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Chapter 67

अधूरा सौदा - Chapter 67पिशाचिनी का अंत

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श्मशान की कांपती हुई मिट्टी पर वीर प्रताप सिंह घुटनों के बल बैठा था, पर उसकी आँखों में छाई वो खौफनाक लाल चमक बता रही थी कि शेर ज़ख्मी ज़रूर है, पर मरा नहीं है। उसकी पसली से बहता हुआ

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