कभी ऐसा वक्त आता है जब इंसान बिल्कुल अकेला रह जाता है। ना कोई सुनने वाला होता है, ना कोई समझने वाला। दिल अंदर से टूटता है, लेकिन बाहर सबको सिर्फ मुस्कान दिखती है। अपने कहे जाने वाले लोग भी दूर हो जाते हैं, और जिनसे उम्मीद होती है, वही सबसे ज़्यादा दर्द दे जाते हैं। किसी ने भी साथ नहीं दिया, बस ये जताते रहे कि "रिश्ते" क्या होते हैं। पर इन रिश्तों ने क्या दिया? बस तन्हाई, सवाल और अधूरी उम्मीदें। जब ज़रूरत थी साथ की, तब सबने मुँह मोड़ लिया... और छोड़ गए सिर्फ खालीपन।
Hindi
Romance
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Chapter 1
रिश्ते नाम के - Chapter 1 -
Chapter 2
रिश्ते नाम के - Chapter 2 -
Chapter 3
रिश्ते नाम के - Chapter 3 -
Chapter 4
रिश्ते नाम के - Chapter 4 -
Chapter 5
रिश्ते नाम के - Chapter 5 -
Chapter 6
रिश्ते नाम के - Chapter 6 -
Chapter 7
रिश्ते नाम के - Chapter 7 -
Chapter 8
रिश्ते नाम के - Chapter 8 -
Chapter 9
रिश्ते नाम के - Chapter 9 -
Chapter 10
रिश्ते नाम के - Chapter 10 -
Chapter 11
रिश्ते नाम के - Chapter 11 -
Chapter 12
रिश्ते नाम के - Chapter 12 -
Chapter 14
रिश्ते नाम के - Chapter 14