Chapter 111
When villianess becomes heroine - Chapter 111
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
इशानी समझ गई थी कि अभय क्या कहना चाहता है। वह उसे मना कर सकती थी, लेकिन उसके दिल को रोक नहीं सकती थी। घर पहुँचकर इशानी बहुत देर तक सदमे में बैठी रही। जो नामुमकिन था, वह सच हो गया थ