तुम मेरी मोहब्बत हो (बेपनाह प्यार है का सीजन 2) Complete Ch. 2

तुम मेरी मोहब्बत हो (बेपनाह प्यार है का सीजन 2) - Chapter 2

Posted by Mamta Meena • Aug 31, 2026 03:49 PM

वही इंद्रावती जैसे ही सेजल को लेकर कुलगुरू के पास पहुंची तो देखा कि कुलगुरू जो की पहाड़ियों में बनी एक गुफा में अपनी समाधि में लीन थे,,,,,,

वही इंद्रावती को सेजल के साथ आया देखकर गुरु ने अपनी आंखें खोली और मुस्कुराते हुए कहा आओ बेटी इंदिरा आओ,,,,,

तब यह सुनकर इंद्रावती और सेजल ने गुरु को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और गुरु के इशारे पर वही नीचे जमीन पर बैठ गई,,,,

तब कुलगुरु ने मुस्कुराते हुए कहा बताओ बेटी कैसे आना हुआ कोई परेशानी है क्या,,,,,

तब यह सुनकर इंद्रावती बोली हां गुरुजी एक परेशानी है जो पीछा ही नहीं छोड़ती,,,,,

तब यह सुनकर कुलगुरु मुस्कुराते हुए बोले बेटा हर परेशानी का हल है फिर ऐसी कौन सी परेशानी है,,,,,,

तब यह सुनकर इंद्रावती  ने सेजल के सपने के बारे में सब कुछ कुलगुरु को बता दिया,,,,

सारी बात बताने के बाद इंद्रावती हाथ जोड़कर बोली महाराज बचपन से लेकर आज तक सेजल इस सपने की वजह से काफी घबरा जाती है,,,,,,,

वही इंद्रावती की पूरी बात सुनने के बाद और प्रभु का स्मरण करने के बाद कुलगुरु के मुंह पर गंभीरता के भाव आ गए,,,,,,

फिर उसने एक नजर सेजल की तरफ देखा और देवी मां की मूर्ति को प्रणाम किया,,,,

तब कुलगुरु ने अपनी आंखें बंद की और फिर खोलकर कहा बेटी जैसा कि मैंने तुम्हें पहले बताया था जब तक सेजल 20 साल की नहीं हो जाती तब तक मैं उसके उस सपने के बारे में कुछ भी नहीं बता सकता,,,,,

क्योंकि मुझे कुछ दिखाई नहीं देता बस इतना आभास होता है कि उस सपने से सेजल का बहुत गहरा संबंध है,,,,,

कोई भयानक बुरी शक्ति है जो सेजल को बार-बार उस सपने के माध्यम से अपनी ओर खींचने की पूरी कोशिश करती है और 20 साल तक बह सिर्फ सेजल को सपने में ही दिखाई  देगी,,,,,

तब कुलगुरु की बात सुनकर सेजल घबरा गयी वही उसे घबरा आते देखकर कुल गुरु ने मुस्कुराते हुए कहां बेटी तुम्हे डरने की जरूरत नहीं है,,,,,,

क्योंकि बचपन से लेकर आज तक और हमेशा देवी मां तुम्हारे साथ है बह तुम्हारे साथ कुछ भी गलत नहीं होने देगी,,,,

चाहे कोई भी बुरी शक्ति कितनी ही शक्तिशाली हो जाएं  लेकिन वह देवी मां के आगे नहीं टिक सकती,,,,,,

इसलिए बेटी तुम्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है बस देवी मां पर भरोसा रखो वह कभी तुम्हारे साथ गलत नहीं होने देगी,,,,,,

तब कुलगुरु की बातें सुनकर सेजल को थोड़ी शांति मिली उसने आंखें बंद कर देवी मां का स्मरण किया और प्रार्थना की कि हे देवी मां हमेशा मेरे साथ रहना कभी मुझे अकेला मत छोड़ना,यह कहकर हाथ जोड़कर उसने देवी मां को प्रणाम किया,,,,,,

फिर कुलगुरु ने इंद्रावती की तरफ देखते हुए कहा बेटा 20 साल की होने के बाद सेजल की जिंदगी में कुछ घटित हो,,,,,,,

