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Chapter 154

अनचाहा गठबंधन ✨ - Chapter 154

विशाखा को वो दरवाजे के पास खड़ी रही इधर ईवा किचेन के तरफ जाते हुए बोली _ मुझे अब खुद का ज्यादा ख्याल रखना होगा ,, ईवा फ्रिज खोली ओर एक ग्लास मे जूस निकालने लगी ।

अब आगे ....

सारा अपने कमरे में जाते ही बोली _

" मुझे पता था एक दिन ये बदल ही जाएंगी लेकिन मैं भी सारा हूं मुझे जो मौका मिला है उसे मै यूं जाने नहीं दे सकती थी वो ईवा चली जाए उसके बाद तो सारा कंट्रोल मेरे हांथ में होगा फिर तो आप की जरूरत भी मुझे नहीं है मिस विशाखा वेदी वैसे भी आप किसी काम की नहीं है ,, क्योंकि आप के पास दिमाग नाम नहीं की चीज नहीं है जिसने आप को जहा घुमाया आप घूम जाती है इमोशन फूल है और ऐसे लोग मुझे नहीं पसंद है "

सारा बेड पर बैठी घड़ी ध्यान से देखने लगी बस उसे इंतजार था ईवा के मौत का वो आंखे बंद कर ली इधर विशाखा कुछ देर दरवाजे के पास खड़ी रही फिर वो नीचे के तरफ जाने लगी।

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