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Chapter 155

अनचाहा गठबंधन ✨ - Chapter 155

“सर, लड़की ने सही कहा था। बस सारा ने डोज़ ज़्यादा मिला दिया था, इसलिए मैडम की हालत ऐसी हो गई है।”यह सुनते ही इवान की मुट्ठियाँ कस गईं। तभी डॉक्टर उनके सामने आकर खड़े हो गए।

अब आगे .....

अनिल जी गुस्से में विशाखा के पास आए। उनकी आँखें लाल थीं—ऐसा लग रहा था कि इस बार की गलती वह किसी भी हालत में माफ नहीं करेंगे और  न उनका कोई इरादा लग रहा था वहीं मंजरी ने गर्दन हिलाते हुए कहा,

“यही होना बाकी था… आज वो भी हो गया पता नहीं इस घर में हो क्या रहा है ?

उधम जी ने मंजरी जी के हाथ पर अपना हाथ रख दिया। उन्हें भी गहरा अफसोस था कि उनके ही घर में इतना बड़ा हादसा हो गया। किसी ने नहीं सोचा था ऐसा कुछ होगा । ओर किसी को अंदाजा था इस बात का ।

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