इश्क दफन ए राज - Chapter 2
अधि बिना वान्या की बात सुने उसे खींचकर घर के सामने लाते हुए कहती हैं " ओ ज्ञान की देवी याद करो अपनी मजबुरियों को जब देखो बिन मतलब का ज्ञान देती रहती हो और जो अहसास होने आ रहा है न तुमको वो अमीरी का है और कुछ नहीं"
वान्या के पास बहुत सारे तर्क थे पीछे हटने को पर मजबुरियों ने उसके शब्दों को जबान से बाहर झांकने भी न दिया और उसे भी पता है यही इकलौता रास्ता है
अधि इधर उधर देखती है कि कोई देख तो नहीं रहा और जब हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ देखा तो मुस्कुराते हुए कहती हैं आज तो ऊपरवाला भी मेहरबान है मुझ पर अच्छे दिन आने वाले हैं और वान्या के कंधे पर हाथ मारते हुए कहती हैं चल किस्मत का दरवाजा खोलते हैं
वान्या झिझकते हुए कहता है पर म मम्म मैं कैसे खोल सकती हुं मुझे नहीं आता
अधि अपने गुस्से को काबु करते हुए कहती हैं ठीक है मैं करती हूं तु घुस तो जाएगी ना या वो भी नहीं आता 😏
अधि अपने सालों के अनुभव से चुटकियों में ताला खोल देती है वान्या उसके इस टेलेंट को देख कर उसे मुंह खोल कर देखती रह जाती है
थोड़ी ही देर में वो दोनों उस घर के अंदर आ जाती है अंदर से वो घर बिल्कुल अलग दिख रहा था जहां बाहर से वो घर खंडहर पुराना और वीरान नजर आता वहीं अंदर से बिल्कुल ही अलग सजा हुआ साफ सुंदर ये बहुत अजीब था उन दोनों के लिए
उस घर की तेज रोशनी में उन दोनों के चेहरे चमक रहे थे जो कि अंधेरे में बाहर बिल्कुल भी दिखाई नहीं पड़ रहे थे.. वान्या घर कि हर एक चीज को बड़े गौर से देखती है वो समझ ही नहीं पा रही थी इस घर में सब चीजें इतने करीने से साफ सुथरी कैसे सजी हुई है वहीं अधि अपना सर खुजाते हुए इधर उधर देख रही थी उसे बस ये सोचना था कहां से शुरू करें घर को टटोलना
तभी उन दोनों को किसी के आने की आहट हुई उन दोनों को कुछ समझ नहीं आया ये घर तो खाली था यहां कोई कैसे हो सकता है वो दोनों हड़बड़ाहट में जल्दी से छुप जाते हैं देखने के लिए कि कौन है
अधि वान्या को देखते हुए कहती हैं मुझे तो लगता है हमसे पहले कोई और हाथ मारने आया है, वरना कौन इस खंडहर में भटकता है
तभी एक लड़की जिसने सुर्ख लाल रंग के कपड़े पहन रखे थे उसके लम्बे घने काले बाल खुद अपने आप में रात को समाए हुए थे और उसका दुध सा सफ़ेद रंग उसको देख कर वान्या अधि को देखते हुए कहती हैं नहीं इतनी सुन्दर और शरीफ सी लड़की थोड़ी न चोर हो सकती है और वैसे भी ये कितने आराम से घुम रही है यहां ये चोर हो ही नहीं सकती
अधि अपनी नजरों से भस्म कर देने वाले भाव से उसे देखते हुए कहती हैं क्या मैं क्या सुंदर नहीं हुं 😏 और शरीफ तो तु भी बहुत बनती है 🙄 यहां हवन करने तो नहीं आई है 😏 बड़ी आई मुझे देख कर ही तु ये सब बातें करती है किसी दिन ना मुझे तेरी वजह से सारे चोरी के पैसे वकीलों को देने पड़ेंगे
वान्या उसे शांत कराते हुए कहती हैं अरे नहीं नहीं मैं ऐसा कुछ नहीं कहना चाहती थी मैं तो बस
अधि उसे बीच में टोकते हुए कहती हैं ये चाशनी बाद में टपकाना मुंह से पहले इस लाल परी को देखने दे
वो लड़की काफी देर तक वहीं बैठीं रही उसके हाथ में एक किताब थी अधि मन ही मन कह रही थी बस कर बहन आज ही पढ़कर दुनिया का सारा ज्ञान खत्म कर देगी क्या
ऐसा लगा जैसे उसने अधि के मन की बात सुन ली हो और किताब वहीं पर बंद करके रख दी और लाइट बंद कर चली गई...
उसके जाते ही अधि दबे पांव से घर की एक एक चीज को टटोलना शुरू कर देती है और वान्या वहीं पर बैठी रही
अधि टटोले मारते हुए एक कमरे में पहुंची वहां रखी अलमारी का ताला खोला बिल्कुल वैसे ही जैसे गेट का ताला खोला तभी उसे याद आता है गेट पर ताला और अंदर ये लाल परी खैर उसे तो खजाने से मतलब है सोचते हुए वो अलमारी खोलती है और अलमारी को देख कर उसका तो दिल गार्डन गार्डन हो गया
वो अपने पीछे देखती है उसे किसी के होने का अहसास हुआ उसे लगा वान्या है पीछे किसी को ना पाकर वो वान्या को कोसते हुए कहती हैं डरपोक कहीं की फालतू का ज्ञान बांटना आता है बस😏 हुंह पता नहीं खुद को किस रियासत की राजकुमारी समझती है मेहनत मेरी तो ये सब भी मेरा
वो अपना ध्यान वान्या से हटाकर फिर अलमारी पर लगाती है वहां रखे गहनों की चमक देख कर अधि की आंखें भी चमक उठी उसने पहले तो सब चीजों को जी भर देखा और फिर बिना वक्त गंवाए उन सब गहनों को समेटते हुए अपने बैग में भर लेती है और कमरे से बाहर निकल कर वान्या को ढुंढती है वो उसे कहीं दिखाई नहीं देती
तभी उसके कंधे पर उसे एक हाथ महसूस हुआ वो पीछे मुड़कर देखती है तो कोई नहीं होता है वो इधर उधर देखती है तो उसे वान्या पीछे खड़ी थी,
वो भी अपने बैग में कुछ भर रही थी ये देख कर अधि को बहुत खुशी और गर्व महसूस करती है
तभी उसे याद आता है सब कुछ समेट ही लिया है तो चलना चाहिए
वो वान्या का हाथ पकड़ कर दरवाज़े के पास पहुंची और दरवाजा खोलने को हुई पर इससे पहले की वो दरवाजा खोलती उससे पहले ही पीछे से एक आवाज आई रूको....!!!
इस आवाज ने जैसे उन दोनों कि किस्मत के ताले की चाबी को छिन कर बहती नदी में डाल दिया उनसे न तो जाने को हो रहा था ना ही पीछे मुड़ने को वो जहां थी बस वहीं रह गई ..... वान्या का दिल डर के मारे जोरों से धड़कने लगा
जारी है...😌😌