One Night Stand With Stranger (Completed) Ch. 2

Kiss

Posted by Miss Aina • Jul 20, 2026 03:27 PM

मल्होत्रा मेंशन__

कहां थी सारी रात, कौशल्या सना को आते देख रास्ते में रोकते हुए बोली |"

गीता के साथ थी, पोर्टफोलियो तैयार करना था उसमें बिजी थी " सना ने दो टूक जवाब देकर कदम बढ़ा दिए !!

झूठ बोल रही हो तुम, सच बताओ कहां थी ,

कौशल्या जी सना की कलाई पकड़ के अपनी तरफ खींचते हुए बोली !

आपको यकीन करना है तो करें वरना ना करे i don't care, सना गुस्से से बोलते हुए अपना हाथ छुड़ा के बोली |"

और हां आपको जितनी फिक्र है मेरी मुझे अच्छे से पता है,

मुझे क्यों फिक्र नहीं होगी तुम्हारी मेरी बेटी हो तुम,"

मै कोई आपकी बेटी नहीं हु आप मेरे डैड की वाइफ है बस, निया है न आपकी बेटी आप प्लीज मेरी मां बनने की कोशिश ना करे !! मेरी मां मर चुकी है,

बेटा मैने कभी तुम में ओर निया में फर्क नहीं समझा"

ओह प्लीज बस करे आप , हटे मेरे रस्ते से " सना उन्हें अपने रास्ते से हटाते हुए कमरे की तरफ बढ़ गई !!

ओर कौशल्या बस देखते रह गई !

अहान उस नोट को अपनी उंगलियों के बीच यूं पकड़कर बैठा रहा, जैसे वो कोई ताबीज़ हो…

कोई ऐसा टुकड़ा, जो उसके दिल को छू गया हो।

उसने गहरी सांस ली, कमरे की बालकनी में जाकर खड़ा हो गया।

नीचे सड़क पर लोग अपनी-अपनी ज़िंदगी में बिजी थे…

पर अहान की ज़िंदगी, उस एक रात में कहीं ठहर गई थी।

वो लड़की कौन थी? बिना कुछ कहे चली क्यों गई, ये सवाल उसके दिमाग में चलता रहता था ! उसे तो उसका नाम भी नहीं पता था , वो किस तरह ढूंढे उसे, वो ये नहीं समझ पा रहा था !

अहान वो आर्ट एग्जीबिशन में तुम जा रहे हो या नहीं, विवान डिसूजा ने उसे पीछे से आवाज दी !!

वो कब है डैड उसने बेध्यानी में पूछा !

3 दिन बाद, अगर तुम नहीं जाना चाहो तो मुझे बता दो , मै चला जाऊंगा !

नहीं मैं चला जाऊंगा डैड, you don't worry about it"

ओके गुड क्योंकि तुम्हे पता है वो तुम्हारे अमन अंकल ही ऑनर है वहां के इसलिए वो बहुत बार insist कर चुके है आने के लिए !!!

जी मै जाऊंगा आपको तो पता है मुझे पेंटिंग्स का कितना शौक है , अहान स्माइल करते हुए बोला !!

गीता तेरा पोर्टफोलियो रेडी हो गया या नहीं, सना ने काल पिक करते ही अपना सवाल दागा,

हां यार वो तो रेडी है बस एक बार चेक करना होगा, यार आर्ट ये सोच के लिया था की ईजी रहेगा, मुझे क्या पता था इसमें इतने झमेले है, गीता झुंझला के बोली, जिस पर सना ने हस्ते हुए कहा __ यार पढ़ाई ही छोड़ दे सब ईजी हो जाएगा !!!

हां सही कह रही वैसे उस दिन गायब कहां हो गई थी तू हम लोग पूरे क्लब में तुझे ढूंढ रहे थे ,

यार तुम लोग डांस करने में बिजी थे तो मैं घर आ गई थी, तुझे तो पता है मुझे शोर शराबे पसन्द नहीं ""

चल ठीक है मैं बाद में काल करती हु ये कहते हुए सना ने काल कट कर दी !

सना ऐसी ही थी वो अपनी पर्सनल बाते किसी से शेयर नहीं करती थी, खुद में गुम रहने वाली अनोखी लड़की"

3 दिन बाद – मुंबई, बांद्रा के एक आर्ट एग्जीबिशन में_

उसे कोई उम्मीद नहीं थी… पर फिर भी उसका दिल कह रहा था — वो यही कहीं है। अहान उसके होने के वजूद को महसूस कर पा रहा था !

तभी उसके कदम एक पेंटिंग के सामने रुक गए।

काली पृष्ठभूमि में एक लड़की की झुकी हुई आंखें,

जिनमें जैसे पूरी कायनात का ग़म छुपा था…

नीचे छोटा सा नाम लिखा था —

"Painted in pain – By S"

S...?

उसके दिल ने एक जोर से धड़कना शुरू दिया।

वो बेचैनी से काउंटर पर गया,

"Excuse me, ये आर्टिस्ट कौन है? मिल सकते हैं क्या?"

