Chapter 165
महताबे हयात! - Chapter 165
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बढ़ते है कहानी की ओर--- मीरान के ऑफिस जाने के बाद इशाल अपने कमरे में आई । तो ज़ीनत उसके कमरे की सफाई कर रही थी । वह खिड़की के पास रखी कुर्सी पर बैठी , फिर कुछ सोचते हुए वह बोली - "