किसिंग वीडियो- Chapter 3
आरना ने माहिर के एक गहरी व्यंगतमक आवाज़ को सुना, "ऐसा कैसे है कि तुम खुद ही खेल कर मजे ले रही हो?"
"....", क्या?
आरना ने उसे अपनी पनीली आँखों से घूरा। उसे बस उसके छोटे से चेहरे पर पड़ती हुई गहरी नज़र ही दिखाई दी। यह न केवल उसे नीचा दिखाने वाली नज़र थी, बल्कि उसे नफरत और खिल्ली उड़वाए जाने का भी एहसास हुआ।
वो अचानक से खिल कर मुस्कुराई, और माहिर की तरफ चमकती हुई आँखों से देखने लगी। बेशक वो उसे छेड़ रही थी, पर उसे अभी भी थोड़ी शर्म आ रही थी जब उसने उससे पूछा,
"मिस्टर हम लुक्का छिप्पी का खेल क्यों नहीं खेलते?"
माहिर कि ठंडी आँखें एकदम चमक उठीं, उसके सेक्सी होंठों से बस एक ही शब्द निकला,
"नहीं"।
आरना जम गई, उसे बेहद अजीब लगा और वो कुछ हद तक शर्मिंदा भी हो गई। उसकी उस पर पड़ती लगातार तीखी नज़र के कारण उसे ऐसा लगा मानो वो एक जोकर थी जो उसके सामने अभिनय कर रही थी।
"इस खेल में बहुत मज़ा आता है! मैं आपकी आँखों को ढक दूँगी और मेरे छुप जाने के बाद आपको मुझे ढूँढना होगा। अगर आपने मुझे ढूंढ लिया तो आप जो चाहे मैं वो आपको अपने साथ करने दूँगी"।
आरना ने ज़बरदस्ती उसकी टाई निकाली और उसकी आँखों पर बांध दिया।
वो जल्दी से बिस्तर पर से कूदी, और दरवाज़े की ओर भागी, और उसे वो याद दिलाना नहीं भूली, "मिस्टर आपको बेशक मुझे ढूँढना होगा"।
माहिर ने धीरे से दरवाज़े को खुलने की आवाज़ को सुना, और कुछ सेकेंड बीत जाने के बाद वहाँ पूरी तरह से शांति छा गई।माहिर ने उठ कर बैठने से पहले अपनी बड़ी सी हथेली से अपनी आँख पर से पट्टी उतारी। उसने बंद दरवाज़े की तरफ देखा और उसका चेहरा बेरूखे ढंग से मुड़ गया।
उसने अपनी पेंट की जेब से अपना मोबाइल निकाला और बाल्कनी में जा कर खड़ा हो गया। शहर की चमकीली लाइट उसके तीखे दोषरहित नैन नक्श पर पड़ रही थी और किसी के लिए भी उस पर से नज़र हटा पाना मुश्किल था।
"हैलो, अमर, मुझे एक लड़की को ढूँढने में मदद करो"।
_______________________(फ्लैश बैक एंड )
(फ्लैशबैक रीड करने के बाद आप सब समझ ही गए होगे की अनजान आदमी कौन हो सकता है अगर नही समझे तो आगे की कहानी में समझ ही जाओगे।)
अनजान शख्स के मुलकात से कुछ घंटे पहले,
मुंबई में,
सपनो का शहर,
जब कार अपने रास्ते से ,मेहरा विला, पर पहुंँची तो आरना उस में से उतरी। उसने बहुत बड़ा-सा धूप का चश्मा पहना हुआ था जो उसकी नाक पर बहुत फ़ब रहा था, और उसका केवल आधा ही नाज़ुक चेहरा दिख रहा था। उसके रेशमी बाल उसके कंधे के ऊपर थे, जो कि उसके सुर्ख लाल होठों और सफ़ेद दांतों की शोभा बढ़ा रहे थे।
उसे डर था कि उसकी फोटो न खींच ली जाएँ। न केवल वो मेयर की लाड़ली बेटी थी बल्कि मुंबई की सबसे सुंदर लड़की के लिस्ट में आती थी। जब उसने तीन साल पहले पहली बार मॉडलिंग और एक्टिंग किया था, उसकी आकर्षक काया और उसके एक्टिंग की कला चमकने लगी थी जिससे बाकी एक्ट्रेस उसकी काबलियत के कारण फीकी पड़ गईं। उसको बहुत जल्दी फेम ( प्रसिद्धि) मिल गई, यहाँ तक किउसे अभी दो महीने पहले ही "सर्वश्रेष्ठ एक्ट्रेस पुरस्कार" भी मिला था।
आरना को आम परिस्थियों में वो अपने घर तक को न छोड़ती, अगर मिया खन्ना उसे मेहरा विला में आने का मैसेज न देती।
मेहरा विला का मालिक समर मेहरा(आरना का मंगेतर)था।मेहरा परिवार ने उन्हें यह विला शादी में तोहफे के तौर पर दिया था, जिससे कि उनके पास शादी के बाद रहने की जगह हो।
तीन साल पहले, समर मेहरा अपने बिजेनेस के लिए दूसरे शहर में रह रहा था, और बस एक हफ़्ते पहले ही लौटा था।
मिया ने उसे मेहरा के विला में क्यों बुलाया था?
