सात दिन/ साजिशे/ मुलाकात
रात — 12 बजे
मुंबई शहर
इस समय बीच के चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ था। कहते हैं, मुंबई दिन से ज़्यादा रात में चलती है… लेकिन रात के ठीक बारह बजे, यहाँ का समंदर जैसे शांति की चादर ओढ़ लेता है।
हवा में एक अजीब-सा भारीपन तैर रहा था। लहरें भी धीरे चल रही थीं—मानो ज़रा तेज़ हुईं तो उन पर भी रोक लगा दी जाएगी।
इसी बीच के किनारे के नीचे एक हिडन माफिया बेसमेंट बना हुआ था। अंदर हल्की पीली रोशनी टिमटिमा रही थी। उस बेसमेंट में 15 लोग बैठे थे—सबके चेहरे मास्क से ढके हुए थे, मानो अपनी पहचान खुद को खुद से छिपा रहे हों।
इतनी रात में भी उनकी आँखों पर काला चश्मा था।
वहाँ मौजूद लोग चार टीमों में बँटे थे—हर टीम अपनी पहचान के साथ वहां शामिल थे।
पहली टीम के हाथों में गीदड़ की आकृति वाली अंगूठियाँ थीं।
दूसरी टीम के गले में सोने की चेन थी, जिन पर स्टाइलिश “A” बना था।
तीसरी टीम के हाथों में डायमंड ब्रेसलेट थे, जिन पर उकेरा था — “Mr. Boss”
चौथी टीम के अंगूठे में लायन की डायमंड रिंग चमक रही थी। जो बहुत ही रॉयल और स्टाइलिश थी।
चारों टीमें आमने-सामने बैठी थीं।
ठीक सेंटर में, मैन चेयर पर बैठा था सबका हेड किंग।
सिर पर ताज और बैठने का अंदाज़… जैसे सत्ता उसकी मुट्ठी में कैद हो।
तभी खामोशी को चीरती एक भारी, कड़क आवाज गूँजती है —
“क्या मैं इस गुफ़्तगू की वजह जान सकता हूँ?”
यह आवाज लायन की थी।
किंग उसकी ओर देख मुस्कुराया और बोला।
“मिस्टर लायन को आज कुछ जल्दी नज़र आ रही है… सब ठीक है ना?”
लायन की आवाज ठंडी और सख्त हो जाती है—
“समय की बर्बादी मुझे पसंद नहीं। यहाँ मौजूद हर इंसान यह जानता है। बेहतर होगा आप सीधे मुद्दे पर आएँ।”
किंग के होंठों पर शैतानी मुस्कान तैर जाती है।
“ज़रूर…”
वह धीरे से सिर से ताज उतारकर सेंटर में रख देता है। और वापिस किंग पोजिशन में बैठ कहता है -
“आज से सात दिन बाद… नए किंग को चुना जाने वाला है।
आप सबके पास बेहतर मौका है… इस कुर्सी पर बैठने का।”
इस पर कमरे में सन्नाटा और गहरा हो जाता है।
“सात दिन में आपको साबित करना होगा — आप चारों टीमें में से कोई एक टीम इस कुर्सी के लायक हैं।”
किंग खड़ा होता है और चेयर के क्राउन पर हाथ फेरते हुए—
“इस चेयर पर बैठना आसान नहीं… लेकिन एक असली किंग के लिए मुश्किल भी नहीं।”
फिर वो आगे झुक कर कहता है।
“कोई नियम नहीं। कोई सीमा नहीं।
इस बार — बिना नियम की रेस है।
किसे मारना है… किसे छोड़ना है… यह आप पर निर्भर है।”
इस पर कमरे की हवा ठंडी पड़ जाती है।
“आप एक-दूसरे की कमजोरी पर वार कर सकते हैं… एक-दूसरे को मैदान छोड़ने पर मजबूर कर सकते हैं… लेकिन —”
वह ठहर कर कहता है।
“जिसके सिर पर मौत का निशान लग गया… वह बिना चेतावनी इस रेस से बाहर कर दिया जाएगा।”
इस पर सबके चेहरे शांत हो जाते हैं। किंग आगे कहता है -
“तो… क्या आप सब तैयार हैं इस बेबाक रेस के लिए?”
तभी मिस्टर बोस बोलता है —
“मेरा एक सवाल है।”
किंग “पूछो।”
मिस्टर बोस - “लीडर को नहीं मार सकते… लेकिन उसके चमचों को टपका सकते हैं… है ना?”
