love After Marriage
अनजान से अपना तक
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यह कहानी है नैना और आदित्य की—दो ऐसे लोगों की, जो एक अरेंज मैरिज के जरिए मिलते हैं… बिल्कुल अनजान, थोड़े डर के साथ।
नैना को डर था कि क्या वो किसी अजनबी के साथ पूरी जिंदगी बिता पाएगी,
और आदित्य… वो बस रिश्ते को समय और समझ के साथ आगे बढ़ाना चाहता था।
दोस्त...
नैना को डर था कि क्या वो किसी अजनबी के साथ पूरी जिंदगी बिता पाएगी,
और आदित्य… वो बस रिश्ते को समय और समझ के साथ आगे बढ़ाना चाहता था।
दोस्त...
यह कहानी है नैना और आदित्य की—दो ऐसे लोगों की, जो एक अरेंज मैरिज के जरिए मिलते हैं… बिल्कुल अनजान, थोड़े डर के साथ।
नैना को डर था कि क्या वो किसी अजनबी के साथ पूरी जिंदगी बिता पाएगी,
और आदित्य… वो बस रिश्ते को समय और समझ के साथ आगे बढ़ाना चाहता था।
दोस्ती से शुरू हुआ उनका रिश्ता धीरे-धीरे भरोसे में बदला…
छोटी-छोटी लड़ाइयों, गलतफहमियों और समझदारी के साथ उन्होंने एक-दूसरे को अपनाना सीखा।
शादी के बाद नई जिम्मेदारियाँ, नए रिश्ते, और नई चुनौतियाँ आईं…
लेकिन हर मुश्किल में उनका साथ और मजबूत होता गया।
फिर उनकी जिंदगी में आई एक नई खुशी—उनकी बेटी,
जिसने उनके रिश्ते को एक खूबसूरत परिवार में बदल दिया।
इसी सफर में नैना ने खुद को भी फिर से खोजा—अपने सपनों को जिया, और एक writer के रूप में अपनी पहचान बनाई।
ये सिर्फ एक अरेंज मैरिज की कहानी नहीं है…
बल्कि ये कहानी है—
डर से भरोसे तक,
अनजान से अपने तक,
और दो लोगों के “हम” बनने तक।
नैना को डर था कि क्या वो किसी अजनबी के साथ पूरी जिंदगी बिता पाएगी,
और आदित्य… वो बस रिश्ते को समय और समझ के साथ आगे बढ़ाना चाहता था।
दोस्ती से शुरू हुआ उनका रिश्ता धीरे-धीरे भरोसे में बदला…
छोटी-छोटी लड़ाइयों, गलतफहमियों और समझदारी के साथ उन्होंने एक-दूसरे को अपनाना सीखा।
शादी के बाद नई जिम्मेदारियाँ, नए रिश्ते, और नई चुनौतियाँ आईं…
लेकिन हर मुश्किल में उनका साथ और मजबूत होता गया।
फिर उनकी जिंदगी में आई एक नई खुशी—उनकी बेटी,
जिसने उनके रिश्ते को एक खूबसूरत परिवार में बदल दिया।
इसी सफर में नैना ने खुद को भी फिर से खोजा—अपने सपनों को जिया, और एक writer के रूप में अपनी पहचान बनाई।
ये सिर्फ एक अरेंज मैरिज की कहानी नहीं है…
बल्कि ये कहानी है—
डर से भरोसे तक,
अनजान से अपने तक,
और दो लोगों के “हम” बनने तक।
Chapter
41
Words
47.5K
Updated
3 days ago
Published
Apr 10, 2026
Published Chapters
अनजान से अपना तक - Chapter 1
Free
अनजान से अपना तक - Chapter 2
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अनजान से अपना तक - Chapter 3
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अनजान से अपना तक - Chapter 4
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अनजान से अपना तक - Chapter 5
Free
अनजान से अपना तक - Chapter 6
Free
अनजान से अपना तक - Chapter 7
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अनजान से अपना तक - Chapter 8
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अनजान से अपना तक - Chapter 9
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अनजान से अपना तक - Chapter 10
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अनजान से अपना तक - Chapter 20
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अनजान से अपना तक - Chapter 23
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अनजान से अपना तक - Chapter 24
