Mystery Adventure Mystery
तेरी रज़ा इश्क़ मेरी सज़ा इश्क़
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कहते हैं सितारे गहरे अंधेरे में ज्यादा टिमटिमाते हैं,,
लेकिन चांद के बगैर वो भी तन्हा तन्हा नजर आते हैं,,
वैमपायर जहन्नुम की आग में जलते हैं और एम्पायर किक्रेट के नियम कायदों पर चलते हैं,, फिल्डिंग पहले हों या बैटिंग,, जीतने के लिए अपनी टीम पर वि...
लेकिन चांद के बगैर वो भी तन्हा तन्हा नजर आते हैं,,
वैमपायर जहन्नुम की आग में जलते हैं और एम्पायर किक्रेट के नियम कायदों पर चलते हैं,, फिल्डिंग पहले हों या बैटिंग,, जीतने के लिए अपनी टीम पर वि...
कहते हैं सितारे गहरे अंधेरे में ज्यादा टिमटिमाते हैं,,
लेकिन चांद के बगैर वो भी तन्हा तन्हा नजर आते हैं,,
वैमपायर जहन्नुम की आग में जलते हैं और एम्पायर किक्रेट के नियम कायदों पर चलते हैं,, फिल्डिंग पहले हों या बैटिंग,, जीतने के लिए अपनी टीम पर विश्वास जरूरी है।
ये कहानी नहीं दास्तां ए इश्क हैं,, जो शुरू कहा से हुई किसी को नहीं मालूम लेकिन कहानी की एंडिंग सब को ज़ुबानी याद है।
वो लहू की बारीश वो दरीया जहन्नुम का,, जिंदा दफन हुआ कहानी का इक किरदार बीते जमाने में,, वो आग था तुफान था,, वो जिंदादिली इंसान था,, हकिकत से अंजान था,, वो वैंपायर, इक शैतान था।
ज्वाला को शांत करना आसान नहीं होता,, यामिनी,, वो खोलता हुआ लावा था जहन्नुम का,, उसे शांत करने के लिए ना इक नदी की ना ठंडी हवा की लहर काफी थी,, वो कई सालों से हठयोग कर रहा था,, उसके पास वो पावर थी जो जहन्नुम कि आग को भी शांत कर सकतीं थी,, लेकिन उसे जहन्नुम कि आग को शांत करने में कोई रूचि नहीं थी।
तो फिर उसकी रूचि थी किस में?? वो हठयोग कर क्यों रहा था?? बताइए ना गुरुदेव,,,
वो चाहता था अपने लिए इक अलग ब्रम्हांड जिसका नायक भी वो खुद हो,, और खलनायक भी खुद हो,, उसने हठयोग से महादेव कों प्रसन्न तो कर लिया लेकीन इक गलती उससे हो गई,,
कैसी गलती गुरूदेव?? क्या उसी गलती कि वजह से उसका अन्त हुआ??
नहीं यामिनी,, उसका अन्त नहीं हुआ,, उसे महादेव से वरदान मिला वो अनन्त काल तक जीवित रहेगा,, लेकिन जिस दिन वो अपने इक अलग ब्रम्हांड की उत्पत्ति करेगा उसी दिन उसकी मृत्यु हो जाएगी।
लेकिन चांद के बगैर वो भी तन्हा तन्हा नजर आते हैं,,
वैमपायर जहन्नुम की आग में जलते हैं और एम्पायर किक्रेट के नियम कायदों पर चलते हैं,, फिल्डिंग पहले हों या बैटिंग,, जीतने के लिए अपनी टीम पर विश्वास जरूरी है।
ये कहानी नहीं दास्तां ए इश्क हैं,, जो शुरू कहा से हुई किसी को नहीं मालूम लेकिन कहानी की एंडिंग सब को ज़ुबानी याद है।
वो लहू की बारीश वो दरीया जहन्नुम का,, जिंदा दफन हुआ कहानी का इक किरदार बीते जमाने में,, वो आग था तुफान था,, वो जिंदादिली इंसान था,, हकिकत से अंजान था,, वो वैंपायर, इक शैतान था।
ज्वाला को शांत करना आसान नहीं होता,, यामिनी,, वो खोलता हुआ लावा था जहन्नुम का,, उसे शांत करने के लिए ना इक नदी की ना ठंडी हवा की लहर काफी थी,, वो कई सालों से हठयोग कर रहा था,, उसके पास वो पावर थी जो जहन्नुम कि आग को भी शांत कर सकतीं थी,, लेकिन उसे जहन्नुम कि आग को शांत करने में कोई रूचि नहीं थी।
तो फिर उसकी रूचि थी किस में?? वो हठयोग कर क्यों रहा था?? बताइए ना गुरुदेव,,,
वो चाहता था अपने लिए इक अलग ब्रम्हांड जिसका नायक भी वो खुद हो,, और खलनायक भी खुद हो,, उसने हठयोग से महादेव कों प्रसन्न तो कर लिया लेकीन इक गलती उससे हो गई,,
कैसी गलती गुरूदेव?? क्या उसी गलती कि वजह से उसका अन्त हुआ??