उसकी नजर लायन के दाएँ-बाएँ बैठे आदमियों पर थी।
और लायन ये अच्छे से महसूस कर रहा था।
किंग शांत स्वर में बोला —
“ज़रूर। लेकिन लीडर को शारीरिक नुकसान नहीं होना चाहिए… वरना आपको इस रेस से बाहर होना पड़ेगा।
और दोबारा मौका पाने के लिए… 30 साल इंतज़ार करना होगा।
तब तक शायद… आप इस काबिल भी न रहें।”
ये सुन मिस्टर बोस के जबड़े भींच जाते हैं। लेकिन वो कुछ बोलता नहीं है क्योंकि अभी उसका बोलना उस पर भारी पड़ सकता था, इसलिए वो अपने गुस्से की आग को भीतर ही रखता है।
मिस्टर बोस लायन को घूरते हुए मन में कहता है।
इसकी नौबत नहीं आएगी… यह कुर्सी मिस्टर बोस की है… और वही इसे हासिल करेगा।
किंग अपना ताज उठाकर फिर पहन लेता है। और सर्द आवाज में कहता है -
“मीटिंग ओवर।
सात दिन बाद मिलते हैं… एक नए किंग के साथ।”
वह अपने आदमियों के साथ बाहर निकल जाता है।
लायन भी उसके पीछे उठकर चला जाता है।
धीरे-धीरे बेसमेंट खाली हो जाता है।
लेकिन…
मिस्टर बोस और उसके लोग वहीं ठहर जाते हैं।
सबके जाने के बाद बोस अपने दाएँ हाथ की ओर बैठे आदमी को देखता है—
“बिना देरी… प्लान एक्सीक्यूट करो।”
वह आदमी शैतानी मुस्कान के साथ बोला —
“बोस… प्लान ऑन द वे है।
आज उस लायन को कोई नहीं बचा सकता।”
ये कह दोनों की डेविल स्माइल अंधेरे में चमक उठती है।
रात — 1 बजे
लायन का काफिला तेज़ रफ्तार से सड़कों पर दौड़ रहा था। लायन गाड़ी सबसे आगे थी और पीछे उसके गार्ड्स की।
अचानक —
तेज़ ब्रेक के साथ गाड़ी रुक जाती है।
और इसी के साथ पीछे से आ रही गाडियां एक-एक कर सभी रुक जाती हैं।
गाड़ी रुकने से लायन आँखें खोल कर सामने देखता है।
सामने सड़क पर… एक लड़की गिरी हुई थी।
उसका राइट-हैंड जो ड्राइव कर रहा था वो उसकी लायन की और देखता है।
लायन चश्मा उतार हल्का-सा इशारा करता है।
इशारा पा कर वो आदमी गाड़ी से उतरने लगता है
वह दरवाज़ा खोलने ही वाला था, तभी लायन की कठोर आवाज उसके कानों में पड़ती है—
“रुको।”
ये सुन वो आदमी रुक जाता है और लायन खुद गाड़ी से उतर जाता है।
अब तक सभी गार्ड्स बाहर आ चुके थे।
पहले लायन की काली, पैनी आँखें चारों तरफ घूमती हैं — जैसे अँधेरे को भी पढ़ रही हों।
फिर वह लड़की के पास पहुँचता है।
लड़की के चेहरे पर उसके घने, लंबे बाल बिखरे हुए थे, जो उसके चेहरे को छुपा रहे थे।
ये देख लायन जेब से पेन निकालता है… और उसकी नोक से उस लड़की के बाल हटा देता है।
जैसे ही उस लड़की का चेहरा सामने आता है—
लायन के होंठों पर धीमी, खतरनाक मुस्कान फैल जाती है।
वह लड़की को उठाकर अपनी बाहों में लेता है… और गाड़ी की तरफ बढ़ जाता है।
ये नजारा देख गाड़ी में बैठे उसके दोनों आदमी चश्मा हटा लायन को देखते हैं। वे ऐसे देख रहे थे जैसे उन्होंने आठवां अजूबा देख लिया हो।
यही हाल कुछ गार्ड्स का भी था।
क्योंकि आज तक लायन ने अपनी बहन के अलावा किसी लड़की को छुआ तक नहीं था…
और आज… वह एक अंजान लड़की को बाँहों में उठाए खड़ा था।
सबकी आँखें उस पर टिक हुई थी ये देख।
लायन ठंडी नजर से देखता है और सख्त आवाज में बोलता है—
“What?”
गार्ड्स तुरंत होश में आते हैं और जल्दी से अपनी नजरें हटा गाड़ियों में बैठ जाते हैं…
और इसी के साथ गाड़ियों का काफिला आगे बढ़ जाता है।
कुछ देर बाद वहां…
अँधेरे से एक आदमी बाहर आता है।
फोन लगाता है।
“मिस्टर बोस… जैसा आपने सोचा था वैसा ही हुआ।
लायन उस लड़की को लेकर चला गया है…”
अँधेरे में खेल शुरू हो चुका था।
To be continued.......