Chapter 36
वेद को पलक का फिक्र हुआ - Chapter 36
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पलक धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। उसका दिल और दिमाग दोनों काम करना बंद कर चुके थे। वह बस चलती जा रही थी। रो-रोकर उसकी आँखें पूरी तरह लाल हो गई थीं। कहाँ जाना है, उसे कुछ भी समझ में नही