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SHE WASN'T SANYA...
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जब एक डरपोक लड़की की देह में एक शातिर अपराधी की रूह जाग जाए... तो खेल नहीं, पूरा साम्राज्य बदल जाता है।"
सान्या मल्होत्रा, अरबों के साम्राज्य की इकलौती वारिस, जिसे उसके अपने ही परिवार ने 'पागल' घोषित कर एक अंधेरे कमरे में कैद कर दिया था। उसके चाचा जगन और सौ...
सान्या मल्होत्रा, अरबों के साम्राज्य की इकलौती वारिस, जिसे उसके अपने ही परिवार ने 'पागल' घोषित कर एक अंधेरे कमरे में कैद कर दिया था। उसके चाचा जगन और सौ...
जब एक डरपोक लड़की की देह में एक शातिर अपराधी की रूह जाग जाए... तो खेल नहीं, पूरा साम्राज्य बदल जाता है।"
सान्या मल्होत्रा, अरबों के साम्राज्य की इकलौती वारिस, जिसे उसके अपने ही परिवार ने 'पागल' घोषित कर एक अंधेरे कमरे में कैद कर दिया था। उसके चाचा जगन और सौतेला भाई ध्रुव उसकी दौलत के भूखे भेड़िये हैं, जिन्होंने उसे तिल-तिल मरने के लिए छोड़ दिया।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
उसी शहर की सबसे बड़ी 'कॉन-आर्टिस्ट' और मास्टरमाइंड, रिवा, एक पुलिस एनकाउंटर में मारी जाती है, लेकिन उसकी रूह सान्या के मृतप्राय शरीर में प्रवेश कर जाती है। अब सान्या के पास न तो वह पुरानी घबराहट है और न ही वह बेबसी। उसके पास है रिवा का शातिर दिमाग, उसकी निडरता और हर चाल को पहले ही भाँप लेने की कला।
अपने 21वें जन्मदिन पर, जब पूरा परिवार उसे वसीयत से बेदखल करने और पागलखाने भेजने की साज़िश रच रहा था, सान्या एक ऐसी चाल चलती है जिससे 'मल्होत्रा मेंशन' की दीवारें हिल जाती हैं। 'क्लॉज़ 21'—एक ऐसा राज़ जो उसके नाना ने सिर्फ उसके लिए छोड़ा था।
क्या सान्या अपनी माँ की 'रहस्यमयी' मौत का सच जान पाएगी?
क्या उसकी बिज़नेस टाइकून सौतेली माँ, माया, उसकी ढाल बनेगी या सबसे बड़ी दुश्मन?
और क्या रिवा की रूह इस नए शरीर में अपनी पुरानी ज़िंदगी के दुश्मनों से बच पाएगी?
नफरत, साज़िश, और बदले की इस जंग में... अब शह और मात का खेल शुरू हो चुका है।
सान्या मल्होत्रा, अरबों के साम्राज्य की इकलौती वारिस, जिसे उसके अपने ही परिवार ने 'पागल' घोषित कर एक अंधेरे कमरे में कैद कर दिया था। उसके चाचा जगन और सौतेला भाई ध्रुव उसकी दौलत के भूखे भेड़िये हैं, जिन्होंने उसे तिल-तिल मरने के लिए छोड़ दिया।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
उसी शहर की सबसे बड़ी 'कॉन-आर्टिस्ट' और मास्टरमाइंड, रिवा, एक पुलिस एनकाउंटर में मारी जाती है, लेकिन उसकी रूह सान्या के मृतप्राय शरीर में प्रवेश कर जाती है। अब सान्या के पास न तो वह पुरानी घबराहट है और न ही वह बेबसी। उसके पास है रिवा का शातिर दिमाग, उसकी निडरता और हर चाल को पहले ही भाँप लेने की कला।
अपने 21वें जन्मदिन पर, जब पूरा परिवार उसे वसीयत से बेदखल करने और पागलखाने भेजने की साज़िश रच रहा था, सान्या एक ऐसी चाल चलती है जिससे 'मल्होत्रा मेंशन' की दीवारें हिल जाती हैं। 'क्लॉज़ 21'—एक ऐसा राज़ जो उसके नाना ने सिर्फ उसके लिए छोड़ा था।
क्या सान्या अपनी माँ की 'रहस्यमयी' मौत का सच जान पाएगी?
क्या उसकी बिज़नेस टाइकून सौतेली माँ, माया, उसकी ढाल बनेगी या सबसे बड़ी दुश्मन?
और क्या रिवा की रूह इस नए शरीर में अपनी पुरानी ज़िंदगी के दुश्मनों से बच पाएगी?