नहीं यामिनी,, उसका अन्त नहीं हुआ,, उसे महादेव से वरदान मिला वो अनन्त काल तक जीवित रहेगा,, लेकिन जिस दिन वो अपने इक अलग ब्रम्हांड की उत्पत्ति करेगा उसी दिन उसकी मृत्यु हो जाएगी।
Chapter
20
Words
13K
Updated
2 months ago
Published
Apr 11, 2025
Published Chapters
तेरी रज़ा इश्क़ मेरी सज़ा इश्क़ - Chapter 1
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तेरी रज़ा इश्क़ मेरी सज़ा इश्क़ - Chapter 20
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कहते हैं सितारे गहरे अंधेरे में ज्यादा टिमटिमाते हैं,,
लेकिन चांद के बगैर वो भी तन्हा तन्हा नजर आते हैं,,
वैमपायर जहन्नुम की आग में जलते हैं और एम्पायर किक्रेट के नियम कायदों पर चलते हैं,, फिल्डिंग पहले हों या बैटिंग,, जीतने के लिए अपनी टीम पर विश्वास जरूरी है।
ये कहानी नहीं दास्तां ए इश्क हैं,, जो शुरू कहा से हुई किसी को नहीं मालूम लेकिन कहानी की एंडिंग सब को ज़ुबानी याद है।
वो लहू की बारीश वो दरीया जहन्नुम का,, जिंदा दफन हुआ कहानी का इक किरदार बीते जमाने में,, वो आग था तुफान था,, वो जिंदादिली इंसान था,, हकिकत से अंजान था,, वो वैंपायर, इक शैतान था।
ज्वाला को शांत करना आसान नहीं होता,, यामिनी,, वो खोलता हुआ लावा था जहन्नुम का,, उसे शांत करने के लिए ना इक नदी की ना ठंडी हवा की लहर काफी थी,, वो कई सालों से हठयोग कर रहा था,, उसके पास वो पावर थी जो जहन्नुम कि आग को भी शांत कर सकतीं थी,, लेकिन उसे जहन्नुम कि आग को शांत करने में कोई रूचि नहीं थी।
तो फिर उसकी रूचि थी किस में?? वो हठयोग कर क्यों रहा था?? बताइए ना गुरुदेव,,,
वो चाहता था अपने लिए इक अलग ब्रम्हांड जिसका नायक भी वो खुद हो,, और खलनायक भी खुद हो,, उसने हठयोग से महादेव कों प्रसन्न तो कर लिया लेकीन इक गलती उससे हो गई,,
कैसी गलती गुरूदेव?? क्या उसी गलती कि वजह से उसका अन्त हुआ??
नहीं यामिनी,, उसका अन्त नहीं हुआ,, उसे महादेव से वरदान मिला वो अनन्त काल तक जीवित रहेगा,, लेकिन जिस दिन वो अपने इक अलग ब्रम्हांड की उत्पत्ति करेगा उसी दिन उसकी मृत्यु हो जाएगी।
लेकिन चांद के बगैर वो भी तन्हा तन्हा नजर आते हैं,,
वैमपायर जहन्नुम की आग में जलते हैं और एम्पायर किक्रेट के नियम कायदों पर चलते हैं,, फिल्डिंग पहले हों या बैटिंग,, जीतने के लिए अपनी टीम पर विश्वास जरूरी है।
ये कहानी नहीं दास्तां ए इश्क हैं,, जो शुरू कहा से हुई किसी को नहीं मालूम लेकिन कहानी की एंडिंग सब को ज़ुबानी याद है।
वो लहू की बारीश वो दरीया जहन्नुम का,, जिंदा दफन हुआ कहानी का इक किरदार बीते जमाने में,, वो आग था तुफान था,, वो जिंदादिली इंसान था,, हकिकत से अंजान था,, वो वैंपायर, इक शैतान था।
ज्वाला को शांत करना आसान नहीं होता,, यामिनी,, वो खोलता हुआ लावा था जहन्नुम का,, उसे शांत करने के लिए ना इक नदी की ना ठंडी हवा की लहर काफी थी,, वो कई सालों से हठयोग कर रहा था,, उसके पास वो पावर थी जो जहन्नुम कि आग को भी शांत कर सकतीं थी,, लेकिन उसे जहन्नुम कि आग को शांत करने में कोई रूचि नहीं थी।
तो फिर उसकी रूचि थी किस में?? वो हठयोग कर क्यों रहा था?? बताइए ना गुरुदेव,,,
वो चाहता था अपने लिए इक अलग ब्रम्हांड जिसका नायक भी वो खुद हो,, और खलनायक भी खुद हो,, उसने हठयोग से महादेव कों प्रसन्न तो कर लिया लेकीन इक गलती उससे हो गई,,
कैसी गलती गुरूदेव?? क्या उसी गलती कि वजह से उसका अन्त हुआ??
नहीं यामिनी,, उसका अन्त नहीं हुआ,, उसे महादेव से वरदान मिला वो अनन्त काल तक जीवित रहेगा,, लेकिन जिस दिन वो अपने इक अलग ब्रम्हांड की उत्पत्ति करेगा उसी दिन उसकी मृत्यु हो जाएगी।
Raj rajguru Raj rajguru
तेरी रज़ा इश्क़ मेरी सज़ा इश्क़ - Chapter 2 • 5 months ago
Sanjay Jangird
तेरी रज़ा इश्क़ मेरी सज़ा इश्क़ - Chapter 14 • 5 months ago
Sanjay Jangird
तेरी रज़ा इश्क़ मेरी सज़ा इश्क़ - Chapter 15 • 5 months ago
Surya Rathore
1 year ago
The plot development is top-notch.
1 likes • तेरी रज़ा इश्क़ मेरी सज़ा इश्क़ - Chapter 5
Pranab Chandran
1 year ago
यह मोड़ अप्रत्याशित था!
1 likes • तेरी रज़ा इश्क़ मेरी सज़ा इश्क़ - Chapter 5No fan art available for this story yet.
words in this chapter are so amazing 😍😍
3 likes • तेरी रज़ा इश्क़ मेरी सज़ा इश्क़ - Chapter 1