीनों बहुत ही पुराने दोस्त थे और यह दूसरे से कभी कुछ नहीं छुपाते थे और जिया को यह भी पता था कि रौनक रिद्धिमा को पसंद करता है और जिया भी यही चाहती थी कि रिद्धिमा और रौनक कपल की तरह सेट हो जाये"
वह जितनी अच्छी इन दोनों की दोस्त है इतनी अच्छी शुभचिंतक भी है वह नहीं चाहती थी कि रौनक और रिधिमा के बीच में कोई और आये"
ओए मैडम कहाँ गुम हो रिधिमा ने जिया को इस तरह से गुमसुम बैठे देख कर पूछा?
"नहीं कुछ नहीं," जिया ने चौंकते हुए कहा।
"चलो फिर उठो मेरे नोट्स कब के तैयार हो चुके हैं," रिधिमा ने उठते हुए कहा।
"ओके चलो क्लास का टाइम हो रहा है" कहते हुए दोनों उठ कर चलती इससे पहले विक्रम ने रिधिमा का हाथ पकड़ कर रोक लिया।
"मुझे तुमसे कुछ बात करनी है।"
सॉरी मेरी क्लास का टाइम हो गया है हम फिर कभी बात करेंगे रिधिमा ने अपना हाथ छुड़ाते हुए कहा और जिया को साथ लेकर चली गई"विक्रम उन दोनों को जाता हुआ देखता रहा
क्या हुआ हीरो तुझे क्या लगा इतनी आसानी से पटा लगा उसे विपुल ने हंसते हुए विक्रम से कहा"
"देख मुश्किल हो सकता है पर तेरे भाई के लिए नामुमकिन नहीं है तू तो जानता है ना अपने भाई को"विक्रम ने हंसते हुए फ़्लर्टी वे (flirty way) में बोला...
"चलो देख लेते हैं क्या होता है मैं भी यही हूँ तू भी यही है" विपुल ने कहा।
वह लोग क्लास में पहुँची ही थी कि रौनक उन्हें बेसब्री से इंतज़ार करते हुए दिखाई दिया"
अरे यार रिधिमा मैं तेरा ही इंतज़ार कर रहा था तेरे नोट्स कम्प्लीट हुए या नहीं अभी" रौनक ने परेशान होते हुए पूछा?
"डोंट वरी हो गया है मेरा नोट्स कम्प्लीट अब हम आराम से आइसक्रीम खाने चल सकते हैं क्यों कैसा रहेगा जिया"
"चलते है ना रिधिमा ने जिया की तरफ देखते हुए कहा।
"हां बिल्कुल चलते हैं" जिया खुश होते हुए बोली"
ओ हेलो तुम दोनों ना बस हमेशा खाने की ही फिराक में रहती हो अभी नेक्स्ट पीरियड हमारी बहुत ही इम्पोर्टेन्ट लेक्चर्स होने वाले हैं उसे हम कैसे स्किप कर सकते हैं" रौनक ने उन दोनों को टोकते हुए कहा।
अच्छा तो तब तक हम क्या करें, बोर ही तो हो रहे हैं ना," जिया ने कहा।
"क्यों ना हम तब तक कैंटीन चलते हैं, वह पास भी है और हम वहां से इतने टाइम में आ भी सकते हैं क्लास अटेंड करने के लिए।"रौनक ने सजेशन देते हुए कहा।
शाम का वक्त__
रौनक कहाँ हो बेटा चलो खाना खा लो, पढ़ाई करना अच्छा है पर ऐसा भी नहीं के अब सारा टाइम तुम पढ़ाई में ही घुसे रहो" रौनक की माँ ने रौनक को आवाज़ लगाते हुए कहा
'''बस माँ आ रहा हूँ थोड़ा सा बचा है..'
'नहीं बिल्कुल नहीं अभी चलो और पहले खाना खाओ उसके बाद जो भी करना है वो करना ठीक है" रौनक की माँ ने उसे डाँटते हुए कहा..'
ओके बाबा चल रहा हूँ चलिए'
डाइनिंग टेबल पर बैठते हुए उसने पूछा माँ आज क्या बनाया है:
आज तुम्हारा फ़ेवरेट बनाया है मैंने "गेस करो क्या हो सकता है" रौनक की मां ने उससे पूछा"
"उम्म्म्मम्म... मटर पनीर उसने गेस करते हुए कहा"
"यस मटर पनीर"
"मां जल्दी से सर्व कर दो मुझे तो बहुत जोरों की भूख लग गई"
"बिल्कुल "खा कर बताओ कैसा बना है" रौनक की मां ने कहा..."
"मां आपको पता है आपके हाथ की मटर पनीर रिधिमा को बहुत पसंद है, उसने चहकते हुए बताया...."
"तो किसी दिन उसे घर पर बुलाओ ना बेटा" वैसे भी तुमसे इतनी बातें सुन चुकी हूँ उसकी कि मेरा खुद का दिल करता है कि मैं उससे मिलूँ" मैं भी तो देखूँ वो कैसी है"
जल्दी ही आपको मैं उससे मिलाऊंगा मां, एक्चुअली मैं खुद भी सोच रहा हूं, उससे ही नहीं मैं जिया को भी ज़रूर इनवाइट करूंगा दोनों को साथ ही बुलाऊंगा घर पर"रौनक ने कहा और फिर दोनों बातें करते हुए खाना खाने लगे...-:
रिधिमा का घर :-
रिधिमा जिया से कॉल पर बात कर रही थी, जिया ने पूछा"
अच्छा बता ये जो विक्रम है उसे तू कैसे जानती है"
"रिधिमा ने जिया को अब तक की हुई सारी बात बताई
ओह तो ये बात है वही मैं सोचूं कि तू उसे कैसे जानती है
वैसे ये तो बहुत ही फिल्मी सीन नहीं हुआ, मतलब गुंडों का आना फिर उसका तुझे बचाना" जिया ने हंसते हुए कहा।
"हां अब जो भी है हुआ तो यही था" रिद्धिमा ने कहा।
रिद्धिमा बात ही कर रही थी कि तभी विक्रम का मैसेज आता है....वो मैसेज को पढ़ने ही जा रही थी ओपन करके कि तब तक विक्रम की कॉल आने लगती है
"अच्छा चल ठीक है जिया मैं तुझसे कल बात करती हूं ओके" बाय
कॉल कट की ही थी कि विक्रम की कॉल दोबारा से आने लगी !!
To be continued __