Chapter 158
अनचाहा गठबंधन ✨ - Chapter 158
सारा गाल पर हाथ रखकर खड़ी थी। काफी कुछ सोचा-समझा, लेकिन फिर भी ख़ामोश थी, क्योंकि जो अभी-अभी हुआ था, उसे पचाना थोड़ा भारी हो रहा था।
अब आगे ....
सारा हैरान खड़ी थी तभी विशाखा ने सारा का हाथ पकड़कर उसे अपने सामने खींचा और गुस्से में बोली,
“तुम इतना बड़ा नाटक करोगी मेरे साथ? मुझे पता ही नहीं था अगर आज इवान इन लोगों को न लाता तो मुझे कभी पता ही नहीं चलता कि तुम किस तरह की लड़की हो मुझे खुद पर शर्म आ रही है मैने तुम्हे अपने बेटे के लिए चुना था ।
विशाखा के कहते ही सारा उन्हें गौर से देखने लगी उसे वो विशाखा नजर नहीं आई जो पहले थी बल्कि ये तो कोई ओर है सारा हैरानी से बोली,
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