Chapter 115
Chapter 115
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अब आगे:- अगस्त्य की बात सुनकर करिश्मा जी समेत वहाँ मौजूद हर कोई सन्न रह गया। सब हैरानी से जय जी की तरफ देख रहे थे। करिश्मा जी घबराकर बोलीं, "हे भगवान! आपका दिमाग ठिकाने पर तो है रा