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MY innocent brother in law
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ये कहानी 18 + हैं इसलिए आप सोच समझ कर इसे पढ़, क्यों कि इसमें बोहोत से सीन ओवर बोल्ड हो सकते हैं , इसलिए दूसरों को दोष देने से पहले खुद पर विचार किए कि आप इसे पढ़ ही क्यों रहे हैं ,
रायचंद फैमिली का सबसे क्रूर बिज़नेसमैन *अद्विक रायचंद*—जिसके...
रायचंद फैमिली का सबसे क्रूर बिज़नेसमैन *अद्विक रायचंद*—जिसके...
ये कहानी 18 + हैं इसलिए आप सोच समझ कर इसे पढ़, क्यों कि इसमें बोहोत से सीन ओवर बोल्ड हो सकते हैं , इसलिए दूसरों को दोष देने से पहले खुद पर विचार किए कि आप इसे पढ़ ही क्यों रहे हैं ,
रायचंद फैमिली का सबसे क्रूर बिज़नेसमैन *अद्विक रायचंद*—जिसके नाम से लोग कांपते थे—एक एक्सीडेंट के बाद दिमाग से मासूम बच्चे की तरह हो चुका था। उसकी मासूमियत हर किसी के दिल में जगह बना रही थी… लेकिन सबसे ज़्यादा जगह उसने *खनक बंसल* के दिल में बना ली।
खनक, जो एक दिमाग की डॉक्टर थी, की शादी अद्विक के छोटे भाई *रितिक रायचंद* से हुई थी। लेकिन रितिक ने यह शादी सिर्फ़ बदला लेने के लिए की… और शादी के बाद उसे तन्हा छोड़ दिया। टूटी हुई खनक के लिए रायचंद मेंशन एक सोने का पिंजरा बन गया… मगर अद्विक की मासूम मुस्कान और उसकी ज़िद्दी मासूमियत ने उसके दिल के बंद दरवाज़े तोड़ दिए।
दिन गुज़रते गए… और वो मासूमियत एक अजीब-सी डोर में बदलने लगी। अद्विक का हर स्पर्श… हर मासूम छुअन… खनक के दिल में एक अजनबी सी आग भड़काता गया। उसकी बाँहों की गर्मी और खनक की सिसकियों में एक अजीब-सी मोहब्बत पलने लगी—मासूम मगर पागलपन की हद तक खतरनाक।
क्या यह रिश्ता एक अनकही चाहत में बदल जाएगा? या रितिक की वापसी इस आग को राख कर देगी? रायचंद मेंशन में मोहब्बत, दर्द और जुनून का खेल अब शुरू होने वाला था…
रायचंद फैमिली का सबसे क्रूर बिज़नेसमैन *अद्विक रायचंद*—जिसके नाम से लोग कांपते थे—एक एक्सीडेंट के बाद दिमाग से मासूम बच्चे की तरह हो चुका था। उसकी मासूमियत हर किसी के दिल में जगह बना रही थी… लेकिन सबसे ज़्यादा जगह उसने *खनक बंसल* के दिल में बना ली।
खनक, जो एक दिमाग की डॉक्टर थी, की शादी अद्विक के छोटे भाई *रितिक रायचंद* से हुई थी। लेकिन रितिक ने यह शादी सिर्फ़ बदला लेने के लिए की… और शादी के बाद उसे तन्हा छोड़ दिया। टूटी हुई खनक के लिए रायचंद मेंशन एक सोने का पिंजरा बन गया… मगर अद्विक की मासूम मुस्कान और उसकी ज़िद्दी मासूमियत ने उसके दिल के बंद दरवाज़े तोड़ दिए।
दिन गुज़रते गए… और वो मासूमियत एक अजीब-सी डोर में बदलने लगी। अद्विक का हर स्पर्श… हर मासूम छुअन… खनक के दिल में एक अजनबी सी आग भड़काता गया। उसकी बाँहों की गर्मी और खनक की सिसकियों में एक अजीब-सी मोहब्बत पलने लगी—मासूम मगर पागलपन की हद तक खतरनाक।
क्या यह रिश्ता एक अनकही चाहत में बदल जाएगा? या रितिक की वापसी इस आग को राख कर देगी? रायचंद मेंशन में मोहब्बत, दर्द और जुनून का खेल अब शुरू होने वाला था…
Chapter
149
Words
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Updated
8 hrs ago
Published
Sep 12, 2025
Published Chapters