उसके मन में कहीं वहम तो आ रहा था।
चाभी निकालते हुए उसने विला के सामने वाला दरवाज़ा खोला। वो एक दम से रुक गई, हैरान रह गई जैसे ही उसने अंदर झाँका, उसका पूरा शरीर कांँपने लगा।
विला के कमरे में, समर ने एक सुंदर लड़की को दीवार से सटा कर पकड़ा हुआ था, दोनों के शरीर लिपटे हुए थे और वो उसे बिना रुके लगातार किस कर रहा था।
वो लड़की कोई और नही मिया खन्ना थी।
उसकी माँ मीता का उसके पिता, मेयर रमेश से 18 साल पहले तलाक़ हो चुका था।रमेश ने दूसरी औरत से शादी कर ली थी और उनका एक बेटा था, जबकि मीता ने संजय खन्ना से शादी कर ली थी, जिससे उनकी बेटी थी मिया खन्ना।
हालाकि उसकी दिल पिघला देने वाली सुंदरता और यश को देख कर यह मानना मुश्किल था कि आरना एक अनचाही औलाद थी और उसे एक गेंद की तरह परिवार से अलग कर दिया था। वो केवल उसकी दादी थीं जिन्होंने उसे इस तरह बड़ा किया था और बनाया जो कुछ भी वो आज तक बन पाई थी।
मिया ने एक लंबे पैसीनेट किस के बाद अपना शर्माता हुआ चेहरा समर की बाहों में छुपा लिया। "आह समर, यह सही नहीं है। तुम मेरी बहन के मंगेतर हो, उसे अगर हमारे रिश्ते के बारे में पता चला तो वो सचमुच बहुत नाराज़ होगी।"
समर ने प्यार से मिया के सिर को सहलाया और बोला, "मिया, वो तुम थीं जो मेरे साथ इंदौर में तीन साल से रह रहीं थीं। वो तुम ही हो जिससे में प्यार करता हूँ। निश्चिंत रहो, में अपनी सगाई तोड़ दूंँगा।"
"पर मेरी बहन का राइजिंग एंटरटेनमेंट में 10% का हिस्सा है…"
समर के हसीन चहरे पर उदासी के भाव दिखे। "चिंता मत करो, मैं उससे उस हिस्से को वापस लेने का कोई तरीका निकाल लूँगा"।
"आह समर, तुम बहुत ही बुरे हो, मेरी बहन बहुत नादान है।"
और फिर वो एक दूसरे को पगलों की तरह चूमते रहे, एक दूसरे में खोए हुए।
आरना की आँखे चौड़ी हो गईं और, और उस समय वो केवल बेइंतेहा दर्द और नफ़रत को महसूस कर सकती थी। उसने पिछले तीन साल बहुत सब्री के साथ समर की वापसी के लिए बिताये थे। उसने कभी नहीं सोचा होगा कि मिया के साथ इतने गहरे लव रिलेशन बना कर समर उसे इस तरह धोखा देगा।
तीन साल पहले वो मिया को सबूत की कमी के कारण सज़ा नहीं दे पाई थी। न केवल मिया को इस बात का कोई भी अफसोस था, बल्कि उसने उसके मंगेतर को भी लुभाया। वो धोखेबाज़ घटिया लड़की! (3 साल पहले मिया ने ही गुंडों को उसके पीछे भेजा था और उसके ड्रिंक में ड्रक्स मिलाया था।)
पहले तो, आरना अंदर जा कर उनकी पोल खोलना चाहती थी। पर, इसके बारे में थोड़ा और सोचने पर अपने इस दर्द और बेइज़्ज़ती को थोड़ा और सहने का फैसला लिया।मिया ने उसे जानबूझकर मैसेज भेजा था। आरना जल्दबाज़ी करके अपने आप को एक छोड़ी हुई लड़की दिखा कर उन्हें किसी तरह की खुशी नहीं देना चाहती थी।
उसने अपना फोन निकाला और उन दोनों को एक-दूसरे को किस करते हुए का वीडियो बना लिया।
Coming soon in next chapter....