Chapter 39
When villianess becomes heroine - Chapter 39
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अनु बोलते-बोलते रोने लगी। "बचपन में ही मेरी माँ गुज़र गयीं। मेरे डैड हमेशा काम में बिज़ी रहते थे। अभय ने ही सबसे ज़्यादा मेरा ध्यान रखा है। तुम समझ भी नहीं सकतीं, वो मेरे लिए क्या हैं