तू जख्म तू ही मरहम Ch. 2

तू जख्म तू ही मरहम - Chapter 2

Posted by Author Dream Girl✍️. • Mar 31, 2026 07:13 PM

पंछी ने फिर गाड़ी के शीशे पर खटखटाते हुए कहा" अरे कौन है भाई अंदर क्या तुम्हें हमारी बातें सुनाई नहीं दे रही है। घुसपैठिए कहीं के, कब से अंदर घुस के बैठे हो। हमसे डर गए क्या, जो बाहर नहीं आ रहे,

पंछी ने इधर-उधर देखा। वहां पर पूरा सुनसान था। उसने गहरी सांस लेते हुए कहा" क्या करूं इसके अंदर कौन है। कुछ समझ नहीं आ रहा। यह गाड़ी अपने से चलकर तो यहां तक नहीं आई होगी। जरूर कोई ना कोई तो अंदर बैठा होगा। लेकिन इसके अंदर जो भी हो वह बहरा जरूर है। तभी तो उसे हमारी बातें सुनाई नहीं दे रही।

पंछी ने एक बार फिर से गाड़ी के शीशे पर अपनी उंगली से खटखटाते हुए कहा" देखो तुम जो कोई भी अंदर बैठे हो। इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। तुम कौन हो कहा से आए थे। और भाड़ में ही जाओ। तुम्हें बाहर नहीं आना तो कोई बात नहीं तुम्हारी वजह से हमें बहुत चोट लग गई है। तो इसका बदला तो हम लेकर ही रहेंगे। ना तो अब इसका बदला तुम्हारे इस गाड़ी को चुकाना होगा।

पंछी ने इधर-उधर देखा। सड़क के किनारे एक बड़ा सा पत्थर था। उसने उस पत्थर को अपने हाथों में उठाया। और जैसे ही गाड़ी के शीशे पर मरने ही वाली थी। तभी वह जल्दी से दो कदम पीछे हो गई, और एक बार फिर से कदम लड़खड़ाने की वजह से नीचे गिर गई,

पंछी गुस्से में नीचे से उठी। और जैसे ही गाड़ी के शीशे पर वह पत्थर मारने वाली थी। कि तभी उसने अपने हाथ रोक लिए,

तभी दूसरी तरफ का कार का डोर खुला। और किसी ने अपना पहला कदम बाहर रखा। जिसके पैरों में चमचमाती हुई जुते थे। और फिर उस शख्स ने दरवाजे पर अपना हाथ रखा। और पूरे एटीट्यूट से कार से बाहर आ गया।

पंछी उस इंसान को नीचे से ऊपर तक देखते हुए अपने नजरे ऊपर पहुंचाने लगी। उसने खुद से कहा" अबे हमारे माधवगढ़ में कौन बिलेनियर आ गया।

पंछी ने जैसे ही उस इंसान का चेहरा देखा। तो उसका मुंह खुला का खुला रह गया। उसने धीरे से कहा" ऊई मां यह तो हीरो से भी ज्यादा हैंडसम है। लेकिन भगवान जी ने इनको कुछ ज्यादा ही लंबा बना दिया। यह तो हमसे इतने लंबे हैं। कि हमें अपनी पूरी मुंडी ऊपर करके इन्हें देखनी पड़ रही है।

पंछी के सामने खड़ा शख्स वह पंछी को गौर से ऊपर से नीचे तक देख रहा था। इस वक्त उसने अपने आंखों पर ब्रांडेड गॉगल्स लगाया था। और ब्रांडेड ब्लैक थ्री पीस सूट में वह काफी ज्यादा हैंडसम लग रहा था। पर उसके चेहरा भावहीन था।

पंछी उस इंसान के सामने एक छोटी सी बच्ची लग रही थी। जो लगभग उसके कंधे तक ही आ रही थी। उस इंसान ने अपनी आंखों पर से गॉगल्स हटाया। और पंछी को गुस्से में घूरने लगा।

तो क्या चपड़ चपड़ कर रही थी तुम, जरा अब मेरे सामने बोल कर दिखाओ। उस इंसान ने दांत पीसते हुए कहा"

तो पंछी ने भी तुनक कर जवाब में कहा" क्यों हमने जो कहा वह आपको सुनाई नहीं दिया। आपका कान खराब है जो आप हमसे दोबारा से पूछ रहे हो।

... You idiot girl...तुमसे जितना कहां है ना उतना ही कहो उल्टा जवाब देने की जरूरत नहीं है। उस शख्स ने पंछी की तरफ अपनी उंगली पॉइंट करते हुए कहा"

तो पंछी ने उसकी उंगली को नीचे करते हुए कहा" सबसे पहले तो अपनी उंगली नीचे रखकर हमसे बात कीजिए, और दूसरी बात अपनी अंग्रेजी का ठेला आप कहीं और जाकर लगाइएगा। यहां कोई नहीं खरीदेगा।

पंक्षी का जवाब सुनकर उस शख्स ने अपनी मुठिया कस ली। उसने दांत पीसते हुए कहा" तुम 2 फीट की लड़की तुम्हारी जबान कितनी लम्बी है।

जबान का तो हमें नही पता, पर हम 2 फीट की नहीं है। हमारी हाइट पुरे 5 फीट 4 इंच हैं। पंक्षी ने मुस्कुराते हुए कहा"

पंक्षी का जबाब सुनकर उस शख्स का गुस्सा बड़ गया। उसने गुस्से में कहा" तुम जानती भी हो तुम अपनी यह लंबी जवान किसके सामने चला रही हो। 2 मिनट नहीं लगेंगे मुझे तुम्हारी जवान काट के कुत्तों को खिलाने में,

