Jinnzade Ki Mohabbat Ch. 2

Jinnzade Ki Mohabbat - Chapter 2

Posted by Miss Aina • Jul 10, 2026 10:15 AM

नैना डरते हुए बोली, मेरे पास मत  आना क्या तुम मुझे मार दोगे देखो प्लीज मुझे मत मारना, ये कहते हुए नैना ने मासूम सी शक्ल बना ली !

उसके चेहरे की मासूमियत देख कर सायान कुछ देर के लिए अपने होश खो बैठता है,फिर मुस्कुराते हुए उसकी तरफ कदम बढ़ाने लगा, नैना पीछे कदम बढ़ाते बढ़ाते एक पेड़ से जा लगी ,

सायान उसके करीब आकर रुका वो नैना के बहुत करीब था उसने अपने दोनो हाथो को नैना के कंधे के बगल रख उस का रास्ता ब्लॉक कर दिया जिससे नैना और ज्यादा डर गई ,

नैना ने उसे धक्का दे दिया वो थोड़ा लड़खड़ा गया

नैना भाग पाती उससे पहले ही सायान ने उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा नैना उसके सीने से जा लगी

कहां भाग रही हो मै तुम्हे कौन सा खा जाऊंगा, सायान मुस्कुराते हुए नैना की आंखो में देखता हुआ बोला !

मुझे छोड़ दो नैना कसमसाते हुए बोली वो अपने आप को छुड़ाने की पूरी कोशिश कर रही थी, पर वो सायान के कंधे तक ही आ रही थी ,

प्लीज मुझे छोड़ दीजिए इस बार उसके आवाज में रिक्वेस्ट थी !

सायान की पकड़ ढीली हो गई मौका पा कर नैना उसकी पकड़ से भाग निकली ,

मैंने तुम्हे बचाया है लड़की कम से कम थैंक्स तो बोलती जाओ , सायांन हस्ते हुए बोला !

नैना ने फिर भी उसे मुड़ कर नही देखा भागते भागते वो थक गई थी मगर उसके पैर अपनी स्कूटी के पास आकर ही रुके स्कूटी स्टार्ट करके वो फुल स्पीड में घर की तरफ निकल गई

सायान अब भी वहीं खड़ा था की तभी उसका फ्रेंड अर्श उसे ढूंढता हुआ पहुंचा, तू यहां क्या कर रहा है ...

उस जंगल से थोड़ी दूरी पर एक खूबसूरत नदी थी जहां पर वो दोनो अक्सर आया करते थे और आज भी वो आए थे !

सायान कहां खोया हुआ है तू अर्श ने उसके सामने हाथ हिलाते हुए कहा

वो जो अब भी बस नैना के बारे में सोच रहा था चौंका कहीं भी नही

तो फिर चले अर्श के कहने पर उसने हां में सर हिला दिया

घर पहुंच कर नैना सीधे अपने कमरे में चली आई कमरे में आकर उसने दरवाजा लॉक कर लिया उसके हाथ पैर कांप रहे थे न जाने वो इतनी दूर स्कूटी चला कैसे ले आई थी बैग रख कर वो बेड पर बेजान सी बैठ गई आज जो हुआ वो किसी को भी नही बता सकती थी  उसकी अम्मी काफी बार उसे खाने के लिए बुला चुकी थी मगर उसने भूख नही है का बहाना कर दिया था रात काफी हो चुकी थी वो अपने कमरे में टहल रही थी नींद तो उसकी आंखो में थी ही नहीं

मुझे लगता है मुझे नींद की गोली खा लेना चाहिए  नैना ने अपने मन में सोचा ये पहली बार नही था !

जब भी नैना वो बुरा सपना देखती थी उसकी नींद ऐसे ही उड़ जाती थी यही कारण था के उसके पास नींद की गोली हमेशा मौजूद रहती थी !

उसने ड्रॉर से  नींद की गोली निकाली और टेबल पर रखा जग उठा कर गिलास में पानी डालने लगी

एक हाथ में गिलास और दूसरे हाथ में नींद की गोली लिए वो फिर हादसे को सोचने लगी, अगर वो लड़के उसके साथ कुछ कर देते तो ये सोच करही उसका दिल दहल का रहा था !