"Sorry sir, ये आर्टिस्ट अपना चेहरा और नाम पब्लिक में नहीं लातीं, सिर्फ पेंटिंग्स भेजती हैं।"

"क्या आप उनका एड्रेस या कुछ भी…?" अहान ने बेचैनी से कहा|"

"नहीं सर, पर अगर आप चाहें तो एक पर्सनल मैसेज हम उनके पास भेज सकते हैं।"

अहान ने झट से एक छोटा सा नोट लिखा:__

“अगर ये पेंटिंग वाकई दर्द में डूबी है,

तो शायद तुम जानती हो —

मैं कौन हूं।

अगर तुम चाहो तो, मैं फिर से वही लड़का बन सकता हूं

जो उस रात सिर्फ तुम्हें समझने आया था।

कल रात में तुम्हे वही मिलूंगा जहां हम मिले थे |"

– A”

इतना लिख के उसने वो नोट्स सामने वाले को दे दिया !

और वो पेटिंग खरीद के अपने साथ ले आया "

सुबह का वक्त, मल्होत्रा मेंशन__

"मम्मा सना फिर सुबह-सुबह बिना खाए चली गई?" निया ने कौशल्या की तरफ देखते हुए पूछा।

कौशल्या ने एक फीकी मुस्कान दी, लेकिन आंखें कुछ और कह रही थीं — थकी हुई, टूटी हुई।

"हां, उसे शायद मेरा बनाया नाश्ता पसंद नहीं आता," कौशल्या ने बेमन से कहा।

"आप फिर वही सोच रही हो न? वो अब भी आपको अपनी मां क्यों नहीं मानती," निया ने उनका हाथ पकड़ते हुए पूछा।

"क्योंकि मैं उसकी मां नहीं हूं निया… मैं बस उसकी ज़िंदगी में आई एक परछाईं हूं। उसकी असली मां की जगह कभी नहीं ले सकती," कौशल्या की आवाज़ कांप रही थी।

"पर आप तो कोशिश कर रही हो ना मम्मा, और वो देख भी नहीं रही…" निया ने गुस्से से कहा !

"देखती है, लेकिन मानना नहीं चाहती। और शायद अब वक्त है उसे खुद अपनी राह तय करने देने का," कौशल्या ने धीरे से कहा और उठकर चली गई।

उसी वक्त, A.D.M university___

सना दीवार के पास बैठी थी, उसके हाथ में वही पेंटिंग की तस्वीर थी जिसे अहान ने खरीद लिया था।

"तूने ये सच में भेजी थी उस एग्जीबिशन में?" गीता ने उसकी आंखों में झांकते हुए पूछा।

"हां," सना ने धीरे से कहा।

यार ओर ये किसी ने खरीदे भी, वाव यार "

हम्ममम कोई होगा मेरी ही तरह, जिसे ये पसंद आई!

सना को फिर वो नोट में लिखी बात याद आई "

> "अगर ये पेंटिंग वाकई दर्द में डूबी है,

तो शायद तुम जानती हो —

मैं कौन हूं।

अगर तुम चाहो तो,

मैं फिर से वही लड़का बन सकता हूं

जो उस रात सिर्फ तुम्हें समझने आया था।

कल रात में तुम्हे वही मिलूंगा जहां हम मिले थे |

– A”

सना ने मन ही मन सोचा "वो रात… मेरे लिए एक गलती थी या किस्मत — मैं तय नहीं कर पा रही।"

अब इसका फैसला भी वक़्त पर ही छोड़ देते है !!

हम जरूर मिलेंगे अहान , कुछ है जो पूरा करना है !

क्या सोचने लगी गीता ने उसे खामोश देख के पुछा!!

कुछ नहीं चल क्लास में चलते है !!

स्टार क्लब, रात 11 बजे __

एक हल्की नीली रोशनी जल रही थी और एक धीमी सी धुन बज रही थी जैसे किसी टूटे हुए दिल की रूहानी आवाज़।

अहान दीवार के सहारे शराब का ग्लास हाथों में लिए खड़ा था और उसकी निगाहें दरवाज़े की तरफ टिक गई थीं। वक़्त था कि गुजरने का नाम नहीं ले रहा था |

धीरे धीरे उसकी उम्मीदें खत्म हो रही थी की वो आएगी भी या नहीं !

तभी डोर बेल बजती है , अहान जल्दी से डोर ओपन करता है और सना को अंदर खींचकर उसे किस करना शुरू कर देता है , धीरे धीरे वो किस जुनून में बदलती जा रही थी !

अहान प्लीज स्टॉप इट यार, इट्स हर्टिंग!

तो होने दो हर्ट तुम्हारे छोड़ जाने से मैं कितना हर्ट हुआ हूं इसका अंदाजा है तुम्हे, डोंट वरी आज हो जाएगा "

अहान गुस्से से कहता हुआ उसे अपनी गोद में उठा लेता है !!

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