The Elite Syndicate - Chapter 2
अध्याय 2: टूटी हुई रानी और नकाबपोश रात (The Broken Queen and the Masked Night)
सॉवरेन हाइट्स के गलियारों में आज एक अलग ही हलचल थी। कोहरे की चादर में लिपटी इस यूनिवर्सिटी के अंदर का माहौल किसी शाही महल की तरह जगमगा रहा था। वजह थी—'विंटर मस्करेड बॉल' (Winter Masquerade Ball)। यह सॉवरेन हाइट्स की सबसे बड़ी, सबसे आलीशान और सबसे रहस्यमयी पार्टी थी, जहाँ हर साल करोड़ों रुपये सिर्फ दिखावे, शराब और झूठे नकाबों पर पानी की तरह बहा दिए जाते थे।
फ्रेंच क्रिस्टल के झूमरों को चमकाया जा रहा था, दीवारों पर काले और सुनहरे रंग के मखमली पर्दे गिराए जा रहे थे, और हॉल के बीचों-बीच बर्फ को तराश कर बनाई गई एक विशाल मूर्ति रखी जा रही थी।
ताविश ने अपने रफ, घिसे हुए बूट्स से उस चमकदार इटालियन मार्बल के फर्श पर कदम रखा और इस पूरे तमाशे को एक कड़वी मुस्कान के साथ देखा।
"इन अमीरों के पास पैसा इतना है कि इन्हें समझ नहीं आता इसे जलाएं कैसे," उसने खुद से बड़बड़ाते हुए कहा। उसकी लेदर जैकेट और बिखरे हुए बाल इस चमक-दमक वाली दुनिया में एकदम बेमेल लग रहे थे, और उसे इस बात की कोई परवाह भी नहीं थी।
उसे माएरी की तलाश थी, लेकिन वो अजीब सी घुटन महसूस कर रहा था। भीड़, परफ्यूम की तेज़ महक और नकली हंसी—ये सब ताविश के बर्दाश्त के बाहर था। सुकून की तलाश में वो यूनिवर्सिटी के सबसे पुराने और सुनसान हिस्से, 'नॉर्थ विंग' (North Wing) की तरफ निकल गया। यहाँ अक्सर कोई स्टूडेंट नहीं आता था क्योंकि यह हिस्सा मरम्मत के लिए बंद था।
जैसे ही ताविश नॉर्थ विंग की पुरानी, घुमावदार सीढ़ियाँ चढ़कर ऊपर की बालकनी में पहुँचा, उसके कदम अचानक रुक गए।
बालकनी के किनारे, सर्द हवा और कोहरे के बीच, एक लड़की खड़ी थी।
उसका स्लिम, परफेक्ट फिगर एक महंगे सिल्वर सिल्क टॉप और डार्क स्कर्ट में लिपटा हुआ था। उसके सुनहरे-भूरे बाल हवा में उड़ रहे थे। वो कोई और नहीं, बल्कि सॉवरेन हाइट्स की 'क्वीन बी'—ज़िश्या थी। वो लड़की जिसे देखकर यूनिवर्सिटी का हर लड़का आहें भरता था और हर लड़की उसकी तरह बनना चाहती थी।
लेकिन ताविश को कुछ और ही नज़र आया।
ज़िश्या की उंगलियों के बीच एक पतली, महंगी सिगरेट सुलग रही थी। उसके हाथ बुरी तरह कांप रहे थे। उसने एक गहरा कश लिया और धुआं छोड़ते हुए अपना चेहरा आसमान की तरफ कर लिया। तभी ताविश ने देखा कि उसकी वो खूबसूरत, बेदाग आँखें आंसुओं से भरी थीं। उसका वॉटरप्रूफ मस्कारा हल्का सा फैल गया था। जो लड़की पूरी दुनिया के सामने गुरूर का पुतला थी, वो इस अंधेरे कोने में बुरी तरह टूटकर रो रही थी।
ताविश ने जानबूझकर अपने बूट्स की आवाज़ की।
ज़िश्या अचानक चौकी। उसने झटके से पीछे मुड़कर देखा। अपनी कमजोरी को किसी और के सामने छुपने की उसकी बेताबी इतनी तेज़ थी कि उसने तुरंत सिगरेट ज़मीन पर गिरा दी और अपने चेहरे को रुमाल से पोंछने लगी।
