One Night Stand With Stranger - Chapter 1
स्टार क्लब, मुंबई (काल्पनिक नाम) रात 11 बजे,"__
भीड़, नशा, तेज़ म्यूजिक और रोशनी में डूबा ये क्लब अपने शबाब पर था।
"यार अहान अब जब तू आ ही गया है मेरे कहने पर, तो कम से कम इंजॉय तो कर! चल आ जा ड्रिंक करते हैं!"
उस लड़के ने अहान का हाथ पकड़ कर खींचते हुए कहा।
अहान के चेहरे पर हल्की झुंझलाहट थी, पर उसने वीर की बात टालना ठीक नहीं समझा।
कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको बता दूं , अहान डिसूजा एक फेमस बिजनेस टाइकून विवान डिसूजा का इकलौता वारिस है !
उमर 30 साल, कड़क मिज़ाज, कम बोलने वाला, लेकिन बिज़नेस की दुनिया का बादशाह। उसके पास सब कुछ था—पैसा, पॉवर, शोहरत—but peace? वो कहीं नहीं था।
पब्लिक में वो हँसता था लेकिन अंदर से खाली था।
उसकी मां की मौत के बाद वो बिलकुल तनहा रह गया था, उसका इस दुनिया में सिर्फ उसका एक दोस्त था वीर ! उसके बाप से उसकी बनती नहीं , वो एक बहुत ही सादा सा इंसान था , और साथ ही साथ बेइंतेहा हसीन !
ड्रिंक्स लेकर वो एक साइड आकर खड़ा हों जाता है ,
लाइट्स और तेज़ म्यूज़िक के बीच अहान की नज़र क्लब के कॉर्नर में बैठी एक लड़की पर पड़ी।
काले रंग की ड्रेस, खुले बाल, होठों पर गहरी लिपस्टिक, और आंखों में ऐसा सूनापन कि अहान कुछ सेकंड के लिए सब भूल गया।
अहान की नज़रें अब उस लड़की पर अटक चुकी थीं। न जाने क्यों, वो उसकी तरफ खिंचा चला जा रहा था।
वो लड़की हाथ में एक ग्लास पकड़े, क्लब के सबसे कोने में बैठी थी, जैसे वो इस चकाचौंध से बिलकुल अलग किसी और दुनिया की हो,
Hey I'm अहान डिसूजा क्या मै यहां बैठ सकता हूं,
अहान ने सामने रखी चेयर की तरफ इशारा किया,
उसके पूछने पर लड़की ने उसकी तरफ नजरें उठा के देखा था !
और उठ कर जाने के लिए कदम बढ़ा दिया, पर ड्रंक होने के वजह से वो लड़खड़ा गई, वो गिरने वाली थी पर अहान ने उसका हाथ थाम लिया था !
वो जल्दी से खुद को संभालती हुई खड़ी हुई और एक कार्ड उसकी तरफ बढ़ा के वहां से चला गई !!
DJ अब भी तेज़ बीट्स बजा रहा था, पर अहान की दुनिया कुछ सेकंड के लिए पूरी तरह से थम गई थी।
वो बस उस एक पल को महसूस कर रहा था—जब उसने उसका हाथ थामा था।
नर्म-सी कलाई, सिहरती हुई उंगलियां… और वो आंखें...
जैसे कह रही हों — "मुझे मत छुओ, मैं टूटी हुई हूं।"
उसने चुपचाप उस कार्ड को उठाया जो लड़की छोड़ गई थी " उस पर बस रूम नंबर लिखा था, रूम न. 193
वो इसी होटल का एक रूम था , अहान के कदम खुद ब खुद उस रूम की तरफ बढ़ गए !
उसने दरवाज़े पर हाथ रखा, और कुछ सेकंड ठहरकर बेल दबा दी, दरवाजा खुलते ही किसी ने उसे अन्दर खींचा था और फिर डोर लॉक करके वो उसकी तरफ घूमी !!
