Chapter 31
घर का हाल बेहाल। - Chapter 30
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आगे। रात हो चुकी थी सभी ने अपने अपने हिसाब से होली मना ली थी। इस समय पुरा गार्डन रंगो से भरा हुआ था पर वहा कोई मौजूद नहीं था। वाही हॉल मे जहाँ साधना जी दादी जी और संध्या जी अभी अभी