"तुम..." ज़िश्या की आवाज़ में घबराहट थी, जिसे वो गुस्से के पीछे छुपाने की कोशिश कर रही थी। उसने अपनी चिन (ठुड्डी) ऊपर की, अपना वही पुराना, एलीट रवैया पहन लिया। "तुम यहाँ क्या कर रहे हो? ये स्कॉलरशिप स्टूडेंट्स के घूमने की जगह नहीं है।"
ताविश के होंठों पर एक तिरछी, डार्क मुस्कान आ गई। वो धीमे कदमों से उसकी तरफ बढ़ा। ज़िश्या पीछे हटना चाहती थी, लेकिन बालकनी की रेलिंग ने उसे रोक लिया।
ताविश ने ज़मीन पर गिरी उस आधी जली सिगरेट को अपने बूट से कुचला और ज़िश्या के ठीक सामने जाकर खड़ा हो गया।
"मुझे नहीं पता था कि सॉवरेन हाइट्स की महारानी छुपकर रोने के लिए इस टूटी-फूटी जगह का इस्तेमाल करती है," ताविश की आवाज़ भारी और एक अजीब से खिंचाव से भरी थी।
"मैं रो नहीं रही थी!" ज़िश्या ने तेज़ आवाज़ में कहा, लेकिन उसकी कांपती हुई आवाज़ ने उसका झूठ पकड़ लिया। "मेरी आँखों में कोहरे की वजह से... डस्ट चली गई थी। जस्ट शट अप और यहाँ से दफा हो जाओ।"
"डस्ट?" ताविश ने एक कदम और आगे बढ़ाया। अब उनके बीच महज़ चंद इंच का फासला था। ज़िश्या की महंगी फ्लोरल परफ्यूम की खुशबू ताविश की लेदर जैकेट से आने वाली रफ, सिगरेट और मस्क की गंध के साथ मिल रही थी।
ताविश ने अपना खुरदरा, बड़ा हाथ उठाया। ज़िश्या की सांसें अटक गईं। उसे लगा वो उसे चोट पहुँचाएगा, लेकिन ताविश के अंगूठे ने बेहद नर्मी से ज़िश्या की आँख के नीचे फैले हुए काजल के उस काले निशान को पोंछा।
ज़िश्या का पूरा **** उस स्पर्श से सिहर उठा। आज तक उसे अयान या किसी और ने इस तरह, इतनी गहराई और सच के साथ नहीं छुआ था। ताविश के इस एक स्पर्श ने उसके अंदर के उस खालीपन को जैसे छू लिया था, जिसे वो दुनिया से छुपाती आई थी।
"झूठ बोलना तुम्हें आता नहीं है, प्रिंसेस," ताविश ने उसकी आँखों में सीधे देखते हुए कहा। "बाहर से तुम एक परफेक्ट, सोने की मूर्ति हो। लेकिन अंदर से... तुम बिल्कुल मेरी तरह हो। टूटी हुई। बिखरी हुई। डरी हुई।"
ज़िश्या ने उसे खुद से दूर धकेलने की कोशिश की, लेकिन उसके हाथों में कोई ताकत नहीं थी। वो फूट-फूट कर रोना चाहती थी, लेकिन उसने अपने आंसुओं को ज़हर की तरह पी लिया।
"तुम मेरे बारे में कुछ नहीं जानते," ज़िश्या ने अपने आंसू छुपाते हुए, एक खौफनाक फुसफुसाहट में कहा। "तुम मुझसे दूर क्यों नहीं रहते? मैं ज़हर हूँ, ताविश। मेरे अंदर सिर्फ अंधेरा है। मेरे करीब आओगे तो मैं तुम्हें मार डालूंगी।"
ताविश की आँखें और डार्क हो गईं। उसने ज़िश्या की कमर पर हाथ रखा और उसे एक झटके में अपने करीब खींच लिया। ज़िश्या का सिल्वर टॉप ताविश की लेदर जैकेट से रगड़ खा रहा था।
"तो ठीक है," ताविश ने अपना चेहरा ज़िश्या के कान के करीब ले जाते हुए कहा। उसकी गर्म सांसें ज़िश्या की ठंडी गर्दन पर पड़ रही थीं। "वैसे भी मैं इस साफ़-सुथरी ज़िंदगी से थक गया था। मुझे थोड़ा ज़हर चखना है।"
ज़िश्या ने आँखें बंद कर लीं। एक पल के लिए, सिर्फ एक छोटे से पल के लिए, उसने अपना सिर ताविश के सीने पर टिका दिया। वो उस रफ, जंगली लड़के की धड़कन महसूस कर सकती थी। एक अजीब सा, खतरनाक सुकून था उस पल में।
"ज़िश्या?"