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अनजान से अपना तक - Chapter 26
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अनजान से अपना तक - Chapter 27
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अनजान से अपना तक - Chapter 28
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अनजान से अपना तक - Chapter 29
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अनजान से अपना तक - Chapter 30
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अनजान से अपना तक - Chapter 31
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अनजान से अपना तक - Chapter 32
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अनजान से अपना तक - Chapter 35
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अनजान से अपना तक - Chapter 37
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अनजान से अपना तक - Chapter 39
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अनजान से अपना तक - Chapter 40
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अनजान से अपना तक - Chapter 41
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यह कहानी है नैना और आदित्य की—दो ऐसे लोगों की, जो एक अरेंज मैरिज के जरिए मिलते हैं… बिल्कुल अनजान, थोड़े डर के साथ।
नैना को डर था कि क्या वो किसी अजनबी के साथ पूरी जिंदगी बिता पाएगी,
और आदित्य… वो बस रिश्ते को समय और समझ के साथ आगे बढ़ाना चाहता था।
दोस्ती से शुरू हुआ उनका रिश्ता धीरे-धीरे भरोसे में बदला…
छोटी-छोटी लड़ाइयों, गलतफहमियों और समझदारी के साथ उन्होंने एक-दूसरे को अपनाना सीखा।
शादी के बाद नई जिम्मेदारियाँ, नए रिश्ते, और नई चुनौतियाँ आईं…
लेकिन हर मुश्किल में उनका साथ और मजबूत होता गया।
फिर उनकी जिंदगी में आई एक नई खुशी—उनकी बेटी,
जिसने उनके रिश्ते को एक खूबसूरत परिवार में बदल दिया।
इसी सफर में नैना ने खुद को भी फिर से खोजा—अपने सपनों को जिया, और एक writer के रूप में अपनी पहचान बनाई।
ये सिर्फ एक अरेंज मैरिज की कहानी नहीं है…
बल्कि ये कहानी है—
डर से भरोसे तक,
अनजान से अपने तक,
और दो लोगों के “हम” बनने तक।
नैना को डर था कि क्या वो किसी अजनबी के साथ पूरी जिंदगी बिता पाएगी,
और आदित्य… वो बस रिश्ते को समय और समझ के साथ आगे बढ़ाना चाहता था।
दोस्ती से शुरू हुआ उनका रिश्ता धीरे-धीरे भरोसे में बदला…
छोटी-छोटी लड़ाइयों, गलतफहमियों और समझदारी के साथ उन्होंने एक-दूसरे को अपनाना सीखा।
शादी के बाद नई जिम्मेदारियाँ, नए रिश्ते, और नई चुनौतियाँ आईं…
लेकिन हर मुश्किल में उनका साथ और मजबूत होता गया।
फिर उनकी जिंदगी में आई एक नई खुशी—उनकी बेटी,
जिसने उनके रिश्ते को एक खूबसूरत परिवार में बदल दिया।
इसी सफर में नैना ने खुद को भी फिर से खोजा—अपने सपनों को जिया, और एक writer के रूप में अपनी पहचान बनाई।
ये सिर्फ एक अरेंज मैरिज की कहानी नहीं है…
बल्कि ये कहानी है—
डर से भरोसे तक,
अनजान से अपने तक,
और दो लोगों के “हम” बनने तक।
Saloni Dikshit
अनजान से अपना तक - Chapter 32 • 16 days ago
Saloni Dikshit
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Saloni Dikshit
अनजान से अपना तक - Chapter 27 • 20 days ago
Saloni Dikshit
16 days ago
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Saloni Dikshit
20 days ago
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