Chapter 2
तेरी रज़ा इश्क़ मेरी सज़ा इश्क़ - Chapter 2
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महादेव मुझे इक अलग ब्रम्हांड चाहिए,, जिसका नायक भी मैं हूं और खलनायक भी मैं,, तथास्तु। हां हां हां हां,,, वो अपने रियल रूप में आता है तो,, भोलेनाथ अपनी आंखें बंद करके अपनी त्रिनेत्