रूह से रूबरू (Complete ✅) Ch. 1

रूह से रूबरू - Chapter 1

Posted by kp Queen • Aug 25, 2026 03:22 PM

Ek bl novel h jise ऐसी novel पसंद न हो वो इसे न पढ़ें और कोई भी negitiv कमेंट न करे।

Chapter 1: दो अलग दुनियाएँ

शहर की सबसे ऊँची और शानदार कांच की बिल्डिंग—'रॉयल कॉर्प्स'—के 45वें माले पर सन्नाटा पसरा हुआ था। बाहर हल्की बारिश हो रही थी, लेकिन अंदर का माहौल उस बारिश से भी ज़्यादा ठंडा था।

अद्वैत अपने विशाल केबिन की सीलिंग-टू-फ्लोर खिड़की के पास खड़ा था। काले सूट में उसकी लंबी और रोबदार काया किसी राजा से कम नहीं लग रही थी। उसकी गहरी, काली आँखें नीचे सड़क पर रेंगती गाड़ियों को देख रही थीं। वह एक 'Purebred Alpha' था—एक ऐसा इंसान जिसकी एक नज़र ही बड़े-बड़े बिज़नसमैन को खामोश कर देती थी। उसकी ऑरा (Aura) में इतनी ताकत थी कि आम लोग उसके आसपास सांस लेने से भी हिचकिचाते थे। उसके चेहरे पर कभी कोई मुस्कान नहीं दिखती थी, बस एक शांत, गंभीर और अडिग रूप।

"सर, यह कॉलेज के फाइनल ईयर प्रोजेक्ट्स की लिस्ट है," उसके सेक्रेटरी ने कांपती आवाज़ में फाइल टेबल पर रखी।

अद्वैत बिना मुड़े, अपनी भारी और रोबीली आवाज़ में बोला, "मुझे सिर्फ बेस्ट काम चाहिए। फालतू चीज़ों में मेरा वक्त ज़ाया मत करो।"

"जी... जी सर," सेक्रेटरी तुरंत पीछे हट गया। अद्वैत की लाइफ में सिर्फ रूल्स, बिज़नेस और डिसिप्लिन था। प्यार या इमोशन्स नाम की चीज़ उसकी दुनिया में एक्ज़िस्ट नहीं करती थी... जब तक कि वह दिन नहीं आया।

दूसरी तरफ, शहर की सबसे मशहूर यूनिवर्सिटी के कैंपस में हल्की धूप और बारिश की बूंदें एक साथ गिर रही थीं।

कियान अपनी किताबें सीने से चिपकाए कॉरिडोर में तेज़ी से भाग रहा था। उसके बिखरे हुए भूरे बाल, बड़ी-बड़ी मासूम आँखें और गुलाबी होंठ उसे किसी पोर्ट्रेट की तरह खूबसूरत बनाते थे। वह एक 'Omega' था, लेकिन उसने अपनी पहचान को हमेशा छिपाकर रखा था। वह नहीं चाहता था कि कोई Alpha उसे कमज़ोर समझे या उस पर अपना हक जताने की कोशिश करे।

"कियान! रुको!" पीछे से उसके दोस्त रोहन की आवाज़ आई।

कियान रुका और गहरी सांस लेते हुए मुस्कुराया, "क्या हुआ रोहन? हम प्रोफेसर शर्मा की क्लास के लिए पहले ही लेट हैं।"

"अरे क्लास छोड़, तुझे पता है आज कौन आ रहा है?" रोहन ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए उत्साह से कहा, "हमारी यूनिवर्सिटी का नया स्पॉन्सर, 'रॉयल कॉर्प्स' का मालिक—अद्वैत सिंघानिया! कहते हैं वो बहुत खतरनाक बंदा है। उसकी एक नज़र पड़ जाए तो लोग थर-थर कांपते हैं।"

कियान ने आँखें घुमाईं, "मुझे किसी अमीर बिज़नसमैन से कोई लेना-देना नहीं है। मुझे बस अपनी स्कॉलरशिप बनाए रखनी है।"

लेकिन कियान को नहीं पता था कि किस्मत ने उसके लिए कुछ और ही सोच रखा था।

दो घंटे बाद, यूनिवर्सिटी के बड़े ऑडिटोरियम में सन्नाटा छाया हुआ था।

अद्वैत जब स्टेज पर आया, तो पूरे हॉल का माहौल बदल गया। उसकी भारी Alpha ऑरा की वजह से कई लोग अपनी जगह पर अकड़ से गए। कियान ऑडिटोरियम के सबसे पीछे की सीट पर बैठा अपनी डायरी में कुछ नोट कर रहा था। उसे इन सब चीज़ों में कोई इंटरेस्ट नहीं था।

अद्वैत माइक के पास पहुँचा। उसकी तेज़ आँखें पूरे हॉल को स्कैन कर रही थीं। तभी, अचानक... हवा का एक झोंका ऑडिटोरियम के दरवाजे से अंदर आया।

उस हवा के साथ एक बहुत ही हल्की, मीठी और दुर्लभ खुशबू (Pheromone) अद्वैत की नाक से टकराई—सफ़ेद चमेली और ताज़ी बारिश की बूंदों जैसी।

