Chapter 45
बंधन ( एक मर्यादा ) - Chapter 45
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बिहार (मधुबनी) निधि अपने घर जा चुकी थी और नारायण जी भी आ चुके थे। वे घर में आते ही सबको हॉल में बैठे हुए देखते हैं, लेकिन राज उन्हें कहीं भी नज़र नहीं आता। नारायण जी (हाथ पैर धोते