love Love Triangle
Dil Ka kya kasoor
5.5K
Views
0
Likes
36
Bookmarks
95
Ratings
तुम ये भोली शक्ल बना कर और इन बातों से मेरे दादा जी को अपनी जाल में फंसा सकती हों...
पर मुझे दा बिजनेस टैक्यून शोरिया सिंघानिया को अपने इन सब जालो में तुम कभी नहीं फंसा सकती समझी तुम.... और ये लो पेपर्स जल्दी से इन पर अपने सिग्नेचर करके दो मुझे.... ...
पर मुझे दा बिजनेस टैक्यून शोरिया सिंघानिया को अपने इन सब जालो में तुम कभी नहीं फंसा सकती समझी तुम.... और ये लो पेपर्स जल्दी से इन पर अपने सिग्नेचर करके दो मुझे.... ...
तुम ये भोली शक्ल बना कर और इन बातों से मेरे दादा जी को अपनी जाल में फंसा सकती हों...
पर मुझे दा बिजनेस टैक्यून शोरिया सिंघानिया को अपने इन सब जालो में तुम कभी नहीं फंसा सकती समझी तुम.... और ये लो पेपर्स जल्दी से इन पर अपने सिग्नेचर करके दो मुझे....
शोरिया सिंघानिया हैदराबाद का जाना माना नाम और बिजनेस टैक्यून अपनी मागेतर और बचपन की दोस्त माहिरा त्रिपाठी को कुछ पेपर्स देते हुए बोला.
माहिरा ने शोरिया को हैरानी से देखा और वो उन पेपर्स को पढ़ने लगी जैसे जैसे वो पेपर्स को पढ़ रही थी उसके चेहरे का रंग उड़ता जा रहा था...
माहिरा हैरानी से शोरिया से बोली : तुम ऐसा नहीं कर सकते शोरिया....
शोरिया माहिरा के पास आके उसके चेहरे को अपने हाथ से दबोचते हुए बोला : मैं ऐसा ही करूंगा मिस माहिरा त्रिपाठी... तुम को क्या लगा की मैं तुम जैसी लड़की के साथ अपनी पूरी लाइफ़ बिताऊंगा... इस गलतफहमी में मत रहें ना माहिरा त्रिपाठी... मैं तुम जैसी लड़की के साथ एक पल ना रहूं... शादी तो बहुत दूर की बात है...
शोरिया अपने जबड़ों को पिसते हुए बोला : तुम बस इंतजार करो.... शादी के बाद मैं तुम्हारा क्या हाल करता हूं...... तब तुमको पता चलेगा कि मैं तुमसे कितनी नफरत करता हूं... बस wait and watch future wife
शोरिया ने माहिरा के चेहरे को झटकते हुए उससे दूर खड़े होते हुए बोला : जल्दी से इन पर सिग्नेचर करो... मेरे पास इतना फिजूल वक्त नहीं है.... जो मैं तुम पर बर्बाद करू समझी तुम....
माहिरा के पास और कोई रास्ता नहीं था... वो शोरिया को बचपन से जानती थी... वो जानती है कि शोरिया जो एक बार सोच लेता है वो करके ही रहता है... इसलिए उसने बिना कुछ कहे चुपचाप उन पेपर्स पर सिग्नेचर कर दिया...
शोरिया माहिरा के हाथों से उन पेपर्स को छिनते हुए बोला : Good girl... Byyy baby
आखिर ऐसा क्या हुआ शोरिया और माहिरा के बीच में की ये बचपन की दोस्ती नफरत में बदल गई और ऐसा क्या लिखा था उन पेपर्स में जिससे माहिरा की लाइफ़ बर्बाद हो सकती थी... और क्यों शोरिया माहिरा से शादी कर रहा था... जबकि वो माहिरा से नफ़रत करता है....
पर मुझे दा बिजनेस टैक्यून शोरिया सिंघानिया को अपने इन सब जालो में तुम कभी नहीं फंसा सकती समझी तुम.... और ये लो पेपर्स जल्दी से इन पर अपने सिग्नेचर करके दो मुझे....
शोरिया सिंघानिया हैदराबाद का जाना माना नाम और बिजनेस टैक्यून अपनी मागेतर और बचपन की दोस्त माहिरा त्रिपाठी को कुछ पेपर्स देते हुए बोला.
माहिरा ने शोरिया को हैरानी से देखा और वो उन पेपर्स को पढ़ने लगी जैसे जैसे वो पेपर्स को पढ़ रही थी उसके चेहरे का रंग उड़ता जा रहा था...