अचानक एक बेहद ठंडी, सधी हुई और खतरनाक आवाज़ ने उस पल को कांच की तरह चकनाचूर कर दिया।
दोनों ने झटके से मुड़कर देखा। बालकनी के दरवाज़े पर अयान खड़ा था। अयान—सॉवरेन हाइट्स का 'गोल्डन बॉय', और ज़रवान का सबसे करीबी दोस्त। वो देखने में किसी ग्रीक देवता जैसा था, लेकिन उसकी नीली आँखों में एक ऐसी बर्फीली क्रूरता थी जो ताविश की नज़रों से छुप नहीं पाई।
अयान के चेहरे पर एक परफेक्ट, प्लास्टिक मुस्कान थी, लेकिन उसकी नज़रें ताविश को ऐसे घूर रही थीं जैसे कोई इंसान किसी कीड़े को देखता है।
"क्या यहाँ कोई परेशानी है, डार्लिंग?" अयान धीमे कदमों से चलकर ज़िश्या के पास आया और अपना हाथ ज़िश्या की कमर पर पज़ेसिव (possessive) तरीके से रख दिया।
ज़िश्या का शरीर एक लकड़ी की तरह सख्त हो गया। उसने ताविश की तरफ से नज़रें हटा लीं और वापस अपनी वही पुरानी, घमंडी 'क्वीन बी' का नकाब पहन लिया।
"नहीं, अयान। कोई परेशानी नहीं है," ज़िश्या ने ठंडी आवाज़ में कहा। "यह स्कॉलरशिप स्टूडेंट बस रास्ता भटक गया था। चलो यहाँ से चलते हैं, मुझे मस्करेड बॉल के लिए तैयार होना है।"
अयान ने जाते-जाते ताविश की तरफ देखा और एक ज़हरीली मुस्कान के साथ कहा, "अपनी औकात याद रखना, दोस्त। कुछ चीज़ें सिर्फ देखने के लिए होती हैं, छूने के लिए नहीं।"
ताविश ने अपनी मुट्ठियाँ कस लीं। उसका खून खौल रहा था, लेकिन वो चुपचाप उन्हें जाते हुए देखता रहा। उसे अयान की उस बनावटी मुस्कान के पीछे का सड़ा हुआ सच नज़र आ रहा था। ताविश जानता था कि ज़िश्या किसी बहुत बड़े खतरे में है, और ये अमीरज़ादे बाहर से जितने परफेक्ट दिखते हैं, अंदर से उतने ही बड़े शैतान हैं।
उसी शाम, गर्ल्स डॉर्मिटरी (Dormitory) में।
माएरी अपने छोटे से कमरे में बैठी थी। ग्रीनहाउस में ज़रवान के साथ हुए उस खौफनाक और स्टीमी एनकाउंटर ने उसकी नसों में आग लगा दी थी। उसकी कमर पर अभी भी ज़रवान के उंगलियों के निशान महसूस हो रहे थे। उसने अपना चेहरा ठंडे पानी से धोया, लेकिन ज़रवान की वो गहरी, काली आँखें और उसकी वो टॉक्सिक फुसफुसाहट—"गेम ऑन"—उसके दिमाग से निकल नहीं रही थी।
तभी माएरी के दरवाज़े पर किसी ने दस्तक दी।
माएरी ने दरवाज़ा खोला, तो वहां कोई नहीं था। बस ज़मीन पर एक बड़ा, बेहद महंगा और काले मखमल (black velvet) का एक बॉक्स रखा था। बॉक्स के ऊपर एक डार्क रेड रिबन बंधा था।
