Chapter 142
एक वादा, जो किस्मत बन गया- Chapter 142
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अवीर के होंठों से जैसे ही शब्द निकले— “मेरी बहन…” वक़्त जैसे वहीं ठहर गया। अभिमान की आँखें एक पल के लिए बिल्कुल स्थिर हो गईं। उसकी साँस अटक गई, जैसे किसी ने अचानक उसके सीने पर हाथ