माहिरा हैरानी से शोरिया से बोली : तुम ऐसा नहीं कर सकते शोरिया....
शोरिया माहिरा के पास आके उसके चेहरे को अपने हाथ से दबोचते हुए बोला : मैं ऐसा ही करूंगा मिस माहिरा त्रिपाठी... तुम को क्या लगा की मैं तुम जैसी लड़की के साथ अपनी पूरी लाइफ़ बिताऊंगा... इस गलतफहमी में मत रहें ना माहिरा त्रिपाठी... मैं तुम जैसी लड़की के साथ एक पल ना रहूं... शादी तो बहुत दूर की बात है...
शोरिया अपने जबड़ों को पिसते हुए बोला : तुम बस इंतजार करो.... शादी के बाद मैं तुम्हारा क्या हाल करता हूं...... तब तुमको पता चलेगा कि मैं तुमसे कितनी नफरत करता हूं... बस wait and watch future wife
शोरिया ने माहिरा के चेहरे को झटकते हुए उससे दूर खड़े होते हुए बोला : जल्दी से इन पर सिग्नेचर करो... मेरे पास इतना फिजूल वक्त नहीं है.... जो मैं तुम पर बर्बाद करू समझी तुम....
माहिरा के पास और कोई रास्ता नहीं था... वो शोरिया को बचपन से जानती थी... वो जानती है कि शोरिया जो एक बार सोच लेता है वो करके ही रहता है... इसलिए उसने बिना कुछ कहे चुपचाप उन पेपर्स पर सिग्नेचर कर दिया...
शोरिया माहिरा के हाथों से उन पेपर्स को छिनते हुए बोला : Good girl... Byyy baby
आखिर ऐसा क्या हुआ शोरिया और माहिरा के बीच में की ये बचपन की दोस्ती नफरत में बदल गई और ऐसा क्या लिखा था उन पेपर्स में जिससे माहिरा की लाइफ़ बर्बाद हो सकती थी... और क्यों शोरिया माहिरा से शादी कर रहा था... जबकि वो माहिरा से नफ़रत करता है....
Chapter
40
Words
50.6K
Updated
26 days ago
Published
Apr 10, 2025
Published Chapters
Dil Ka kya kasoor - Chapter 1
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 2
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 3
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 4
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 5
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 6
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 7
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 8
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 9
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 10
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 11
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 12
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 13
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 14
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 15
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 16
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 17
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 18
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 19
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 20
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 21
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 22
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 23
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 24
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 25
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 26
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 27
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 28
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 29
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 30
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 31
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 32
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 33
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 34
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 35
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 36
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 37
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 38
Free
Dil Ka kya kasoor - Chapter 39
Free
Chapter 40-last episode
Free
तुम ये भोली शक्ल बना कर और इन बातों से मेरे दादा जी को अपनी जाल में फंसा सकती हों...
पर मुझे दा बिजनेस टैक्यून शोरिया सिंघानिया को अपने इन सब जालो में तुम कभी नहीं फंसा सकती समझी तुम.... और ये लो पेपर्स जल्दी से इन पर अपने सिग्नेचर करके दो मुझे....
शोरिया सिंघानिया हैदराबाद का जाना माना नाम और बिजनेस टैक्यून अपनी मागेतर और बचपन की दोस्त माहिरा त्रिपाठी को कुछ पेपर्स देते हुए बोला.
माहिरा ने शोरिया को हैरानी से देखा और वो उन पेपर्स को पढ़ने लगी जैसे जैसे वो पेपर्स को पढ़ रही थी उसके चेहरे का रंग उड़ता जा रहा था...
माहिरा हैरानी से शोरिया से बोली : तुम ऐसा नहीं कर सकते शोरिया....
शोरिया माहिरा के पास आके उसके चेहरे को अपने हाथ से दबोचते हुए बोला : मैं ऐसा ही करूंगा मिस माहिरा त्रिपाठी... तुम को क्या लगा की मैं तुम जैसी लड़की के साथ अपनी पूरी लाइफ़ बिताऊंगा... इस गलतफहमी में मत रहें ना माहिरा त्रिपाठी... मैं तुम जैसी लड़की के साथ एक पल ना रहूं... शादी तो बहुत दूर की बात है...
शोरिया अपने जबड़ों को पिसते हुए बोला : तुम बस इंतजार करो.... शादी के बाद मैं तुम्हारा क्या हाल करता हूं...... तब तुमको पता चलेगा कि मैं तुमसे कितनी नफरत करता हूं... बस wait and watch future wife
शोरिया ने माहिरा के चेहरे को झटकते हुए उससे दूर खड़े होते हुए बोला : जल्दी से इन पर सिग्नेचर करो... मेरे पास इतना फिजूल वक्त नहीं है.... जो मैं तुम पर बर्बाद करू समझी तुम....
