Chapter 4
Jisam Ki Agg - Chapter 4
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क्या फर्क पड़ता है, हम जिंदा रहें या मर जाएं, तेरी जिंदगी में हमारी कोई जगह थोड़ी है। अक्सर लोग पैरों तले कुचल देते हैं सुहाने फूलों को, फिर भी महक बांटते रहते हैं, कोई गुलाब थोड़ी