Love Trap Ch. 2

Love Trap - Chapter 2

Posted by Riya Sharma • Mar 12, 2026 01:29 PM

युग ने शंभू को घूरा और कहा... जाओ यहां से और मुझसे बिना पूछे रूम में दोबारा मत आना...." युग के इतना बोलते ही शंभू तुरंत वाह से चला गया, शंभू के जाते ही युग ने उस लड़की को देखा और वहीं पास में रखे सोफे पर बैठ गया,.... उसकी आंखो में अब नींद बिलकुल नही थी, वो लगातार एकटक उस लङकी को देखे जा रहा था!" और इन सब से बेपरवाह होकर वो लड़की आराम से गहरी नींद में सोई हुई थी!" युग ने उस लड़की को देखा और पास में रखी एक बुक उठा के पढ़ने लगा, बुक पढ़ते पढ़ते उसकी कब आंख लगी उसे पता ही नही चला....!"

अगली सुबह..... खिड़कियों से आती धूप जब सीधे युग पर गई तो उसकी आंख खुल गई, युग ने उठते ही टाइम देखा तो सुबह के सात बज गए थे, उसने एक नजर उस लड़की को देखा जो अभी भी सो रही थी, युग सोफे से उठा और बड़बड़ाते हुए रूम से बार निकल गया...." अजीब लड़की है, दूसरे के घर में भी बड़े चैन से सोई हुई है!" इतना बोलते हुए युग अपने रूम में आ गया था, उसने रूम में आकर अलमीरा से अपने कपड़े लिए और वाशरूम में चला गया!"

" तो वाही उस रूम में लेटी हुई उस लड़की के हाथो मे हल्की सी हलचल हो रही थी, उस लङकी ने अपनी आंख खोली और धीरे से लेटे हुए ही उस कमरे को देखने लगी, वो धीरे से उठी और बेड पर टिकते हुए चारो और देखकर खुद से ही बोलने लगी..." मैं... मैं.... यहां... कोन लेकर आया हैं यहां, इतना बोल उस लड़की ने अपने सर पर हाथ रख लिया था, उसने जेसे ही अपने सर पर पट्टी देखी तो वो लड़की जल्दी से बेड से उतरी और सामने लगे आईने के सामने खड़ी हो गई...." दूध जैसा गोरा रंग, जिस पर पिंक कलर का दुल्हन का जोड़ा " बालो का जुड़ा जो की बिलकुल खुल चुका था, माथे पर पट्टी, मोटी मोटी आंखे, सुर्ख गुलाबी होठ...." नैन नक्श भी काफी अच्छे थे इस लड़की के, और सबसे कमाल थी इसकी आंखे..." एक अलग ही भाव था इसकी आंखो मे!" उस लड़की ने काफी देर तक खुद को देखा और अपने पास रखे अपने दुप्पटे को उठाया और रूम से बाहर आ गई, वो बाहर निकल के एक एक चीज को बड़े ध्यान से देख रही थी!" तभी उसकी नजर सीढ़ियों के पास रखे बहुत प्यारे फ्लावर पर गई जो की टेबल पर यूंही रखा हुआ था, उस लड़की ने उस फ्लावर को हाथ में लिया और उसे देखने लगी, उसने उसे पास ही रखे फ्लावर पॉट में लगा दिया!" उसने जेसे ही फ्लावर लगाया की तभी उसके कान में युग की आवाज आई...!"

" ये तुम क्या कर रही हो...?" युग जो की रेडी होकर बाहर ही आया था अचानक से उसकी नजर उस लड़की पर गई तो वो उसके पीछे आकर खड़ा हो गया!" उस लड़की ने युग की आवाज सुनी और पीछे पलट के देखा तो युग खड़ा हुआ था, उसने युग को एक नजर देखा, गोरा रंग, एकदम फिट बॉडी, ब्राउन आंखे, 6’फिट हाइट, ब्लू जींस और साथ में ब्लैक शर्ट युग इन सब में बहुत हैंडसम लग रहा था!" वो लड़की अभी भी युग को देख रही थी, युग ने उसे देखा और उसके आगे चुटकी बजाते हुए कहा..." कुछ पूछा है मेने तुमसे...? तुम यहां क्या कर रही हो?" युग का सवाल सुनकर उस लड़की ने युग से नजरे हटाई और कहा.." हमे नही पता हमे यहां कोन लाया है सच्ची... कसम से" उस लड़की ने अपने गले पर हाथ रख कर कसम खाते हुए कहा" ये सब बोलते हुए वो बहुत प्यारी और मासूम लग रही थी!"

युग ने उस लड़की को देखा और एक गहरी सांस लेकर कहा..." मैं ही लाया था तुम्हे, कल तुम मेरी बाइक के आगे बेहोश हो गई थी, अभी कैसी है तबीयत...?" युग ने जेसे ही ये सब बताया उस लड़की ने युग की और देखा और कहा..." धन्यवाद आप का !" अभी हम ठीक है,! इतना बोल वो लड़की चुप हो गई उसने अपनी नजरे नीची की और अपने दुप्पटे को अपने हाथो से पकड़ने लगी, युग उसकी एक एक हरकत देख रहा था, ! उसने अपने दो कदम पीछे लिए और कहा..." नीचे आ जाओ चलकर नाश्ता कर लो!" उस लड़की ने युग को देखा तभी युग ने भी उसे देखा तो उस लड़की ने वापस से अपनी नजरे नीची कर ली!" युग वाह से दो कदम ही चला था की वो अचानक रुका और उस लड़की की और पलटते हुए बोला" तुम्हारा नाम क्या है, और तुम कहा से हो बताओ मैं तुम्हे तुम्हारे घर छोड़ आऊंगा...!"

" कनक.... कनक नाम है हमारा! " कनक ने बड़े प्यार और आराम से अपना नाम बताया और चुप हो गई, युग ने भी इसे आगे उससे कुछ नही पूछा था, वो नीचे चला गया था, युग के जाते ही उस लड़की ने अपने सीने पर हाथ रखा और धीरे से खुद से कहा..." ओह गॉड इस इंसान के सामने तो सांसे ही रुक गई थी, लग रहा था, जेसे सांस भी ली तो मारे जायेंगे!" इतना बोल वो लड़की वाह से नीचे आई ,वो अभी भी पूरे घर को देख रही थी, घर ज्यादा बड़ा तो नही था, लेकिन इसे छोटा भी नही बोल सकते थे, एक एक चीज बडी कीमती थी, और साथ ही सलीके से राखी हुई थी, कनक अभी भी चारो और देख रही थी, की तभी उसे युग दिखाई दिया जो की डाइनिंग टेबल पर बैठा पेपर पढ़ रहा था!" कनक ने हिम्मत की और धीरे धीरे डाइनिंग टेबल के पास आकर खड़ी हो गई, उसे समझ ही नही आ रहा था की वो कहा बैठे वो बस इंतजार कर रही थी तो युग के बोलने का...!" लेकिन युग का ध्यान सिर्फ न्यूज पेपर मे था, तभी शंभू ने लाकर बाउल को टेबल पर रखा और कनक की और देखकर कहा..." भाभी आप यहां बैठिए ना...!" कनक ने जेसे ही भाभी सुना तो उसने शंभू को देखा और जेसे ही कुछ बोलने को हुई की उसकी नजर युग पर गई जो शंभू को ही घूरे जा रहा था!"

To be continue......

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