अद्वैत की बोलती हुई ज़बान अचानक थम गई।

उसकी आँखें सिकुड़ीं। उसका 'Alpha Instinct' (अंदर का भेड़िया/प्रवृत्ति) एकदम से जाग उठा। उसके दिल की धड़कन तेज़ हो गई। पूरे 28 सालों में किसी भी ओमेगा की खुशबू ने अद्वैत पर 1% भी असर नहीं किया था, लेकिन यह खुशबू... यह सीधी उसके खून में दौड़ गई।

अद्वैत ने अपनी गर्दन घुमाई और उसकी सीधी, तीखी नज़रें भीड़ को चीरती हुई सीधे सबसे आखिरी बेंच पर बैठे कियान पर जाकर टिक गईं।

कियान, जो अब तक डायरी में लिख रहा था, उसे अचानक महसूस हुआ जैसे किसी की बहुत भारी और गर्म नज़र उसे जला रही हो। उसने धीरे से अपना सिर उठाया।

दोनों की आँखें पहली बार मिलीं।

कियान की मासूम, हैरान आँखें... और अद्वैत की बेहद गहरी, जुनूनी और गहरी होती हुई आँखें। अद्वैत के अंदर जैसे किसी ने आग लगा दी हो। उसकी मुट्ठियां कस गईं।

'यह लड़का... यह ओमेगा कौन है?' अद्वैत के दिमाग में सिर्फ यही एक सवाल गूंज उठा। और पहली बार, अद्वैत सिंघानिया के चेहरे पर एक बहुत ही हल्की, लेकिन जुनूनी मुस्कान आई।पहली नज़दीकी और बेचैनी

ऑडिटोरियम में सन्नाटा पसरा हुआ था। अद्वैत की नज़रें लगातार कियान पर टिकी थीं।

कियान का दिल अचानक ज़ोरों से धड़कने लगा। अद्वैत की तीखी, भारी ऑरा की वजह से कियान की गर्दन पर हल्की सी सिहरन दौड़ गई। वह घबरा गया। उसने अपनी किताबें उठाईं, नज़रें नीचे कीं और बिना किसी की परवाह किए तेज़ी से ऑडिटोरियम के पिछले दरवाज़े से बाहर निकल गया।

अद्वैत की आँखें उसे बाहर जाते देखती रहीं। जैसे ही कियान ओझल हुआ, हवा से वह मीठी खुशबू भी गायब हो गई। अद्वैत के अंदर एक अजीब सी खालीपन और झुंझलाहट भर गई।

"सर? सब ठीक है?" उसके पास खड़े यूनिवर्सिटी के डीन ने घबराते हुए पूछा।

अद्वैत ने अपनी घड़ी देखी और रूखी आवाज़ में बोला, "इवेंट खत्म कीजिए। मुझे इस यूनिवर्सिटी के हर स्टूडेंट की प्रोफाइल फाइल 10 मिनट में मेरी कार में चाहिए।"

कियान यूनिवर्सिटी के गार्डन में लगे एक बड़े पेड़ के नीचे बैठा अपनी सांसें सामान्य करने की कोशिश कर रहा था। उसकी गालों पर हल्की लाली छाई हुई थी।

"क्या था वो?" कियान ने अपने सीने पर हाथ रखते हुए खुद से फुसफुसाया। "उस इंसान की नज़रें... ऐसा लग रहा था जैसे वो मुझे एक ही पल में पूरा पढ़ लेना चाहता हो।"

कियान ने अपने बैग से अपना 'Pheromone Blocker Suppressant' निकाला और एक टेबलेट पानी के साथ निगल ली। एक ओमेगा होने के नाते उसे हमेशा डर रहता था कि कोई पावरफुल अल्फा उसकी पहचान न जान ले।

तभी उसका दोस्त रोहन भागता हुआ आया, "कियान! तू कहाँ गायब हो गया था? तुझे पता है क्या हुआ? अद्वैत सिंघानिया ने अपनी पूरी स्पीच ही कैंसिल कर दी और सीधे अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए! सब कह रहे हैं कि उन्हें गुस्सा आ गया।"

कियान ने राहत की सांस ली, "अच्छा ही हुआ कि वो चले गए। वो इंसान बहुत अजीब है।"

शाम के 7 बज रहे थे। 'रॉयल कॉर्प्स' के टॉप फ्लोर पर अद्वैत अपने केबिन में बैठा था।

उसके सामने कांच की मेज पर एक ब्लैक फाइल खुली हुई थी। उस फाइल में कियान की फोटो लगी थी—मासूम चेहरा, बिखरे हुए बाल और हल्की सी मुस्कान।

नाम: कियान (Kyan)

उम्र: 21 वर्ष

डिपार्टमेंट: आर्किटेक्चर (Final Year)

स्टेटस: स्कॉलरशिप स्टूडेंट (Secondary Gender: Unregistered / Suppressed)

"Unregistered?" अद्वैत की उँगलियाँ कियान की तस्वीर पर ठहर गईं। उसकी आँखें डार्क हो गईं। "तुम अपने आप को छुपा रहे हो, छोटे ओमेगा?"