उस आदमी की बातें सुनकर पंछी का गुस्सा बढ़ गया था। उसने अपने सामने खड़े आदमी को ऊपर से नीचे तक देखा। और टोन मारते हुए कहा" पर आप तो अच्छे खासे इंसान दिख रहे हो। आप हमें कुत्ते नजर नहीं आ रहे,

पंक्षी ने उस इंसान को गुस्सा दिलाने का काम कर रही थी। ऊपर से पंछी ने उस इंसान को कुत्ता बोल दिया था। जिसे सुनकर उस शख्स का गुस्से से पारा हाय हो गया था। उसने गुस्से से गरजते हुए कहा... How dare you...2 फुट तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे कुत्ता कहने की,

अच्छा हमें माफ कर दीजिएगा। हमें सोचने में थोड़ी गलती हो गई, शायद अपने कुत्ते पाल रखे होंगे, आपको अपने कुत्तों को खाना खिलाने के लिए कुछ नहीं मिल रहा जो हम बेचारी पर जुल्म करना चाहते हो। हमारी जवान काटकर, आप हमें हाथ तो लगा कर दिखाओ हम आपके हाथ तोड़ देंगे,

... Seriously...मतलब तुम दो फीट की लड़की मेरा हाथ तोड़ोगी। तुम जानती भी हो तुम किसी धमकी दे रही हो। अंश ठाकुर नाम तो सुना ही होगा। उस इंसान ने पंछी की तरफ देखकर सख्त लहजे में कहा"

नहीं हमने तो यह नाम आज पहली बार सुना है। क्यों आप कहीं के प्रधानमंत्री हो। पंछी ने हंसते हुए कहा" उसकी हंसी अंश को चिढ़ा रही थी। उसे और ज्यादा गुस्सा आने लगा।

उस गाड़ी में से एक लड़का जो लगभग 27 साल का था। और देखने में काफी हैंडसम था। वो बाहर निकल कर आया। और वह पंछी और अंश को देखने लगा। वह लड़का हैरानी से अंश को देख रहा था। यह पहली बार था जब अंश आज किसी की बातों का जवाब दे रहा था।

यह हमारी कहानी का हीरो अंश ठाकुर था जितना बड़ा नाम उतना बड़ा रुतबा था। इसकी शख्सियत ही अलग थी। मुंबई का टॉप बिजनेसमैन एक बिजनेस टाइकून, ठाकुर अंपायर का ओनर उसके अंदर काफी सारे वर्कर्स काम करते थे।

जिसके बिजनेस के चर्चे देश-विदेश में भी फैले हुए थे। जहां एक तरफ सब इन्हें बिजनेस टाइकून के नाम से जानते थे। तो वही उनकी दूसरी तरफ एक और पहचान थी। और उसे पहचान से पूरी दुनिया अनजान थी।

अंश ठाकुर एक रॉयल फैमिली का इकलौता बारिश, बेहद गोरा रंग उस पर हल्की ब्राउन कलर की बीयर्ड, जो उसे और भी ज्यादा हैंडसम बनती थी। उसके काली गहरी आंखें जो इस वक्त गुस्से की वजह से हल्की लाल हो गई थी।

उम्र 27 साल, हाइट 6 फीट 2 इंच के लगभग थी। माथे पर सलीके से सेट किए हुए बाल थे। सिक्स पैक्स एप्स जो उसने जिम में बहुत ही मेहनत करके बनाए थे। और यह उसकी थ्री पीस सूट से बाहर की तरफ साफ झलक रहा था। हल्के गुलाबी और सख्त होंठ, दिखने में बहुत ही ज्यादा हैंडसम है। लेकिन उससे ही ज्यादा घमंडी मगरूर और एटीट्यूट भरा इंसान,

अंश तुम क्या कर रहे हो इस बच्ची से लड़ रहे हो। चलो यहां से वैसे भी हमें लेट हो रहा है। उस लड़के ने अंश की तरफ देखते हुए कहा"

तो अंश ने उस लड़के की तरफ देखकर अपने हाथों से उसे चुप रहने का इशारा किया। और फिर उसने पंछी की तरफ देखते हुए कहा" इन गांवों के गरीबों से कैसे निपटना है। यह मैं बहुत अच्छी तरह जानता हूं, इसे लगता है कि यह मेरी गाड़ी के सामने आकर खड़ी हो जाएगी। और झूठी एक्सीडेंट का नाटक करके मुझे पैसे ठगने की कोशिश करेगी। तो क्या मैं इसकी साजिश में कामयाब होने दूंगा यह इसकी गलतफहमी है।

क्या कहा आपने हम आपसे पैसे ठगने की कोशिश कर रहे हैं। क्यों अपनी बेइज्जती अपने मुंह से कर रहे हैं आप, हम गरीब जरूर हैं पर बहुत इज्जतदार है। अपने यह पैसे का धोस आप किसी और को दिखाएगा। एक तो आपने हमें अपनी गाड़ी से जोर से टक्कर मार दी। हमें सच में चोट लगी लेकिन हमने पैसे ठगने का नहीं कहा, और ना ही सोचा तो आप भी हमारे बारे में ऐसा नहीं कह सकते हैं। पंछी ने अंश की तरह देखकर गुस्से में कहा"

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पहली मुलाकात में ही इन दोनों के बीच इतना बड़ा झगड़ा हो गया आगे क्या करेंगे यह दोनों, यह तो वक्त ही बताए चले पढ़कर लाइक और कमेंट कर दीजिएगा, और बताइएगा आपको यह न्यू स्टोरी कैसी लग रही है,

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