एक साम्राज्य… जहाँ ताज सिर्फ़ सोने का नहीं होता, वो खून से भी चमकता है। एक राजदरबार… जहाँ हर मुस्कान के पीछे छिपा होता है, एक अधूरा षड्यंत्र और दो राजकुमार… जिनकी कहानी इतिहास ने सही नहीं लिखी। दुनिया ने जो देखा, वो एक दुर्घटना थी पर सच… सच कभी दुर्घटना नहीं होता। सिंहासन के चारों ओर वफादारी कम और भूख ज़्यादा होती है। ये युद्ध तलवारों से नहीं,धैर्य से लड़ा जाएगा। ये बदला चीख़कर नहीं, खामोशी से लिया जाएगा। एक राजकुमार, जिसकी आँखों में आग है, पर वो जलाता भी ऐसे है कि कोई समझ ना पाए। दूसरा, जिसकी आत्मा शांत है, पर उसकी गहराई अनदेखी है। दरबार तैयार है।साज़िशें जाग चुकी हैं और अतीत… अब लौटने वाला है।जब सच सामने आएगा, तो सिर्फ़ सिंहासन नहीं बदलेगा, रिश्तों की परिभाषा भी बदल जाएगी। D & V : Princes Beyond Royalty ये कहानी राजकुमारों की नहीं, यह कहानी है, उस कीमत की जो राजसी रक्त को चुकानी पड़ती है। तैयार रहिए क्योंकि इस बार इतिहास दोबारा लिखा जाएगा।
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Chapter 1
Chapter 1 (चीखें!) -
Chapter 2
Chapter 2 (खुशी!) -
Chapter 3
Chapter 3 (विवेक अग्निहोत्री!) -
Chapter 4
Chapter 4 (सार्थक निगम!) -
Chapter 5
Chapter 5 (जो सुधर गया, वो विवेक अग्निहोत्री नहीं!) -
Chapter 6
Chapter 6 (फेस रिविल!) -
Chapter 7
Chapter 7 (विनय और रश्मि!) -
Chapter 8
Chapter 8 (दूसरा मौका!) -
Chapter 9
Chapter 9 (मर चुके हैं हम सबके लिए!) -
Chapter 10
Chapter 10 (उसका पता गलती से भी किसी को नहीं चलना चाहिए!) -
Chapter 11
Chapter 11 (लव कुशवाहा!) -
Chapter 12
Chapter 12 (अब इससे पूछूं भी तो कैसे!) -
Chapter 13
Chapter 13 (विवेक का भाई!) -
Chapter 14
Chapter 14 (मुझे ये लड़का चाहिए!) -
Chapter 15
Chapter 15 (ये, ये हम नहीं हैं, वो है!) -
Chapter 16
Chapter 16 (सिर्फ एक ऑप्शन!) -
Chapter 17
Chapter 17 (अभी तो ये ट्रेलर है!) -
Chapter 18
Chapter 18 (माया!) -
Chapter 19
Chapter 19 (22 मई!) -
Chapter 20
Chapter 20 (जो बोला है, वो करो!) -
Chapter 21
Chapter 21 (ना जाने कब खत्म होगा ये सब!) -
Chapter 22
Chapter 22 (आप हमें धमकी दे रहे हैं!) -
Chapter 23
Chapter 23 (मैं तो बहुत सीधा इंसान हूँ!) -
Chapter 24
Chapter 24 (तुम बहुत बुरे हो!)