वो अपने दिमाग को शांत करना चाहती थी इसलिए सोना जरूरी था । दवा खा कर वो चुप चाप आंख बंद कर के लेट गई कुछ ही देर बाद उसे नींद भी आ गई ।

रात के 3 बज रहे थे नैना की नींद गहरी हो गई थी तब उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे किसी ने उसके चेहरे को छुआ

वो उठ कर बैठ गई उसे अब भी ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने उसके हाथ पर अपने हाथ रखे हो उसने अपना हाथ खींच लिया मगर वो छूअन नैना अब भी महसूस कर रही थी नैना का दिल अब बस में नहीं था वहां कोई था,  ये सपना नही था ये हकीकत था वो दरवाजा खोल कर सीढ़ियों से नीचे भागती है पर अचानक ही पैर फिसलने से वो सीढ़ियों से गिर जाती है, सर पर चोट लगने की वजह से वो वहीं बेहोश हो गई !

Sk हाउस सुबह 8 बजे =

सायान ब्रेड पर मक्खन लगता रहा था तभी उसकी अम्मी जरीना ने उसे टोका तुम कल रात कहां थे

सायान अब भी खामोशी से  ब्रेड पर मक्खन लगा रहा था"

मैंने तुमसे कुछ पूछा है सायान, तुम मेरी बात भी सुन रहे हो या नहीं जरीना ने थोड़ा सख्त लहजे में कहा !

अच्छा आप मुझसे बात कर रही है हैरत है आपको मेरी फिक्र भी है उसने हंसते हुए कहा ऐसा लग रहा था जैसे वो उन्हें ताना दे रहा हो

फिक्र क्यों नहीं होगी तुम मेरे बेटे हो और हर मां को अपने बच्चे को फिक्र होती है

अच्छा ऐसा है क्या ये फिक्र आपको तब नही हुई जब आप अपने 3 साल के बच्चे को छोड़ कर गई थी, तब आपको क्यों फिक्र क्यों नही हुई बल्कि तब मुझे आपकी ज्यादा जरूरत थी !

तुम जानते भी हो मै तुम्हे क्यों छोड़ कर गई थी तुम मुझे ऐसा कैसे कह सकते हो

मै सब जानता हूं डैड ने मुझे सब बताया था और उनसे गलती हुई थी मगर वो गलती माफ भी की जा सकती थी,

अगर आपने मेरा सोचा होता तब, पर आपने तो इसकी जहमत ही नही की फिर अब आप मुझसे किस चीज की उम्मीद रखती हैं !

वो कुछ बोलने को हुई मगर सायान ने उन्हें हाथ उठा कर रोक दिया_ बस कीजिए मेरे पास इन सारी बातों के लिए वक्त नहीं है आप नाश्ता करके दवा ले लीजिएगा मै ऑफिस जा रहा हूं इतना कह कर वो बाहर निकल आया गाड़ी में बैठ कर उसने गाड़ी स्टार्ट की

गार्ड के गेट खोलते ही वो तेजी से गाड़ी आगे बढ़ा ले गया...

नैना का घर =

नैना ने अपनी आंखें धीरे धीरे खोली वो अपने रूम में बेड पर लेटी हुई थी उसे कल का हादसा याद आया वो उठ बैठी और आइने के सामने जा खड़ी हुई उसने बाल हटा कर अपने माथे को देखा जहां उसे कल चोट लगी थी मगर अब वहां कोई निशान नही था वो सपना नही था हकीकत था उसे याद था पर वो नीचे बेहोश हुई थी फिर अपने कमरे में कैसे आई और उसके चोट के निशान गायब कैसे हो गए,

और रात में कौन था जिसने उसे छुआ ये सोच कर नैना का दिल सहम गया उसे समझ नही आया के ये उसके साथ क्या हो रहा था उसके पास कोई सबूत नहीं था के कल रात जो कुछ भी हुआ सच था लेकिन उसके साथ हुआ था और वो ये कैसे झुटला सकती थी !

नैना नीचे आई उसकी अम्मी किचन में थी और अब्बू टीवी पर न्यूज देख रहे थे, उसने अपने अब्बू की तरफ देखा फिर उनके पास जा कर कंधे पर सर टिका कर बैठ गई वो भी नैना के बालों पर हाथ फेरने लगे वो बहुत कुछ कहना चाहती थी मगर कैसे कहे क्या कहे उसे कुछ समझ नही आया ,

आज कॉलेज नही जाना नैना, उन्होंने नैना की तरफ देख के पूछा !

जाना है नैना ने धीमी आवाज में कहा और उठ कर अपने कमरे में आ गई,

अपना बैग उठा कर वो बाहर निकल आई उसे कल वाली बात याद आई मगर दिल को मजबूत करके वो कॉलेज के लिए निकल पड़ी अब वो कॉलेज जाना तो छोड़ नही सकती थी !

To be continued __

100%