उससे पहले ही 20 साल की होने के तुरंत दूसरे दिन ही तुम्हें इसे लेकर मेरे पास आना होगा जिससे कुछ घटित होने से पहले ही सब कुछ पता लगाया जा सके,,,,,,

क्योंकि अगर हम समय पर ही उस समस्या के बारे में जान लेंगे तो उपाय करने में आसानी होगी और सेजल को किसी मुसीबत का सामना नहीं करना पड़ेगा,,,,,,,

तब यह सुनकर इंद्रावती हाथ जोड़कर बोली जी गुरुजी,,,,,,

तब कुलगुरु हैरानी से सेजल की तरफ देखते हुए बोले इंदिरा बेटा जब तुम पहली बार सेजल बेटी को मेरे पास लेकर आई थी,,,,,,,

उस समय मैंने मां दुर्गा का एक लॉकेट इसके गले में बांधा था वह कहां है, कुलगुरू ने हैरानी से इंद्रावती और सेजल की तरफ देखते हुए कहां,,,,,

तब यह सुनकर इंद्रावती बोली गुरुजी कॉलेज में अपनी एग्जाम के कारण  सेजल को लॉकेट अपने गले से उतारना पड़ा और उसने अपने पर्स में रख दिया, जब वापस अपने पर्स में देखा तो वज्ञ उसे नहीं मिला,,,,,

तब यह सुनकर गुरु जी कुछ देर शांत रहा फिर उसने पास में ही रखा एक दुर्गा मां का लॉकेट लिया और अपने दोनों हाथों के बीच में लेकर दुर्गा मां के सामने हाथ जोड़कर आंखें बंद की,,,,,,,

फिर कुछ वह मन ही मन में देवी मां का स्मरण कर कोई मंत्र बोला और वापस लॉकेट सेजल के गले में बांध दिया,,,,,,,

उस लॉकेट को सेजल के गले में बांधने के बाद कुल गुरु ने सेजल की तरफ देखते हुए कहा बेटा जब तक यह लॉकेट तुम्हारे गले में रहेगा तब तक कोई बुरी शक्ति तुम्हें छूना तो दूर तुम्हारे पास पटक भी नहीं पाएगी, यह देवी मां का लॉकेट हमेशा तुम्हारी रक्षा करेगा, इसे कभी खोलने की या अपने आप से दूर करने की कोशिश भी मत करना बेटा इसे हमेशा अपने पास में रखना यह कहते हुए सेजल की बुआ की तरफ देखकर फिर बोले,,,,,

और इंदिरा बेटा मैं फिर से कहूंगा कि एक बात ध्यान रखना कि जैसे ही सेजल बेटी 20 साल की हो, तो जरा सी भी देरी नहीं होनी चाहिए वरना उसकी जान खतरे में पड़ सकती है, ऐसे में यह बात मैंने तुम्हें पहले ही बता दी की सेजल बेटी को खतरा उसके 20 साल की होने के बाद है क्योंकि तब तक जो कुछ भी है वह सिर्फ उसी सपने में ही दिखाई देगा उसकी आंखों के सामने नहीं आएगा लेकिन जैसे ही सेजल बेटी 20 साल की हो,,,,,

तब बिना कोई देर किए इसे यहां मां दुर्गा के चरणों में जरूर लेकर आना इससे पहले कि कोई अनहोनी घटित हो, तुम बेटी जल्दी से ले आना जिससे देवी मां सब कुछ संभाल लेगी,,,,,,

तब यह सुनकर इंद्रावती ने भी हां में गर्दन हिलाई और कुलगुरू को प्रणाम कर वापस अपने घर आ गई,,,,

वही कुलगुरु के पास से जाकर देवी मां के दर्शन कर आने से सेजल भी अब बेहतर महसूस कर रही थी, वहां जाकर सचमुच में उसे एक सुकून सा मिल रहा था जो डर उसके दिलों दिमाग में बैठा था ऐसा लग रहा था जैसे वहां आने पर एक तरह से गायब सा हो गया था उसका दिल कर रहा था कि वह बस वहीं पर बैठी रहे और वहां से बिल्कुल भी कहीं ना जाए एक शांति से मिल रही थी उसे जो काफी वक्त से उसे नहीं मिल पा रही थी,,,

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