Chapter 218
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218 मृत्युंजय का शक कनक अपने मन में यह बात सोच ही रही थी कि तभी मृत्युंजय सीधे वहाँ से उठकर अपने कमरे में चला गया। कनक वहीं पर चुपचाप खड़ी थी। तभी आशीष उसके पास आकर बोला, "कनक! जाओ