ये कहानी है रुद्राक्ष और वर्तिका की । रुद्राक्ष, जो 4 साल से कोमा में था और होश में आने के बाद हॉस्पिटल से भाग चुका है । वहीं वर्तिका, जो दिल्ली शहर की ACP है, उसे रुद्राक्ष के वजूद का कोई एहसास ही नहीं है । वो सिर्फ अपनी ड्यूटी और अपने परिवार पर ध्यान देती है । सब कुछ सही चल रह होता है लेकिन इसी बीच दिल्ली में शुरू होता है मौत का ताण्डव । आए दिन किसी न किसी के मौत की खबर आती रहती है और जब वर्तिका वहाँ पहुँचती है तो उसे मिलता है खूनी का एक लेटर जिसमें वो वर्तिका को खुली चुनौती दे रहा होता है । अब सवाल ये है कि खूनी उसे ही चुनौती क्यों दे रहा है किसी और को क्यों नहीं ? क्या वो पर्सनली वर्तिका को जानता है ? क्या वर्तिका इस खूनी को पकड़ पाती है या नहीं ? क्या ये कहानी सिर्फ इन्हीं की है या इनके तार जुड़े हैं अतीत से ? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए पढ़िए, " , Love Unbound : A Cry For Justice " हमारे यानी " Dev Srivastava " के साथ आपके अपने " storymania " पर ।
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Chapter 1
Chapter 1 (वो भाग गया!) -
Chapter 2
Chapter 2 (ACP वर्तिका सहाय!) -
Chapter 3
Chapter 3 (टीम) -
Chapter 4
Chapter 4 (एक हफ्ते बाद!) -
Chapter 5
Chapter 5 (यथा त्वं वपसि तथा लप्स्यसि!) -
Chapter 6
Chapter 6 (फर्स्ट लेटर) -
Chapter 7
Chapter 7 (घड़ी) -
Chapter 8
Chapter 8 (पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट) -
Chapter 9
Chapter 9 (5 मौके!) -
Chapter 10
Chapter 10 (चैलेन्ज) -
Chapter 11
Chapter 11 (चेतन बख़्शी और अमित बख़्शी) -
Chapter 12
Chapter 12 (फाइल) -
Chapter 13
Chapter 13 (उदय विलास होटल!) -
Chapter 14
Chapter 14 (उस्मान खान!) -
Chapter 15
Chapter 15 (वीनू!) -
Chapter 16
Chapter 16 (वर्धा!) -
Chapter 17
Chapter 17 (लक्ष्मण भी मारा गया!) -
Chapter 18
Chapter 18 (रूद्र पागल हो गया है क्या!) -
Chapter 19
Chapter 19 (प्यार वर्धा ने भी किया है उससे!) -
Chapter 20
Chapter 20 (तो मेरी इनफॉरमेशन सही थी!)