Historical Fiction Modern Historical Fiction
सियासी इश्क़
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कहते है, शिव को पाने के लिए पार्वती ने तपस्या की थी। लेकिन शिव ने भी पार्वती के लिए प्रतीक्षा की। प्रेम में एक के हिस्से प्रतीक्षा आती है, तो दूसरे के हिस्से तपस्या की अग्नि। लेकिन तब क्या हो जब एक ही शख्स के हिस्से प्रतीक्षा और तपस्या दोनो आ जाए? ये कहानी ...
कहते है, शिव को पाने के लिए पार्वती ने तपस्या की थी। लेकिन शिव ने भी पार्वती के लिए प्रतीक्षा की। प्रेम में एक के हिस्से प्रतीक्षा आती है, तो दूसरे के हिस्से तपस्या की अग्नि। लेकिन तब क्या हो जब एक ही शख्स के हिस्से प्रतीक्षा और तपस्या दोनो आ जाए? ये कहानी है, राजस्थान की हुकुम रानी सा, शक्ति राठौड़ की। जो राठौड़ वंश की बेटी थी और जयपुर के राजा और राजस्थान के हुकुम सा शाश्वत प्रताप सिंह की पत्नी। लेकिन लोगो का कहना है कि हुकुम सा अब नही रहे। लेकिन शक्ति आज भी उनकी प्रतीक्षा कर रही है। आखिर कंहा गए हुकुम सा? क्या शक्ति ढूंढ पाएगी, शाश्वत को? कैसे संभालेगी शक्ति हुकुम सा की अनुपस्थिति में ये रियासत? और तब क्या होगा जब खुलेंगे के गहरे राज? क्या अपनो का ही छल, शक्ति बर्दाश्त कर पाएगी? जानने के लिए पढ़िए ये कहानी "सियासी इश्क़"
Chapter
25
Words
35.3K
Updated
2 months ago
Published
Jan 31, 2025
Published Chapters
सियासी इश्क़ - Chapter 1
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 2
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 3
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 4
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 5
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 6
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 7
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 8
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 9
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 10
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 11
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 12
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 13
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 14
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 15
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 16
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 17
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 18
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 19
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 20
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 21
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 22
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 23
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 24
Free
सियासी इश्क़ - Chapter 25
Free
कहते है, शिव को पाने के लिए पार्वती ने तपस्या की थी। लेकिन शिव ने भी पार्वती के लिए प्रतीक्षा की। प्रेम में एक के हिस्से प्रतीक्षा आती है, तो दूसरे के हिस्से तपस्या की अग्नि। लेकिन तब क्या हो जब एक ही शख्स के हिस्से प्रतीक्षा और तपस्या दोनो आ जाए? ये कहानी है, राजस्थान की हुकुम रानी सा, शक्ति राठौड़ की। जो राठौड़ वंश की बेटी थी और जयपुर के राजा और राजस्थान के हुकुम सा शाश्वत प्रताप सिंह की पत्नी। लेकिन लोगो का कहना है कि हुकुम सा अब नही रहे। लेकिन शक्ति आज भी उनकी प्रतीक्षा कर रही है। आखिर कंहा गए हुकुम सा? क्या शक्ति ढूंढ पाएगी, शाश्वत को? कैसे संभालेगी शक्ति हुकुम सा की अनुपस्थिति में ये रियासत? और तब क्या होगा जब खुलेंगे के गहरे राज? क्या अपनो का ही छल, शक्ति बर्दाश्त कर पाएगी? जानने के लिए पढ़िए ये कहानी "सियासी इश्क़"
Aman Aj
सियासी इश्क़ - Chapter 21 • 1 year ago
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hine
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