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ये कहानी 18 + हैं इसलिए आप सोच समझ कर इसे पढ़, क्यों कि इसमें बोहोत से सीन ओवर बोल्ड हो सकते हैं , इसलिए दूसरों को दोष देने से पहले खुद पर विचार किए कि आप इसे पढ़ ही क्यों रहे हैं ,
रायचंद फैमिली का सबसे क्रूर बिज़नेसमैन *अद्विक रायचंद*—जिसके नाम से लोग कांपते थे—एक एक्सीडेंट के बाद दिमाग से मासूम बच्चे की तरह हो चुका था। उसकी मासूमियत हर किसी के दिल में जगह बना रही थी… लेकिन सबसे ज़्यादा जगह उसने *खनक बंसल* के दिल में बना ली।
खनक, जो एक दिमाग की डॉक्टर थी, की शादी अद्विक के छोटे भाई *रितिक रायचंद* से हुई थी। लेकिन रितिक ने यह शादी सिर्फ़ बदला लेने के लिए की… और शादी के बाद उसे तन्हा छोड़ दिया। टूटी हुई खनक के लिए रायचंद मेंशन एक सोने का पिंजरा बन गया… मगर अद्विक की मासूम मुस्कान और उसकी ज़िद्दी मासूमियत ने उसके दिल के बंद दरवाज़े तोड़ दिए।
दिन गुज़रते गए… और वो मासूमियत एक अजीब-सी डोर में बदलने लगी। अद्विक का हर स्पर्श… हर मासूम छुअन… खनक के दिल में एक अजनबी सी आग भड़काता गया। उसकी बाँहों की गर्मी और खनक की सिसकियों में एक अजीब-सी मोहब्बत पलने लगी—मासूम मगर पागलपन की हद तक खतरनाक।
क्या यह रिश्ता एक अनकही चाहत में बदल जाएगा? या रितिक की वापसी इस आग को राख कर देगी? रायचंद मेंशन में मोहब्बत, दर्द और जुनून का खेल अब शुरू होने वाला था…
रायचंद फैमिली का सबसे क्रूर बिज़नेसमैन *अद्विक रायचंद*—जिसके नाम से लोग कांपते थे—एक एक्सीडेंट के बाद दिमाग से मासूम बच्चे की तरह हो चुका था। उसकी मासूमियत हर किसी के दिल में जगह बना रही थी… लेकिन सबसे ज़्यादा जगह उसने *खनक बंसल* के दिल में बना ली।
खनक, जो एक दिमाग की डॉक्टर थी, की शादी अद्विक के छोटे भाई *रितिक रायचंद* से हुई थी। लेकिन रितिक ने यह शादी सिर्फ़ बदला लेने के लिए की… और शादी के बाद उसे तन्हा छोड़ दिया। टूटी हुई खनक के लिए रायचंद मेंशन एक सोने का पिंजरा बन गया… मगर अद्विक की मासूम मुस्कान और उसकी ज़िद्दी मासूमियत ने उसके दिल के बंद दरवाज़े तोड़ दिए।
दिन गुज़रते गए… और वो मासूमियत एक अजीब-सी डोर में बदलने लगी। अद्विक का हर स्पर्श… हर मासूम छुअन… खनक के दिल में एक अजनबी सी आग भड़काता गया। उसकी बाँहों की गर्मी और खनक की सिसकियों में एक अजीब-सी मोहब्बत पलने लगी—मासूम मगर पागलपन की हद तक खतरनाक।
क्या यह रिश्ता एक अनकही चाहत में बदल जाएगा? या रितिक की वापसी इस आग को राख कर देगी? रायचंद मेंशन में मोहब्बत, दर्द और जुनून का खेल अब शुरू होने वाला था…
Kiran Jaiswal
MY innocent brother in law season 2 - Chapter 150 • 3 hours ago
sunita sahu
MY innocent brother in law season 2 - Chapter 150 • 7 hours ago
sunita sahu
MY innocent brother in law season 2 - Chapter 149 • 7 hours ago
sunita sahu
7 hours ago
nice Chapter
0 likes • MY innocent brother in law season 2 - Chapter 150
Kalpana mohite
17 hours ago
nice chapter
0 likes • MY innocent brother in law season 2 - Chapter 150No fan art available for this story yet.
very interesting👍
0 likes • MY innocent brother in law season 2 - Chapter 150