नफरत, साज़िश, और बदले की इस जंग में... अब शह और मात का खेल शुरू हो चुका है।
Chapter
12
Words
14.8K
Updated
1 month ago
Published
Mar 19, 2026
Published Chapters
She wasn't Sanya... - Chapter 1
Free
She wasn't Sanya... - Chapter 2
Free
She wasn't Sanya... - Chapter 3
Free
She wasn't Sanya... - Chapter 4
Free
She wasn't sanya... - Chapter 5
Free
She wasn't sanya... - Chapter 6
Free
She wasn't sanya... - Chapter 7
Free
She wasn't Sanya... - Chapter 8
Free
She wasn't sanya... - Chapter 9
Free
She wasn't sanya... - Chapter 10
Free
She wasn't sanya... - Chapter 11
Free
She wasn't sanya... - Chapter 12
Free
जब एक डरपोक लड़की की देह में एक शातिर अपराधी की रूह जाग जाए... तो खेल नहीं, पूरा साम्राज्य बदल जाता है।"
सान्या मल्होत्रा, अरबों के साम्राज्य की इकलौती वारिस, जिसे उसके अपने ही परिवार ने 'पागल' घोषित कर एक अंधेरे कमरे में कैद कर दिया था। उसके चाचा जगन और सौतेला भाई ध्रुव उसकी दौलत के भूखे भेड़िये हैं, जिन्होंने उसे तिल-तिल मरने के लिए छोड़ दिया।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
उसी शहर की सबसे बड़ी 'कॉन-आर्टिस्ट' और मास्टरमाइंड, रिवा, एक पुलिस एनकाउंटर में मारी जाती है, लेकिन उसकी रूह सान्या के मृतप्राय शरीर में प्रवेश कर जाती है। अब सान्या के पास न तो वह पुरानी घबराहट है और न ही वह बेबसी। उसके पास है रिवा का शातिर दिमाग, उसकी निडरता और हर चाल को पहले ही भाँप लेने की कला।
अपने 21वें जन्मदिन पर, जब पूरा परिवार उसे वसीयत से बेदखल करने और पागलखाने भेजने की साज़िश रच रहा था, सान्या एक ऐसी चाल चलती है जिससे 'मल्होत्रा मेंशन' की दीवारें हिल जाती हैं। 'क्लॉज़ 21'—एक ऐसा राज़ जो उसके नाना ने सिर्फ उसके लिए छोड़ा था।
क्या सान्या अपनी माँ की 'रहस्यमयी' मौत का सच जान पाएगी?
क्या उसकी बिज़नेस टाइकून सौतेली माँ, माया, उसकी ढाल बनेगी या सबसे बड़ी दुश्मन?
और क्या रिवा की रूह इस नए शरीर में अपनी पुरानी ज़िंदगी के दुश्मनों से बच पाएगी?
नफरत, साज़िश, और बदले की इस जंग में... अब शह और मात का खेल शुरू हो चुका है।
सान्या मल्होत्रा, अरबों के साम्राज्य की इकलौती वारिस, जिसे उसके अपने ही परिवार ने 'पागल' घोषित कर एक अंधेरे कमरे में कैद कर दिया था। उसके चाचा जगन और सौतेला भाई ध्रुव उसकी दौलत के भूखे भेड़िये हैं, जिन्होंने उसे तिल-तिल मरने के लिए छोड़ दिया।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
उसी शहर की सबसे बड़ी 'कॉन-आर्टिस्ट' और मास्टरमाइंड, रिवा, एक पुलिस एनकाउंटर में मारी जाती है, लेकिन उसकी रूह सान्या के मृतप्राय शरीर में प्रवेश कर जाती है। अब सान्या के पास न तो वह पुरानी घबराहट है और न ही वह बेबसी। उसके पास है रिवा का शातिर दिमाग, उसकी निडरता और हर चाल को पहले ही भाँप लेने की कला।
अपने 21वें जन्मदिन पर, जब पूरा परिवार उसे वसीयत से बेदखल करने और पागलखाने भेजने की साज़िश रच रहा था, सान्या एक ऐसी चाल चलती है जिससे 'मल्होत्रा मेंशन' की दीवारें हिल जाती हैं। 'क्लॉज़ 21'—एक ऐसा राज़ जो उसके नाना ने सिर्फ उसके लिए छोड़ा था।
क्या सान्या अपनी माँ की 'रहस्यमयी' मौत का सच जान पाएगी?
क्या उसकी बिज़नेस टाइकून सौतेली माँ, माया, उसकी ढाल बनेगी या सबसे बड़ी दुश्मन?
और क्या रिवा की रूह इस नए शरीर में अपनी पुरानी ज़िंदगी के दुश्मनों से बच पाएगी?
नफरत, साज़िश, और बदले की इस जंग में... अब शह और मात का खेल शुरू हो चुका है।
Suman Devi
She wasn't Sanya... - Chapter 1 • 2 months ago
Neetu Chauhan
She wasn't sanya... - Chapter 11 • 2 months ago
User 0741
She wasn't sanya... - Chapter 10 • 2 months ago
Neetu Chauhan
2 months ago
mast story hai
0 likes • She wasn't sanya... - Chapter 11
User 0741
2 months ago
mzedar h story
0 likes • She wasn't sanya... - Chapter 10No fan art available for this story yet.
interesting 👌👌👌👌
0 likes • She wasn't Sanya... - Chapter 1