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Chapter 43

रात में पलक का डरना - Chapter 43

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पलक की आँखों से आँसू फिर से बहने लगे और उसके मुँह से एक ही शब्द निकल रहा था, "मैं यहाँ नहीं रहूँगी... मुझे... मुझे अपने घर जाना है!" वेद अच्छे से देख सकता था कि वह किस कदर डर चुकी

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