Chapter 87
इश्क या जुनुन - Chapter 87
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विरांश ने अविका को देखा। और फिर अविका के बगल में आकर लेट गया। उसने अविका के गाल पर हाथ रखकर कहा" यार तुमने तो मुझे डरा ही दिया था। शायद कल रात बारिश में भीगने की वजह से तुम्हा