माहिरा के पास और कोई रास्ता नहीं था... वो शोरिया को बचपन से जानती थी... वो जानती है कि शोरिया जो एक बार सोच लेता है वो करके ही रहता है... इसलिए उसने बिना कुछ कहे चुपचाप उन पेपर्स पर सिग्नेचर कर दिया...
शोरिया माहिरा के हाथों से उन पेपर्स को छिनते हुए बोला : Good girl... Byyy baby
आखिर ऐसा क्या हुआ शोरिया और माहिरा के बीच में की ये बचपन की दोस्ती नफरत में बदल गई और ऐसा क्या लिखा था उन पेपर्स में जिससे माहिरा की लाइफ़ बर्बाद हो सकती थी... और क्यों शोरिया माहिरा से शादी कर रहा था... जबकि वो माहिरा से नफ़रत करता है....
पर मुझे दा बिजनेस टैक्यून शोरिया सिंघानिया को अपने इन सब जालो में तुम कभी नहीं फंसा सकती समझी तुम.... और ये लो पेपर्स जल्दी से इन पर अपने सिग्नेचर करके दो मुझे....
शोरिया सिंघानिया हैदराबाद का जाना माना नाम और बिजनेस टैक्यून अपनी मागेतर और बचपन की दोस्त माहिरा त्रिपाठी को कुछ पेपर्स देते हुए बोला.
माहिरा ने शोरिया को हैरानी से देखा और वो उन पेपर्स को पढ़ने लगी जैसे जैसे वो पेपर्स को पढ़ रही थी उसके चेहरे का रंग उड़ता जा रहा था...
माहिरा हैरानी से शोरिया से बोली : तुम ऐसा नहीं कर सकते शोरिया....
शोरिया माहिरा के पास आके उसके चेहरे को अपने हाथ से दबोचते हुए बोला : मैं ऐसा ही करूंगा मिस माहिरा त्रिपाठी... तुम को क्या लगा की मैं तुम जैसी लड़की के साथ अपनी पूरी लाइफ़ बिताऊंगा... इस गलतफहमी में मत रहें ना माहिरा त्रिपाठी... मैं तुम जैसी लड़की के साथ एक पल ना रहूं... शादी तो बहुत दूर की बात है...
शोरिया अपने जबड़ों को पिसते हुए बोला : तुम बस इंतजार करो.... शादी के बाद मैं तुम्हारा क्या हाल करता हूं...... तब तुमको पता चलेगा कि मैं तुमसे कितनी नफरत करता हूं... बस wait and watch future wife
शोरिया ने माहिरा के चेहरे को झटकते हुए उससे दूर खड़े होते हुए बोला : जल्दी से इन पर सिग्नेचर करो... मेरे पास इतना फिजूल वक्त नहीं है.... जो मैं तुम पर बर्बाद करू समझी तुम....
माहिरा के पास और कोई रास्ता नहीं था... वो शोरिया को बचपन से जानती थी... वो जानती है कि शोरिया जो एक बार सोच लेता है वो करके ही रहता है... इसलिए उसने बिना कुछ कहे चुपचाप उन पेपर्स पर सिग्नेचर कर दिया...
शोरिया माहिरा के हाथों से उन पेपर्स को छिनते हुए बोला : Good girl... Byyy baby
आखिर ऐसा क्या हुआ शोरिया और माहिरा के बीच में की ये बचपन की दोस्ती नफरत में बदल गई और ऐसा क्या लिखा था उन पेपर्स में जिससे माहिरा की लाइफ़ बर्बाद हो सकती थी... और क्यों शोरिया माहिरा से शादी कर रहा था... जबकि वो माहिरा से नफ़रत करता है....
Sandhya Shaw
Dil Ka kya kasoor - Chapter 1 • 3 months ago
Sarita Rughwani
Dil Ka kya kasoor - Chapter 5 • 3 months ago
Sarita Rughwani
Dil Ka kya kasoor - Chapter 4 • 3 months ago
Varsha Ahirwar
4 months ago
very sad ending
1 likes • Chapter 40-last episode
Varsha Ahirwar
4 months ago
I can't wait for the next one! 🙌
1 likes • Dil Ka kya kasoor - Chapter 30No fan art available for this story yet.
excellent
0 likes • Dil Ka kya kasoor - Chapter 1