Chapter 127
Chapter 127 (आरती!)
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शाम का समय था जब सिद्धांत का बायां हाथ रह रह कर बार-बार उसके पेट पर जा रहा था पर शायद इस बात पर किसी का ध्यान नहीं गया। सभी भक्तों के वापस आते ही राहुल और रोहित मन्दिर के लोगों के