Romance Young Adult Romance
You are only mine!
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यह कहानी है, मुंबई के एक बड़े और मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट मृत्युंजय सिंघानिया की, अमीर और फेमस होने की वजह से उसके पीछे न जाने कितनी लड़कियां दीवानी है उसने आज तक कभी किसी को भी मुड़कर नहीं देखा अपनी लाइफ में किसी को आने की इजाजत देना तो बहुत दूर की बात है क्य...
यह कहानी है, मुंबई के एक बड़े और मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट मृत्युंजय सिंघानिया की, अमीर और फेमस होने की वजह से उसके पीछे न जाने कितनी लड़कियां दीवानी है उसने आज तक कभी किसी को भी मुड़कर नहीं देखा अपनी लाइफ में किसी को आने की इजाजत देना तो बहुत दूर की बात है क्योंकि वह अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीता है, वह किसी की बात नहीं सुनता और ना ही उस के आगे किसी की बोलने की हिम्मत होती है क्योंकि अपने नाम के ही तरह मृत्युंजय भी बहुत खतरनाक है, उसकी आंखों में सब को अपनी मौत नजर आती है लेकिन सब कुछ बदल जाता है जब एक दिन वह टकरा जाता है प्यारी सी मासूम ईशान्वी से जो के 19 साल की अनाथ लड़की है और पहली नजर में वह लड़की मृत्युंजय के दिलों दिमाग में बस जाती है और उसे पाने का जुनून हो जाता है मृत्युंजय के सर पर सवार जिसके लिए वह कर देता है सारी हदें पार, अपनी सिंपल लाइफ में अचानक आए मृत्युंजय नाम के इस तूफान से कैसे बच पाएगी ईशान्वी? क्या ईशान्वी समझ पाएगी मृत्युंजय के लिए अपने जुनून और पागलपन को? क्या ईशान्वी कभी बचकर निकल पाएगी वहां से या हमेशा के लिए रह जाएगी उसकी कैद में? क्या बदलेगा मृत्युंजय और ईशान्वी की जिंदगी में एक दूसरे के साथ होने पर जानने के लिए पढ़िए मेरी ये कहानी
Chapter
280
Words
493.5K
Updated
8 hrs ago
Published
Dec 28, 2024
Published Chapters
You are only mine! - Chapter 1
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You are only mine! - Chapter 2
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You are only mine! - Chapter 3
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You are only mine! - Chapter 4
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You are only mine! - Chapter 5
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You are only mine! - Chapter 40
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यह कहानी है, मुंबई के एक बड़े और मशहूर इंडस्ट्रियलिस्ट मृत्युंजय सिंघानिया की, अमीर और फेमस होने की वजह से उसके पीछे न जाने कितनी लड़कियां दीवानी है उसने आज तक कभी किसी को भी मुड़कर नहीं देखा अपनी लाइफ में किसी को आने की इजाजत देना तो बहुत दूर की बात है क्योंकि वह अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीता है, वह किसी की बात नहीं सुनता और ना ही उस के आगे किसी की बोलने की हिम्मत होती है क्योंकि अपने नाम के ही तरह मृत्युंजय भी बहुत खतरनाक है, उसकी आंखों में सब को अपनी मौत नजर आती है लेकिन सब कुछ बदल जाता है जब एक दिन वह टकरा जाता है प्यारी सी मासूम ईशान्वी से जो के 19 साल की अनाथ लड़की है और पहली नजर में वह लड़की मृत्युंजय के दिलों दिमाग में बस जाती है और उसे पाने का जुनून हो जाता है मृत्युंजय के सर पर सवार जिसके लिए वह कर देता है सारी हदें पार, अपनी सिंपल लाइफ में अचानक आए मृत्युंजय नाम के इस तूफान से कैसे बच पाएगी ईशान्वी? क्या ईशान्वी समझ पाएगी मृत्युंजय के लिए अपने जुनून और पागलपन को? क्या ईशान्वी कभी बचकर निकल पाएगी वहां से या हमेशा के लिए रह जाएगी उसकी कैद में? क्या बदलेगा मृत्युंजय और ईशान्वी की जिंदगी में एक दूसरे के साथ होने पर जानने के लिए पढ़िए मेरी ये कहानी
kumkum srivastava
You are only mine! - Chapter 4 • 1 month ago
Ganesh Moolya
You are only mine! - Chapter 85 • 2 months ago
Parth s
You are only mine! - Chapter 189 • 2 months ago
Ganesh Moolya
2 months ago
nice story
0 likes • You are only mine! - Chapter 85
Ganesh Moolya
2 months ago
nice 👍
0 likes • You are only mine! - Chapter 72No fan art available for this story yet.
good
0 likes • You are only mine! - Chapter 4