अद्वैत के सेक्रेटरी ने डरते हुए कहा, "सर, यह लड़का बहुत साधारण बैकग्राउंड से है। क्या इस पर कोई बिज़नेस इंक्वायरी बैठानी है?"

अद्वैत ने अपनी कुर्सी पीछे की और खड़ा हो गया। उसके चेहरे पर वही खतरनाक और जुनूनी मुस्कान थी जो किसी K-Drama के विलेन-हीरो के चेहरे पर होती है जब उसे अपनी मनपसंद चीज़ मिल जाती है।

"नहीं," अद्वैत की ठंडी आवाज़ गूंजी। "कल सुबह से हमारी कंपनी में जो 'स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट' के लिए यूनिवर्सिटी से इंटर्न चुने जाने थे... उसमें पहला नाम इस लड़के का होना चाहिए।"

"लेकिन सर, इंटर्न्स का सिलेक्शन तो अगले महीने होने वाला था..."

अद्वैत ने मुड़कर अपने सेक्रेटरी को देखा। उसकी अल्फा ऑरा इतनी भारी थी कि सेक्रेटरी का दम घुटने लगा।

"मैंने कहा... कल सुबह," अद्वैत ने दो टूक कहा। "और उसका डेस्क मेरे केबिन के बाहर ही लगेगा।"

अगली सुबह कियान जब कॉलेज पहुँचा, तो डीन ऑफिस से उसे बुलावा आया।

"क्या? 'रॉयल कॉर्प्स' में इंटर्नशिप? लेकिन सर, मैंने तो अप्लाई भी नहीं किया था!" कियान ने हैरान होकर डीन से कहा।

डीन ने हँसते हुए कहा, "यह अद्वैत सिंघानिया जी का पर्सनल ऑर्डर है, कियान। उन्होंने तुम्हारी पुरानी प्रोजेक्ट फाइल्स देखीं और तुम्हें सिलेक्ट किया। यह तुम्हारी ज़िंदगी का सबसे बड़ा मौका है!"

कियान का दिल बैठ गया। 'अद्वैत सिंघानिया?' उसके दिमाग में कल की वो काली, जुनूनी आँखें घूम गईं। उसे अंदर से एक अजीब सा खतरा महसूस हो रहा था, लेकिन वह इस स्कॉलरशिप और मौके को ठुकरा भी नहीं सकता था।

दो घंटे बाद...

कियान 'रॉयल कॉर्प्स' की विशाल इमारत के सामने खड़ा था। उसकी धड़कनें तेज़ थीं। उसने अपने कपड़े ठीक किए और अंदर कदम रखा।

रिसेप्शनिस्ट उसे सीधे 45वें माले पर ले गई। लिफ्ट का दरवाज़ा खुला और सामने पूरा ग्लास का एक आलीशान फ्लोर था।

जैसे ही कियान ने लिफ्ट से बाहर कदम रखा, उसे पूरे फ्लोर पर वही भारी, डोमिनेंट और नशीली Alpha ऑरा महसूस हुई—चंदन और देवदार की लकड़ी जैसी सख्त और रोबीली खुशबू।

केबिन का कांच का दरवाज़ा अपने आप खुला।

अद्वैत अपनी रिवॉल्विंग चेयर पर बैठा था। उसने काले रंग की शर्ट पहनी थी, जिसके ऊपरी दो बटन खुले थे। वह किसी राजा की तरह लग रहा था।

"अंदर आओ, कियान," अद्वैत की गहरी, भारी आवाज़ ने कमरे के सन्नाटे को चीर दिया।

कियान ने धीरे-धीरे कदम बढ़ाए। उसकी नज़रें नीचे थीं। "जी... गुड मॉर्निंग, सर। मैं यहाँ इंटर्नशिप के लिए..."

अद्वैत अपनी कुर्सी से उठा। उसके लंबे और रोबदार कदम कियान की तरफ बढ़ने लगे।

कियान की दिल की धड़कन इतनी तेज़ हो गई कि उसे खुद अपनी आवाज़ सुनाई देने लगी। वह पीछे हटने ही वाला था कि अद्वैत उसके ठीक सामने आकर रुक गया। अद्वैत का कद इतना लंबा था कि कियान को उसे देखने के लिए अपनी गर्दन पूरी ऊपर उठानी पड़ रही थी।

अद्वैत ने थोड़ा झुककर कियान के कान के पास अपनी सांसें छोड़ीं। कियान के शरीर में एक बिजली सी दौड़ गई।

"तुम कल ऑडिटोरियम से बिना इजाज़त भाग गए थे..." अद्वैत की आवाज़ बहुत धीमी, लेकिन बेहद पॉजेसिव (Possessive) थी। "मुझे भागने वाले लोग पसंद नहीं हैं, कियान।"

कियान ने घबराकर अद्वैत की आँखों में देखा। अद्वैत की आँखें इतनी गहरी और भूखी लग रही थीं जैसे वह कियान को वहीं अपना बना लेना चाहता हो।

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