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Chapter 153

अनचाहा गठबंधन ✨ - Chapter 153

" बस आज रात कैसे भी मै गुजार लूं कल के बाद नई सुबह होगी क्योंकि तुम  नहीं रहोगी ईवा बिल्कुल नहीं तुम्हारा जाना मैने तय कर दिया है ।इतना कह वो मटकते हुए वहां से निकल गई ।

अब आगे ...

इधर जो लड़की सारा से बात कर रही थी वो फोन रख कर आमने देखती  है जहा पर विशाल बैठा था उस लड़की के चेहरे पर पसीने की बूंदे थी वो घबराहट भरी आवाज में बोली

" आप ने जैसा कहा मैने वैसा ही किया है मैने जहर के बजाय बुखार की दवाई दी है और उससे झूठ बोला बुखार से कोई मर सकता है ऐसा नहीं है बस बुखार हल्का होगा वो ठीक हो जाएंगी आप ने जैसा कहा मैने वो   वैसा किया प्लीज मुझे छोड़ देखिए

लड़की सारा की बेस्ट फ्रेंड थी सारा उससे अपना काम करवाई जिससे वो पकड़ी न जाए ओर न किसी को पता चले उस लड़की ने हांथ जोड़ बोला विशाल के समाने तभी विशाल अपनी जगह से खड़ा होकर बोला

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