कमरे की लाइट डिम थी। पर्दे हवा से हिल रहे थे और कमरे में मद्धम-सी महक थी चंदन और कुछ अजीब-सी नमी की।
अहान अब भी हैरान था। जो लड़की कुछ घंटे पहले उसे बिना कुछ कहे क्लब से चली गई थी, वो अब सामने थी — इतनी क़रीब कि उसकी सांसें भी सुनाई दे रही थीं।
उसने उसका हाथ पकड़ा और धीरे से मुस्कराई —
"हम्म... तो बताओ, क्या बात करनी थी?"
उस लड़की ने अहान का हाथ पकड़ के अपनी तरफ खींचा और बेड पर बिठा लिया !!
अहान के शब्द जैसे कहीं अटक से गए थे।
अहान पहली बार किसी लड़की को इतने करीब से देख रहा था इसलिए उसके लफ्ज़ लड़खड़ा रहे थे ||
"वो… वो दरअसल… तुम ठीक तो हो? तुम क्लब में गिरने वाली थीं, तो मैं बस—"
लड़की ने उसके होंठों पर उंगली रख दी।
"श्श्श… इतनी जल्दी फिक्र करने लगे मेरे लिए? फिर वो थोड़ी और करीब आ गई —
"पर मैं तुमसे एक बात जानना चाहती हूं, अहान डिसूजा… तुम्हें लड़कियों के करीब आने की आदत नहीं, है ना?"
अहान की सांसें तेज़ हो गईं, "नहीं… मतलब… नहीं है।" वो जल्दी से बोला !
लड़की ने मुस्कुराकर उसकी कॉलर ठीक की और बोली,
"फिर भी आ गए मेरे कमरे तक?"
"तुमने बुलाया था," अहान ने जवाब दिया, लेकिन उसकी आवाज़ धीमी पड़ गई थी।
मैं बस… तुम्हें समझना चाहता हूं। तुम्हारी आंखों में जो कुछ है, वो मुझे बेचैन कर रहा है।" अहान ने उसकी आंखों में झांकते हुए कहा !
"कभी-कभी कुछ ज़ख्म इतने गहरे होते हैं कि किसी अजनबी की फिक्र भी काटने लगती है…"
"तो मैं अजनबी हूं?" अहान ने पूछा?
"फिलहाल… हां। अभी तक तो...उसने अहान के हाथों पर अपना हाथ रखते हुए कहा !!
तो जान पहचान कर लेते है बताए क्या नाम है आपका , अहान ने उससे पूछा !
नाम वाम छोड़ो, जिस लिए आए हो वो बताओ उसने अहान को अपनी तरफ खींचा !!
अहान ने उसकी आंखों में देखा और फिर उस की तरफ झुकता चला गया !
वो उसे बेड पर धकेल कर उसके ऊपर आ गईं और उसके होंठों पर किस करते हुए बोली , i hope ये रात तुम कभी नहीं भूलोगे ! वो दोनों ही एक दूसरे में खो से गए ऐसा लग रहा था दोनों ही ग़मो में टूटे हुए है और आज इन दोनों के ग़म दवा होने वाले है !
क्या तुम पहले किसी लड़की के साथ......
नहीं तुम पहली हो और आखिरी भी, अहान ने उसे बीच में टोकते हुए कहा !
इंटरेस्टिंग फिर तो मैं काफी खुशकिस्मत हुई, उस लड़की ने अहान के होंठों पर उंगलियां फिराते हुए कहा
जिस पर अहान ने उसे खींच के अपने होठों से सटा लिया"
ओर दोनों ही एक दूसरे में खो से गए !
