Chapter 127
तेरे बिन - Chapter 127
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वही तारा जब सूरज से मिलने जाती तो हमेशा चांदनी को अपने साथ ले जाती । तब चांदनी को देखकर सूरज को भी जैसे एक सुकून सा मिलता था क्योंकि तारा और सूरज दोनों ही चांदनी से संगे मां-बाप की