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सियासी इश्क़
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सियासी इश्क़

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कहते है, शिव को पाने के लिए पार्वती ने तपस्या की थी। लेकिन शिव ने भी पार्वती के लिए प्रतीक्षा की। प्रेम में एक के हिस्से प्रतीक्षा आती है, तो दूसरे के हिस्से तपस्या की अग्नि। लेकिन तब क्या हो जब एक ही शख्स के हिस्से प्रतीक्षा और तपस्या दोनो आ जाए? ये कहानी ...
Chapter 25
Words 35.3K
Updated 2 months ago
Published Jan 31, 2025
Published Chapters
सियासी इश्क़ - Chapter 1 Free
Jan 31, 2025 334 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 2 Free
Jan 31, 2025 284 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 3 Free
Jan 31, 2025 320 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 4 Free
Feb 02, 2025 280 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 5 Free
Feb 02, 2025 292 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 6 Free
Feb 02, 2025 290 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 7 Free
Feb 02, 2025 290 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 8 Free
Feb 02, 2025 290 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 9 Free
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सियासी इश्क़ - Chapter 10 Free
Feb 02, 2025 307 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 11 Free
Feb 03, 2025 305 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 12 Free
Feb 03, 2025 280 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 13 Free
Feb 05, 2025 275 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 14 Free
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सियासी इश्क़ - Chapter 15 Free
Feb 17, 2025 268 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 16 Free
Feb 17, 2025 270 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 17 Free
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सियासी इश्क़ - Chapter 18 Free
Feb 17, 2025 264 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 19 Free
Feb 17, 2025 257 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 20 Free
Feb 17, 2025 265 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 21 Free
Feb 17, 2025 266 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 22 Free
Feb 17, 2025 271 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 23 Free
Feb 17, 2025 291 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 24 Free
Feb 17, 2025 256 Read
सियासी इश्क़ - Chapter 25 Free
Feb 17, 2025 276 Read
कहते है, शिव को पाने के लिए पार्वती ने तपस्या की थी। लेकिन शिव ने भी पार्वती के लिए प्रतीक्षा की। प्रेम में एक के हिस्से प्रतीक्षा आती है, तो दूसरे के हिस्से तपस्या की अग्नि। लेकिन तब क्या हो जब एक ही शख्स के हिस्से प्रतीक्षा और तपस्या दोनो आ जाए? ये कहानी है, राजस्थान की हुकुम रानी सा, शक्ति राठौड़ की। जो राठौड़ वंश की बेटी थी और जयपुर के राजा और राजस्थान के हुकुम सा शाश्वत प्रताप सिंह की पत्नी। लेकिन लोगो का कहना है कि हुकुम सा अब नही रहे। लेकिन शक्ति आज भी उनकी प्रतीक्षा कर रही है। आखिर कंहा गए हुकुम सा? क्या शक्ति ढूंढ पाएगी, शाश्वत को? कैसे संभालेगी शक्ति हुकुम सा की अनुपस्थिति में ये रियासत? और तब क्या होगा जब खुलेंगे के गहरे राज? क्या अपनो का ही छल, शक्ति बर्दाश्त कर पाएगी? जानने के लिए पढ़िए ये कहानी "सियासी इश्क़"
Aman Aj
★★★★★
सियासी इश्क़ - Chapter 21 • 1 year ago
Aman Aj 1 year ago

hine

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