Chapter 128
इश्क या जुनुन - Chapter 128
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"अविका खड़ी होकर यही सब सोच रही थी। तभी अर्पिता ने अभी का के कंधे पर हाथ रखकर कहा" क्या हुआ अवि घर चले या तुझे और कुछ लेना है। "अविका ने मन में कहा" मतलब वीर यह