माएरी ने झिझकते हुए उस बॉक्स को उठाया और कमरे के अंदर ले आई। जैसे ही उसने बॉक्स का ढक्कन खोला, अंदर रखी चीज़ देखकर उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं।
अंदर एक बेहद शानदार, डार्क एमराल्ड ग्रीन (गहरे पन्ना रंग) की एक डिज़ाइनर सिल्क ड्रेस रखी थी। यह ड्रेस इतनी महंगी थी कि माएरी की पूरी स्कॉलरशिप भी इसे खरीदने के लिए कम पड़ जाती। ड्रेस के साथ एक काले रंग का, खूबसूरत नक्काशी वाला क्रिस्टल मास्क रखा था।
और उन दोनों के बीच एक छोटा सा, काले रंग का कार्ड रखा था जिस पर सिल्वर इंक से कुछ लिखा था।
माएरी के हाथ कांपे। उसने वो कार्ड उठाया और पढ़ा:
*"मेरे अलावा कोई और तुम्हें इस तरह छुपने पर मजबूर नहीं कर सकता। इस ड्रेस को पहनकर आना... मुझे इंतज़ार रहेगा, लिटिल पॉइज़न (Little Poison)।
* Z."*
माएरी की सांसें तेज़ हो गईं। ज़रवान! उस शैतान ने उसे मस्करेड बॉल के लिए यह ड्रेस भेजी थी। यह कोई तोहफा नहीं था, यह ज़रवान का माएरी को यह बताने का तरीका था कि वो उसे खरीद सकता है, उसे कंट्रोल कर सकता है।
माएरी ने उस ड्रेस को गुस्से से देखा। वो इसे वापस फेंक देना चाहती थी, लेकिन फिर उसके होंठों पर भी एक वैसी ही खतरनाक, ज़हरीली मुस्कान आ गई जैसी ज़रवान की थी।
"तुम खेलना चाहते हो ना, ज़रवान रायचंद?" माएरी ने खुद से फुसफुसाते हुए कहा। "तो ठीक है। आज रात हम खेलेंगे। लेकिन इस बार दांव मैं तय करूंगी।"
रात का अंधेरा गहरा रहा था। कोहरा सॉवरेन हाइट्स को अपनी गिरफ्त में ले चुका था। मस्करेड बॉल की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। किसी को नहीं पता था कि आज रात जब ये अमीर चेहरे अपने नकाब पहनकर नाचेंगे, तो उनमें से एक चेहरा हमेशा के लिए मौत की नींद सो जाएगा।
ग्रीनहाउस का वो ज़हर तैयार था। और खूनी खेल शुरू होने वाला था।
लेखक का संदेश (Author's Note):
क्या ज़बरदस्त टेंशन थी इस चैप्टर में! एक तरफ ताविश और ज़िश्या का वो कमज़ोर और इंटेंस पल, और दूसरी तरफ ज़रवान का माएरी को वो पज़ेसिव गिफ्ट (ड्रेस) भेजना!
आपको क्या लगता है, 'मस्करेड बॉल' की रात जब माएरी ज़रवान की दी हुई ड्रेस पहनकर सामने आएगी, तो ज़रवान का रिएक्शन क्या होगा? और क्या अयान ज़िश्या को लेकर कोई डार्क सीक्रेट छुपा रहा है?
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