जिस लड़के की दीवानगी की मिसालें दी जाती थीं, किस्मत ने आर्ची की शादी उसी से करवा दी। आर्ची अपनी किस्मत पर नाज़ कर ही रही थी कि विश्रांत ने एक ऐसा ज़हर उगला जिसने उसकी रूह कंपा दी—"तुम्हारा चेहरा देखना तो दूर, मैं तुम्हारा साया भी अपने ऊपर नहीं पड़ने दूँगा!" बिना चेहरा देखे, अपनी ही मोहब्बत को ठुकराने वाला विश्रांत आखिर किस धोखे की आग में जल रहा है? जब एक ही छत के नीचे होगी नफ़रत, और बाहर शुरू होगा अनजाने प्यार का एक ख़तरनाक खेल... तो क्या मोड़ लेगी ये अधूरी दास्तान?
Romantic Suspense
Hindi
Romance
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Chapter 1
दीवाना पति -
Chapter 2
शर्म नहीं आती आप को -
Chapter 3
खोलो इसे अभी -
Chapter 4
बदतमीजी है ये -
Chapter 5
आप होश में नहीं है -
Chapter 6
बहक गया था मैं -
Chapter 7
जीजू ढूंढ लिया -
Chapter 8
वो भाग गई -
Chapter 9
शकल नहीं देखना -
Chapter 10
मुझे धोखा दिया -
Chapter 11
आशिक से टकराने का मन -
Chapter 12
आह्ह्ह्ह..उम्म.. बेबी... आह्ह्ह्ह -
Chapter 13
तुम्हारा नशा है मुझ पर -
Chapter 14
मेरा दम घुट रहा है -
Chapter 15
उसे क्यों छूना चाहता हूं -
Chapter 16
पास आने दो बेबी -
Chapter 17
आह...आराम से .... -
Chapter 18
और कितना करोगे बेबी -
Chapter 19
वो दीवाना है तेरा -
Chapter 20
मेरे **** को बर्दाश्त करो -
Chapter 21
अकेले में मिलो -
Chapter 22
तुम पर मेरा हक है -
Chapter 23
पागल हो गए है आप -
Chapter 24
मै खुद को काबू नहीं कर सकता -
Chapter 25
फिर से वो सब करना है -
Chapter 26
बहुत ठरकी हो