Chapter 49
आदि का भागना। - Chapter 48
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आगे। शाम हो गई थी। पुरा हेल आज सन्नाटे मे पसरा हुआ था। सभी की आँखों से खामोशी से आँसू बह रहे थे ऊपर से अलोक जी और श्लोक जी कॉल पिक नहीं कर रहे थे। शिव का भी कुछ आता पता नहीं था। इस