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Chapter 40

तेरे जिस्म की तलब - Chapter 40

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ऑफिस के बाहर बारिश हो रही थी। अंदर… खामोशी। रुद्राक्ष की आँखों में वो पल बार-बार लौट रहा था। चटाक। कनक का हाथ। उसकी आँखों का आक्रोश। और पूरे ऑफिस का सन्नाटा। वो माफिया किंग था। लोग

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