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Saga hu Mai
Non-fiction Self-Help & Personal Development

Saga hu Mai

By J Kk Ongoing
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और प्रतिभाशाली लोग बहुत पसंद है। क्यों ना हम दोस्त बन जाएं। यह कहते ही उसने हाथ हिलाया और एक लालसी चमक उसमें से उड़कर आरव की ओर आए। आरव ने झिझकते हुए उसे पकड़ा और तभी सबके चेहरों पर अजीब सीसी प्रतिक्रिया उभरी। वो चीज थी एक गुलाबी सुगंध पोटली जिस पर दो मंडार...
Chapter 1
Words 1.1K
Updated 2 months ago
Published Mar 30, 2026
Published Chapters
Saga hu Mai - Chapter 1 Free
Mar 30, 2026 1 Read
और प्रतिभाशाली लोग बहुत पसंद है। क्यों ना हम दोस्त बन जाएं। यह कहते ही उसने हाथ हिलाया और एक लालसी चमक उसमें से उड़कर आरव की ओर आए। आरव ने झिझकते हुए उसे पकड़ा और तभी सबके चेहरों पर अजीब सीसी प्रतिक्रिया उभरी। वो चीज थी एक गुलाबी सुगंध पोटली जिस पर दो मंडारी बत्तखे गले मिलती हुई कड़ी थी। सुगंध इतनी मन प्यारी कि दूर से महसूस हो रही थी। समस्या सिर्फ यह थी कि ऐसा शहशे तो प्रेमीप्रेमिका ही एक दूसरे को देते हैं। और यह एक लड़के ने दूसरे लड़के को दे दिया। गोलू के नाजुक पहनावे और अजीब नजरों को याद करते हुए आरव के माथे पर पसीना आ गया। वे से पीछा छुड़ाने का उसका पुराना अनुभव अचानक याद आ गया। वह तुरंत शैशे वापस फेंकते हुए बोला, ब्रदर हुआ दोस्ती ठीक है पर इसकी जरूरत नहीं। अगर पसंद नहीं आया तो कोई बात नहीं। गोलू मुस्कुराया बिल्कुल परेशान नहीं हुआ तो फिर भाई डेमन कॉन्टेस्ट में मुलाकात होगी। यह कहकर वह आरव को एक इश्किया नजर मारता हुआ चला गया। तीनों हवा की तरह गायब हो गए। उनके
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