वो अहान की बाहों में सिमटी हुई थी।
कमरे की लाइट्स बुझ चुकी थीं, पर खिड़की से आती चांदनी में उनका साथ चमक रहा था।
अहान ने उसके गालों पर हाथ फेरा, और धीरे से उसके होंठों को चूम कर बोला __
“तुम्हें पता है,” तुम्हारी आंखों में जो उदासी है ना… वो मेरी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई है।”
वो मुस्कुराती हुई अपनी उंगलियों को अहान के होंठों तक ले जाकर बोली,
“और तुम… तुम मेरे अंदर की उस लड़की को जगा रहे हो जो खुद को फिर से चाहने लगी है…”
अहान ने उसे अपनी ओर खींचा, उनकी सांसें आपस में उलझ गईं, और वो दोनों फिर से एक दूसरे में खो गए ।
अहान ने उसकी गर्दन पर अपनी नर्म सी गर्म सांसें छोड़ीं, और कहा काश मैं ये वक्त रोक सकता !!
उसने उसकी शर्ट की कॉलर पकड़ी और उसे अपने और करीब खींच लिया,
"तो रोक दो वक्त और मुझे टूट कर चाहो इस रात में, जैसे कल का कोई वजूद ही ना हो…"
अगले ही पल उनके होंठों के बीच की दूरी मिट चुकी थी।
वो किस… जो रुकना नहीं चाहती थी…
धीरे-धीरे जुनून में बदल गई।
अहान ने उसे बेड पर लिटाया, उसकी पीठ पर हाथ फिराते हुए उसे अपनी बाहों में समेट लिया
उसने आंखें बंद कर लीं और खुद को उस आग में सौंप दिया,
जिसमें जलना… शायद राहत जैसा था।
कमरे में बस उनकी धीमी सांसें थीं, बेड की सिलवटें थीं, और दो अधूरी रूहों का मिलन था…
वही दूसरी तरफ__
निया क्या तुम्हे पता है इस वक्त तुम्हारी बहन कहां है ,
मुझे क्या पता डैड, आप तो ऐसे पूछ रहे हैं जैसे वो हर जगह मुझे बता कर जाती है , वो थोड़ा गुस्से में बोली !!!
बेटा तुम्हारी बड़ी बहन है वो तुम्हे उससे इतनी चिढ़ क्यों है,
वो आपकी बेटी है मेरी कोई बहन नहीं है, मुझे फालतू रिश्तों से मत जोड़ें आप "
निया गुस्से से बोलती हुई अपने रूम की तरफ बढ़ गई "
क्या हुआ क्यों मूड खराब दिया उसका आपने , कौशल्या जी उसे गुस्से में जाते हुए देख के बोली,
बहन है वो इसकी , क्यों है इसे इतनी नफरत उससे , कम से कम तुम्हे तो समझाना चाहिए , आनंद जी गुस्से में बोले...
आपको तो पता है ये बचपन से ही ऐसी हैं, धीरे धीरे खुद समझदार हो जाएगी !
ये है आनंद मल्होत्रा , इनकी दो बेटियां है निया और सना" ये स्कूल में टीचर है और कौशल्या एक हाउसवाइफ |"
मिडिल क्लास फैमिली है और सादा जीवन जीने वाले लोग है !
सुबह 6 बजे,__
अहान की आंखें खुलीं उसे रात की बाते अब भी याद थी उसने बंद आंखों से ही आस पास टटोला पर बिस्तर खाली था। वो हड़बड़ा कर उठकर बैठ गया।
कमरा खाली था पर साइड टेबल पर एक कागज का टुकड़ा पड़ा था , उसने वो नोट उठाया और पढ़ना स्टार्ट किया !!
“मत ढूंढना मुझे… जो था, वो यहीं तक था। तुम वो थे जो मुझे एक रात के लिए जीने की वजह दे गए, एक खूबसूरत याद बनकर हमेशा मेरे पास रहोगे, काश हम कभी जुदा ना होते "|
हम जरूर मिलेंगे, अहान ने मन ही मन कहा और उस नोट को फोल्ड किया और अपने वॉलेट में रख लिया !!
तो कौन थी ये लड़की जो अहान डिसूजा को भा गई, क्या फिर कभी मिलेंगे ये दोनों?
आखिर क्या वजह थीं जो उसने अपना नाम तक नहीं बताया ?.
जानने के लिए पढ़ते रहिए One night stand with stranger , और रिव्यू देना मत भूलना !